Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में बड़ा विमान हादसा, जशपुर की पहाड़ियों में क्रैश हुआ प्राइवेट प्लेन
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह विमान काफी नीचे उड़ता हुआ दिखाई दिया था, जिसके बाद पहाड़ियों की तरफ से धुएं का गुबार उठता नजर आया। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया है। कलेक्टर और एसपी मौके के लिए रवाना हो गए हैं। फिलहाल हादसे से जुड़ी पूरी जानकारी का इंतजार किया जा रहा है
TB Causes: 20-40 उम्र के युवाओं में तेजी से बढ़ रहा टीबी, जानें इसके बड़े कारण
TB Causes: आज के समय में टीबी यानी ट्यूबरकुलोसिस के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है और यह अब यह एक बड़ी स्वास्थ्य चिंता बनती जा रही है, खासकर शहरों में रहने वाले युवाओं के बीच. पहले यह बीमारी ज्यादा उम्र के लोगों या कमजोर आर्थिक स्थिति वाले लोगों में ज्यादा देखने को मिलती थी, लेकिन अब 20 से 40 साल के युवाओं में भी तेजी से सामने आ रही है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, इसकी बड़ी वजह शहरों की जीवनशैली, कमजोर इम्यूनिटी और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में ज्यादा समय बिताना है.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
एशियन अस्पताल के डायरेक्टर एवं हेड, रेस्पिरेटरी, क्रिटिकल केयर और स्लीप मेडिसिन डॉ. मानव मनचंदा बताते हैं कि टीबी एक संक्रमण है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है, लेकिन जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर होती है, उनमें यह शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है. आजकल के युवाओं में तनाव, अनियमित दिनचर्या और खराब खानपान के कारण इसका खतरा बढ़ रहा है.
युवा क्यों हो रहे हैं ज्यादा प्रभावित?
एक्सपर्ट कहते हैं कि शहरों में रहने का तरीका पूरी तरह बदल चुका है. लंबे समय तक काम करना, नींद की कमी, जंक फूड खाना और शारीरिक गतिविधि की कमी. ये सभी बातें शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देती हैं. इसके अलावा, ऑफिस, मेट्रो और आस-पास रहने की जगहों जैसे भीड़-भाड़ वाले स्थानों में रहने से टीबी जैसे संक्रमणों का खतरा अक्सर बढ़ जाता है. टीबी हवा के जरिए फैलने वाली बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से फैलती है.
कैसे फैलता है टीबी?
डॉक्टर के अनुसार, टीबी के बैक्टीरिया हवा के जरिए फैलते हैं. अगर आप लंबे समय तक किसी संक्रमित व्यक्ति के साथ बंद या कम हवादार जगह में रहते हैं, तो संक्रमण का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है.
टीबी के शुरुआती लक्षण
टीबी को नियंत्रित करने में सबसे बड़ी समस्या यह है कि लोग इसके शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं. कई बार सामान्य सी खांसी, थकान और तनाव भी टीबी के लक्षण होते हैं.
मुख्य लक्षण इस प्रकार हैं-
- दो हफ्ते से ज्यादा समय तक लगातार खांसी
- खांसी में खून आना
- तेजी से वजन कम होना
- बुखार और रात में पसीना आना
- लगातार थकान और कमजोरी
टीबी में इम्यूनिटी का अहम रोल
टीबी से बचाव करने में मजबूत इम्यूनिटी बहुत जरूरी होती है, लेकिन आज की जीवनशैली इसे कमजोर कर रही है. लगातार तनाव, पोषण की कमी, नींद पूरी न होना और शारीरिक गतिविधि की कमी ये सभी कारण हमारे शरीर की इम्यूनिटी को कमजोर कर रही है. डॉ. मनचंदा कहते हैं कि आजकल युवा अपनी सेहत से ज्यादा काम को प्राथमिकता दे रहे हैं. इस असंतुलन की वजह से इम्यूनिटी कमजोर होती है और वे टीबी जैसी बीमारियों के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो जाते हैं.
शहरी जीवनशैली का असर
शहरों में रहने की कई आदतें टीबी के खतरे को बढ़ाती हैं, जैसे-
- वायु प्रदूषण फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है
- लंबे समय तक बैठे रहने वाली नौकरी
- फास्ट फूड और प्रोसेस्ड डाइट
- भीड़-भाड़ वाले वातावरण में रहना
बचाव के उपाय
- संतुलित और पौष्टिक आहार का सेवन करें
- रोजाना 7-8 घंटे की नींद लें
- नियमित व्यायाम करें
- घर और ऑफिस में अच्छी वेंटिलेशन रखें
- भीड़-भाड़ वाले इलाकों में मास्क पहनें
- लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
समय पर पहचान जरूरी
टीबी का इलाज लंबे समय तक चलने वाली दवाओं से होता है. अगर बीच में दवा छोड़ दी जाए, तो दवा-प्रतिरोधी टीबी हो सकती है, जिसका इलाज और कठिन होता है. डॉक्टर कहते हैं कि अगर आपको लंबे समय तक खांसी, वजन कम होना या बुखार जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इन्हें नजरअंदाज न करें. समय पर जांच और सही इलाज से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि युवाओं में बढ़ते टीबी के मामले एक चेतावनी हैं कि हमें अपनी जीवनशैली पर ध्यान देने की जरूरत है. सही खानपान, मजबूत इम्यूनिटी और समय पर इलाज के जरिए इस बीमारी से बचाव संभव है.
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