अमेरिका ने ईरानी ध्वज वाले मालवाहक जहाज को रोककर कब्जे में लिया : ट्रंप
न्यूयॉर्क, 20 अप्रैल (आईएएनएस) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी बलों ने ओमान की खाड़ी में उसकी नाकेबंदी को पार करने की कोशिश कर रहे ईरानी झंडे वाले एक मालवाहक जहाज को रोककर अपने कब्जे में ले लिया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट में लिखा, “टाउसका नामक एक ईरानी झंडे वाला मालवाहक जहाज, जिसकी लंबाई लगभग 900 फीट है और जिसका वजन लगभग एक विमानवाहक पोत के बराबर है, हमारी नौसैनिक नाकेबंदी को पार करने की कोशिश कर रहा था, और उनके लिए यह अच्छा नहीं रहा।”
ट्रंप ने आगे कहा कि एक अमेरिकी विध्वंसक जहाज ने ओमान की खाड़ी में टाउसका को रोका और “उन्हें रुकने की उचित चेतावनी दी।” “ईरानी चालक दल ने चेतावनी नहीं मानी, इसलिए हमारी नौसेना के जहाज ने इंजन कक्ष में छेद करके उन्हें वहीं रोक दिया। इस समय अमेरिकी मरीन के कब्जे में यह जहाज है।”
ताज़ा समाचार रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका द्वारा जहाज को जब्त किए जाने के जवाब में ईरान ने अमेरिकी सैन्य जहाजों पर हमला किया है।
यह घोषणा तब आई जब व्हाइट हाउस ने पुष्टि की कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान में ईरान के साथ वार्ता के दूसरे दौर के लिए एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।
तेहरान ने अभी तक अपनी भागीदारी की पुष्टि नहीं की है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, जब तक अमेरिकी नाकेबंदी जारी रहेगी, अधिकारी वार्ता में हिस्सा नहीं लेंगे।
इससे पहले, ईरान के खातम अल-अनबिया सेंट्रल मुख्यालय ने अमेरिकी “सशस्त्र समुद्री डकैती” का “जल्द जवाब” देने की चेतावनी दी थी, जैसा कि शिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने ईरान के प्रेस टीवी के हवाले से बताया।
ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी आईआरएनए ने रविवार को कहा कि देश ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित दूसरे दौर की शांति वार्ता में भाग लेने से इनकार कर दिया है, जो कथित तौर पर जल्द ही पाकिस्तान में होने वाली थी।
ट्रंप ने शुक्रवार को कहा था कि ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक दोनों देशों के बीच कोई समझौता नहीं हो जाता।
--आईएएनएस
पीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
ईरान ने अमेरिका के साथ शांति वार्ता के दूसरे दौर में हिस्सा लेने से इनकार किया
तेहरान, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने कहा है कि देश ने अमेरिका के साथ होने वाली शांति वार्ता के दूसरे दौर में शामिल होने से इनकार कर दिया है। बताया जा रहा था कि यह वार्ता जल्द ही पाकिस्तान में होने वाली थी।
एजेंसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने अंग्रेजी अकाउंट पर एक पोस्ट में कहा कि वार्ता के दूसरे दौर से ईरान की अनुपस्थिति का कारण अमेरिका की “बहुत ज्यादा मांगें, अव्यवहारिक उम्मीदें, बार-बार अपने रुख में बदलाव, विरोधाभासी बयान और समुद्री नाकाबंदी” हैं। ईरान का मानना है कि यह नाकाबंदी युद्धविराम का उल्लंघन है।
आईआरएनए ने यह भी कहा कि इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता को लेकर जो खबरें सामने आई हैं, वे सही नहीं हैं। सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने फारसी में प्रकाशित एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह जानकारी दी।
एजेंसी ने अमेरिका की ओर से आई खबरों को “मीडिया का खेल” और “दोषारोपण की रणनीति” बताया, जिसका मकसद ईरान पर दबाव बनाना है। उसने कहा कि अमेरिका की “अत्यधिक, तर्कहीन और अव्यवहारिक मांगें, बार-बार बदलता रुख, विरोधाभासी बयान और कथित समुद्री नाकाबंदी” की वजह से अब तक बातचीत आगे नहीं बढ़ पाई है।
आईआरएनए ने यह भी कहा कि मौजूदा हालात में बातचीत से किसी अच्छे नतीजे की उम्मीद बहुत कम है।
28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने मिलकर तेहरान और ईरान के कई अन्य शहरों पर हमले किए थे। इन हमलों में उस समय के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई, कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और आम नागरिक मारे गए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और मध्य पूर्व में अमेरिका के ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए और होर्मुज जलडमरूमध्य पर कड़ा नियंत्रण कर लिया।
8 अप्रैल को दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम हुआ। इसके बाद 11 और 12 अप्रैल को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच लंबी बातचीत हुई। लेकिन यह वार्ता सफल नहीं हो पाई, जिसके बाद अमेरिका ने जलमार्ग पर अपनी नाकाबंदी लागू कर दी। खबरों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच जल्द ही पाकिस्तान में एक और दौर की शांति वार्ता होने की उम्मीद थी।
--आईएएनएस
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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