वित्त वर्ष 2025-26 में भारतीय रेलवे की स्क्रैप से कमाई 6,800 करोड़ रुपए के पार
नई दिल्ली, 19 अप्रैल (आईएएनएस)। सरकार ने रविवार को बताया कि भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2025–26 में कबाड़ (स्क्रैप) बेचकर 6,813.86 करोड़ रुपए कमाए हैं, जो 6,000 करोड़ रुपए के लक्ष्य से अधिक है।
इस उपलब्धि की खास बात यह है कि स्क्रैप बेचकर कमाई (मॉनिटाइजेशन) में रेलवे ने अपने लक्ष्य को काफी हद तक पार कर लिया है।
इससे पहले 2024–25 में भी रेलवे ने 5,400 करोड़ रुपए के लक्ष्य के मुकाबले 6,641.78 करोड़ रुपए की कमाई की थी।
लगातार मिल रही यह सफलता दिखाती है कि रेलवे अपने डिपो, यार्ड और वर्कशॉप में पड़े पुराने और बेकार सामान से सही कमाई कर रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से न सिर्फ रेलवे की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है, बल्कि इससे जगह भी खाली हो रही है और रीसाइक्लिंग के जरिए पर्यावरण को भी फायदा मिल रहा है। साथ ही, पुराने सामान के निपटान की पारदर्शी व्यवस्था से कामकाज और बेहतर हुआ है।
स्क्रैप से कमाई के साथ-साथ टिकट के अलावा होने वाली आय (नॉन-फेयर रेवेन्यू - एनएफआर) भी रेलवे की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही है।
स्टेशन विकास, विज्ञापन और रेलवे की संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग से होने वाली यह कमाई पिछले पांच साल में लगातार बढ़ी है।
2021–22 में यह आय करीब 290 करोड़ रुपए थी, जो 2025–26 में बढ़कर 777.76 करोड़ रुपए हो गई, यानी करीब 168 प्रतिशत की बढ़त हुई।
सरकार ने कहा कि इस अतिरिक्त आय से रेलवे आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और यात्रियों की सुविधाओं में निवेश कर रहा है।
इनमें बेहतर स्टेशन सुविधाएं, साफ-सफाई, डिजिटल सेवाएं और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना शामिल है और यह सब बिना किराया बढ़ाए किया जा रहा है।
नॉन-फेयर कमाई बढ़ाने के लिए रेलवे ने स्टेशनों पर प्रीमियम ब्रांडेड दुकानों की शुरुआत भी की है। इसके तहत कंपनी के स्वामित्व वाली सिंगल-ब्रांड आउटलेट्स खोलने के लिए ठेके दिए गए हैं और अब तक 22 प्रीमियम ब्रांड्स को जगह दी जा चुकी है।
इन दुकानों से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और रेलवे की आय भी बढ़ेगी।
--आईएएनएस
एएमटी/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
भारत-कोरिया संबंधों को नई गति, राष्ट्रपति ली जे-म्युंग का पहली यात्रा पर गर्मजोशी से स्वागत
नई दिल्ली, 19 अप्रैल (आईएएनएस)। कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग की पहली भारत की राजकीय यात्रा को दोनों देशों के संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई दिल्ली पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, भारत की राजकीय यात्रा पर नई दिल्ली पधारे, कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग का हार्दिक स्वागत है। राष्ट्रपति ली की भारत की यह पहली यात्रा है। राष्ट्रपति ली का स्वागत कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के राज्य मंत्री, हर्ष मल्होत्रा ने किया। यह यात्रा भारत-कोरिया विशेष रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग दो देशों के दौरे पर हैं। म्युंग भारत के बाद शिखर वार्ता के लिए वियतनाम भी जाएंगे। दिल्ली आगमन के पश्चात दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने रविवार शाम को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से शिष्टाचार भेंट की। राष्ट्रपति ली जे-म्युंग सोमवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत करेंगे।
योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, पिछले साल जी7 और जी20 शिखर सम्मेलनों के दौरान हुई बातचीत के बाद यह उनकी तीसरी आमने-सामने की बैठक होगी।
कोरिया इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल इकोनॉमिक पॉलिसी (केआईईपी) में भारत और दक्षिण एशिया टीम के प्रमुख क्यूंगहून किम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, समिट से पहले कनेक्शन बनाने, विचारों को एक जैसा करने और आखिर में एजेंडा बनाने के लिए लगातार बातचीत जरूरी है। आइए देखें कि पिछले 10 महीनों में कोरियाई और भारतीय अधिकारी ठीक यही कैसे कर रहे हैं। कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी7 (जून 2025) और जी20 (नवंबर 2025) के मौके पर मिले।
उन्होंने कहा, दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून और भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर पिछले आठ महीनों में दिल्ली, कुआलालंपुर और यवेलिन्स में अपने व्यस्त शेड्यूल के दौरान तीन बार मिले। कोरिया के विदेश मंत्री, जो भारत में पहले राजदूत रह चुके हैं, से उम्मीद है कि वे संबंधों को फिर से मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए, दोनों देशों के बीच शिपबिल्डिंग और मैरीटाइम इंडस्ट्रीज, फाइनेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), और रक्षा जैसे स्ट्रेटेजिक सेक्टर में आर्थिक सहयोग का एक नया अध्याय शुरू होने की उम्मीद है। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण तेजी से बदलते भू-राजनीतिक माहौल के बीच, दोनों देश एनर्जी सप्लाई चेन पर मिलकर काम करने को तत्पर हैं।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
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