Retirement Plan: बुढ़ापे में राजा जैसी जिंदगी जीने का सीक्रेट, आज ही शुरू करें 10 हजार की जादुई SIP
Retirement Plan: इंसान अपनी पूरी जिंदगी भागदौड़ और मेहनत सिर्फ इसलिए करता है ताकि उसका और उसके परिवार का भविष्य सुरक्षित रह सके. सालों की कड़ी मेहनत और नौकरी के बाद जब रिटायरमेंट का वक्त आता है, तो हर कोई चाहता है कि वह सुकून की जिंदगी जिए. लेकिन अक्सर लोग एक बड़ी गलती कर बैठते हैं और वह है रिटायरमेंट की प्लानिंग में देरी करना. रिटायरमेंट वह समय है जब आपकी नियमित कमाई बंद हो जाती है, लेकिन खर्चे और महंगाई कम नहीं होते. ऐसे में अगर आपने पहले से कोई ठोस योजना नहीं बनाई है, तो बुढ़ापे में आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए जरूरी है कि जब आप नौकरी कर रहे हों, तभी से अपने सुनहरे भविष्य के लिए निवेश शुरू कर दें.
रिटायरमेंट की योजना में देरी पड़ सकती है भारी
ज्यादातर लोग अपनी छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करने में इतने मशगूल हो जाते हैं कि वे भविष्य के बारे में सोचना ही भूल जाते हैं. जानकारों का मानना है कि रिटायरमेंट जीवन का सबसे अहम लक्ष्य होना चाहिए, लेकिन अक्सर लोग इसे सबसे आखिरी प्राथमिकता देते हैं. निवेश के मामले में सबसे बड़ा गुरुमंत्र है जल्दी शुरुआत करना. अगर आप कम उम्र में निवेश शुरू करते हैं, तो आपको कंपाउंडिंग यानी ब्याज पर ब्याज का जबरदस्त फायदा मिलता है. भले ही आपकी शुरुआत छोटी रकम से हो, लेकिन लंबे समय में यही छोटी बचत एक बड़े पहाड़ जैसा फंड बन जाती है. देरी करने से न केवल आपको ज्यादा निवेश करना पड़ता है, बल्कि आप मिलने वाले भारी मुनाफे से भी हाथ धो बैठते हैं.
महंगाई को ध्यान में रखकर बनाएं लक्ष्य
रिटायरमेंट की प्लानिंग करते समय सबसे बड़ी चुनौती महंगाई होती है. आज जो सामान आप 50 हजार रुपये में खरीद रहे हैं, आने वाले 20 या 30 सालों में उसकी कीमत कई गुना बढ़ जाएगी. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर आज आपका मासिक खर्च 50 हजार रुपये है, तो भविष्य में इसी लाइफस्टाइल को बनाए रखने के लिए आपको करोड़ों रुपये के फंड की जरूरत होगी. अनुमान के मुताबिक, एक आरामदायक रिटायरमेंट के लिए आपके पास करीब 8 से 9 करोड़ रुपये का फंड होना चाहिए. यह सुनने में बड़ी रकम लग सकती है, लेकिन सही रणनीति और अनुशासन के साथ इसे हासिल करना मुमकिन है. आपको बस अपनी आय का एक हिस्सा सही जगह निवेश करने की आदत डालनी होगी.
एसआईपी का जादू और 8 करोड़ का फॉर्मूला
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी निवेश का एक शानदार जरिया है. अगर आप हर महीने 12 प्रतिशत के अनुमानित सालाना रिटर्न के साथ 10 हजार रुपये की एसआईपी शुरू करते हैं, तो 30 साल में आप लगभग 3 करोड़ रुपये जोड़ सकते हैं. लेकिन असली जादू तब होता है जब आप हर साल अपनी निवेश राशि में थोड़ी बढ़ोतरी करते हैं. यदि आप अपनी 10 हजार रुपये की एसआईपी को हर साल 10 प्रतिशत बढ़ाते हैं, तो यही फंड बढ़कर लगभग 8 करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकता है. यह स्टेप-अप रणनीति आपके फंड को तेजी से बढ़ाने में मदद करती है और आपकी बढ़ती आय के साथ तालमेल बिठाती है.
