सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने 2,929.05 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में रिलायंस Communications (RCom) के दो सीनियर अधिकारियों को गिरफ़्तार किया है। मिली जानकारी के अनुसार, जाँच एजेंसी ने अनिल डी. अंबानी के नियंत्रण वाली कंपनी M/s रिलायंस Communications के डी विश्वनाथ और अनिल कालिया को गिरफ़्तार किया है। एजेंसी के मुताबिक, इन दोनों ने संकटग्रस्त टेलीकॉम कंपनी के कॉर्पोरेट फ़ाइनेंस और बैंकिंग कामकाज को संभालने में अहम भूमिका निभाई थी। जाँच एजेंसी ने बताया कि आरकॉम के जॉइंट प्रेसिडेंट डी विश्वनाथ ग्रुप के बैंकिंग कामकाज के पूरे इंचार्ज थे, और उन्हीं के निर्देशों पर पैसों का गलत इस्तेमाल किया गया। आरोपी कंपनी को लोन और अन्य सुविधाएँ मंज़ूर करवाने और उन्हें जारी करवाने के लिए वे बैंकों के साथ तालमेल बिठाते थे। एसबीआई की शिकायत पर सीबीआई ने रिलायंस Communications Limited, अनिल डी. अंबानी और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ एक मामला दर्ज किया था। आरोप यह था कि बैंक ने आरोपी कंपनी को क्रेडिट सुविधाएँ मंज़ूर की थीं, लेकिन आरोपी कर्ज़दारों की धोखाधड़ी वाली हरकतों के कारण, इस सरकारी बैंक को लगभग 2929.05 करोड़ रुपये का गलत नुकसान उठाना पड़ा।
कोर्ट ने रिलायंस ग्रुप के पूर्व अधिकारियों को 5 दिन की ईडी हिरासत में भेजा
गुरुवार को इससे पहले, दिल्ली की एक कोर्ट ने रिलायंस Anil Ambani Group (RAAG) के पूर्व सीनियर अधिकारियों अमिताभ झुनझुनवाला और अमित बापना को, कथित बैंक लोन धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में, पांच दिन की ED हिरासत में भेज दिया। 24 पन्नों के इस आदेश में कहा गया है कि ED को पता चला है कि लोन की रकम कथित तौर पर उन शेल कंपनियों में भेजी गई थी, जिन्हें यह ग्रुप खुद "कंट्रोल" करता था।
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