Lenskart Controversy: तिलक-कलावा बैन वाले विवाद पर सफाई... अचानक कंपनी ने क्यों लिया यू टर्न?
Lenskart Controversy: सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से एक खबर तेजी से वायरल हो रही थी. Lenskart कंपनी के स्टोर्स में बिंदी, तिलक और कलावा जैसे धार्मिक प्रतीकों पर रोक, लेकिन हिजाब को मंजूरी. बस फिर क्या था, विवाद ने तूल पकड़ लिया और लोगों के बीच सवालों की झड़ी लग गई. बताया जा रहा था कि कंपनी की एक गाइडलाइन में कर्मचारियों को कुछ धार्मिक पहचान दिखाने से रोका गया, जबकि कुछ को अनुमति दी गई. जैसे ही ये दस्तावेज वायरल हुआ, लोगों ने इसे लेकर नाराजगी जताई और सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई. लेकिन अब कहानी में बड़ा ट्विस्ट आ गया है. कंपनी ने इस पूरे विवाद पर यू-टर्न लेते हुए साफ कर दिया है कि अब सभी धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों को अनुमति दी जाएगी. यानी अब कर्मचारी बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, हिजाब, पगड़ी जो चाहें पहन सकते हैं. कंपनी ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने लोगों की भावनाओं को ध्यान से सुना है और अगर किसी को ठेस पहुंची है तो उन्हें इसका खेद है. साथ ही उन्होंने ये भी साफ किया कि उनकी सोच कभी किसी की आस्था को दबाने की नहीं रही.
CJI सूर्यकांत का बंगाल में 'हंटर': कलकत्ता HC से आज ही मांगी रिपोर्ट, क्या लाखों लोग नहीं दे पाएंगे वोट?
Supreme Court on West Bengal Sir: पश्चिम बंगाल के SIR मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. CJI सूर्यकांत ने कलकत्ता हाईकोर्ट से तुरंत रिपोर्ट मांगी है. ट्रिब्यूनलों के कामकाज पर सवाल उठे हैं और आरोप है कि कई लोग वोट देने से वंचित हो सकते हैं. कोर्ट का यह कदम चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है.
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