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US-Iran War: ईरान के वार्ता से मना करने पर ट्रंप के सामने मुनीर गिरगिड़ाए, फोन पर बात करके मांगी ये रियायत
US-Iran War: मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने अमेरिका की कड़ी शर्तों को मानने से साफ इनकार कर दिया था. इसके बाद मिडिल ईस्ट में हालात और खराब हो गए. अब ईरान दूसरे दौर की वार्ता से साफ इनकार कर दिया है. इस बीच अमेरिका ने भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक ईरानी जहाज पर अटैक किया है. इस हमले के बाद तेहरान ने भी अमेरिका को करारा जवाब देते हुए उसके सैन्य जहाज पर ड्रोन अटैक किया है. इन हालात को देखकर पाकिस्तान की हालत पतली हो चुकी है. अब घबराए जनरल मुनीर ने सीधे ट्रंप को फोन मिलाकर होर्मुज की नाकेबंदी हटाने को लेकर गुहार लगाई है. इस पर ट्रंप ने दोबारा विचार करने की बात कही हैं. दरअसल, होर्मुज के बंद होने के बाद से पाकिस्तान में तेल संकट का दौर जारी है. पाकिस्तान में महंगाई चरम पर है और रास्ते के ब्लॉक होने के बाद पाकिस्तान को बड़ा नुकसान हो सकता है.
ट्रंप ने किया ईरानी जहाज को जब्त करने का दावा
आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के करीब अमेरिका की ओर से लगाई गई नौसैनिक नाकेबंदी को पार करने का प्रयास कर रहे ईरानी ध्वज वाले मालवाहक जहाज को ओमान की खाड़ी में रोक लिया गया. इसके बाद जब्त भी कर लिया. इस पर ईरान काफी खफा हो गया. उसने इसे "सशस्त्र समुद्री डकैती" बताई है. इसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हुए ईरानी नौसेना ने ड्रोन हमला कर दिया.
ईरान ने दिखाया ठेंगा, मुनीर के छूटे पसीने
पाकिस्तान का प्रयास था कि वह ईरान को अमेरिका की ‘परमाणु शर्तें’ मानने के लिए राजी कर लें. मगर तेहरान अपनी जिद पर अड़ा है. ईरान ने साफ किया कि जब तक अमेरिका होर्मुज की खाड़ी से अपनी नौसेना नहीं हटाता और पाबंदियां खत्म नहीं करता, वह एक इंच पीछे हटने को तैयार नहीं है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जनरल मुनीर ने ट्रंप से बातचीत करते हुए उन्हें समझाने का प्रयास किया. होर्मुज की नाकेबंदी ही बातचीत में सबसे बड़ी रोड़ा बनकर उभरी है. मनीर ने कहा, ‘जब तक नाकेबंदी रहेगी, बातचीत आगे नहीं बढ़ पाएगी. इसे हटा लें ताकि हम ईरान को मेल पर ला पाएं’.
मुनीर को किसी तरह की कोई गारंटी नहीं दी
इस दौरान ट्रंप ने मुनीर को किसी तरह की कोई गारंटी नहीं दी. उन्होंने बस इतना कहा, “ठीक है, हम आपकी सलाह पर विचार कर रहे हैं’. कूटनीतिक भाषा में इसका अर्थ है कि इस पर विचार करेंगे. ट्रंप ने पहले ही साफ कर दिया है कि उनके पास ‘धैर्य’ की काफी कमी है. अगर बुधवार तक ईरान किसी ठोस समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करता है तो ट्रंप का ‘मैक्सिमम प्रेशर’ वाला मोड फिर से चालू हो जाएगा.
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