सही रणनीति से सुरक्षित होगा भविष्य
रिटायरमेंट के लिए निवेश करना केवल पैसा बचाना नहीं है, बल्कि यह अपने आत्मसम्मान को सुरक्षित करना है. 30 से 35 साल की नौकरी के दौरान किया गया नियमित निवेश आपको बुढ़ापे में किसी पर निर्भर नहीं होने देता. बाजार में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन लंबे समय तक निवेशित रहने वाले निवेशक हमेशा फायदे में रहते हैं. आपको अपनी जोखिम क्षमता और उम्र के हिसाब से सही म्यूचुअल फंड स्कीम का चुनाव करना चाहिए. अगर आप आज से ही अनुशासन के साथ निवेश शुरू करते हैं, तो रिटायरमेंट के बाद आपको पैसों की चिंता नहीं करनी पड़ेगी और आप अपनी बाकी की जिंदगी अपनी शर्तों पर जी सकेंगे. याद रखिए, निवेश शुरू करने का सबसे अच्छा समय 'अभी' है.
अजरबैजान के रास्ते ईरान से 300 से ज्यादा भारतीयों की सुरक्षित वापसी, आखिरी बैच से मिले राजदूत अभय कुमार
नई दिल्ली, 19 अप्रैल (आईएएनएस)। अजरबैजान के रास्ते ईरान से भारतीयों की सुरक्षित वापसी जारी है। अब तक 300 से ज्यादा नागरिकों को निकाला जा चुका है, जिनमें 189 छात्र शामिल हैं। इसी बीच ईरान ने मशहद एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें दोबारा शुरू करने का फैसला लिया है।
अजरबैजान के बाकू स्थित भारतीय दूतावास ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया, अजरबैजान में भारत के राजदूत अभय कुमार अजरबैजान के रास्ते ईरान से निकाले गए भारतीय छात्रों के आखिरी बैच से मिले। छह मार्च से अब तक अजरबैजान के रास्ते ईरान से 189 छात्रों सहित 300 से ज्यादा भारतीय नागरिकों को सुरक्षित रूप से निकाला गया है।
दो दिन पहले ही नई दिल्ली में हुई साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी देते हुए बताया था कि ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक 2,361 भारतीय नागरिकों को ईरान से सुरक्षित भारत लाया गया है। इनमें से 2,060 लोग आर्मेनिया के रास्ते और 301 लोग अजरबैजान के रास्ते आए। इन 2,361 लोगों में 1,041 भारतीय छात्र भी शामिल हैं, साथ ही तीन छात्र विदेशी (बांग्लादेश, श्रीलंका और गुयाना से एक-एक) हैं।
वहीं, रविवार को ईरान की सिविल एविएशन अथॉरिटी ने बताया है कि सोमवार से उत्तर-पूर्वी प्रांत खोरासन रजावी में मशहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इंटरनेशनल फ्लाइट्स फिर से शुरू की जाएंगी।
ईरान ने 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया था, जिससे पूरे देश में नागरिक उड्डयन सेवाएं रुक गई थीं।
एविएशन अथॉरिटी ने कहा कि जैसे ही सैन्य और नागरिक अधिकारियों की तकनीकी और ऑपरेशनल तैयारियां पूरी हो जाएंगी, वैसे-वैसे एयरपोर्ट्स पर फ्लाइट सेवाएं सामान्य होती जाएंगी।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने रविवार को यह भी संकेत दिया कि अमेरिका के साथ चल रही बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन उसने यह भी कहा कि अंतिम समझौता अभी काफी दूर है। फिलहाल दो हफ्ते का सीजफायर 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है।
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर कलीबाफ ने कहा कि तेहरान एक तरफ कूटनीतिक कोशिशें कर रहा है, लेकिन साथ ही किसी भी सैन्य टकराव के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि ईरान अपने विरोधियों पर भरोसा नहीं करता और किसी भी बढ़ते तनाव का जवाब देने के लिए तैयार है।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
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