Responsive Scrollable Menu

रूस- मौत के मुआवजे के लिए शादी कर रहीं महिलाएं:घायल सैनिकों से मैरिज के मामले बढ़े; अस्पताल और सेना पर भी मिलीभगत के आरोप

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रूस में एक नया घोटाला सामने आया है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक कुछ महिलाओं पर आरोप है कि वे युद्ध पर जाने वाले सैनिकों से जल्दबाजी में शादी करती हैं और उनकी मौत के बाद मिलने वाले सरकारी मुआवजे पर कब्जा कर लेती हैं। रूसी मीडिया और अधिकारी ऐसी महिलाओं को 'ब्लैक विडो' कह रहे हैं। रूस में हाल के महीनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें सैनिकों ने मोर्चे पर जाने से ठीक पहले या अस्पताल में मौत से पहले शादी की। इस पूरे स्कैम में अस्पताल से लेकर सेना तक पर मिलीभगत के आरोप लग रहे हैं। सबसे चर्चित मामले में एक सैन्य अस्पताल की नर्स पर आरोप लगा कि उसने इलाज करा रहे पांच घायल सैनिकों से अलग-अलग समय पर शादी की। आरोप था कि सैनिकों की मौत के बाद वह उनका मुआवजा लेना चाहती थी। मामला सामने आने के बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया। पिता की मौत के बाद बेटी को पता चला- दो दिन पहले हुई थी शादी सेंट पीटर्सबर्ग की रहने वाली मारिया को सेना ने बताया कि उनके 59 साल पिता यूरी की यूक्रेन युद्ध में गोली लगने से मौत हो गई। लेकिन उन्हें सबसे बड़ा झटका तब लगा, जब पता चला कि युद्ध पर भेजे जाने से सिर्फ दो दिन पहले उनके पिता ने शादी कर ली थी। मारिया का कहना है कि उन्होंने उस महिला का नाम पहले कभी नहीं सुना था। वह उनके पिता से 22 साल छोटी थी। शादी के बाद वही कानूनी रूप से यूरी की सबसे करीबी रिश्तेदार बन गई और सरकारी मुआवजे की हकदार भी। मारिया का आरोप है कि उनके पिता के साथ धोखा हुआ। उनका यह भी दावा है कि पिता का फ्लैट भी बेच दिया गया और अब उनके पास पिता की याद में सिर्फ उस घर की चाबियां बची हैं, जो अब किसी काम की नहीं हैं। सैनिक की मौत पर मिलता है भारी मुआवजा रूस में युद्ध में मारे गए सैनिक के परिवार को सरकार की ओर से कम से कम 50 लाख रूबल (करीब 62 लाख भारतीय रुपए) की एकमुश्त मदद मिलती है। कई अन्य भुगतान और बीमा जोड़ दिए जाएं तो यह रकम और भी ज्यादा हो सकती है। आरोप है कि कुछ महिलाएं इसी पैसे के लालच में अकेले, बुजुर्ग या कमजोर सैनिकों को शादी के लिए फंसाती हैं। सैनिक की मौत के बाद पूरा मुआवजा पत्नी को मिल जाता है। परिवार के बाकी लोगों को कुछ भी नहीं मिल पाता। सरकार ने जल्दी शादी को बढ़ावा दिया, इसके बाद स्कैम बढ़ा फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस ने सेना में भर्ती होने वाले लोगों के लिए शादी के नियम आसान कर दिए। आमतौर पर रूस में शादी के लिए आवेदन देने के बाद कुछ समय इंतजार करना पड़ता है, लेकिन युद्ध के दौरान इस प्रक्रिया में छूट दे दी गई। नए सैनिक चाहें तो भर्ती के तुरंत बाद शादी कर सकते थे। सरकार का मानना था कि इससे सैनिकों को परिवार का सहारा मिलेगा और अगर युद्ध में उनकी मौत हो जाती है, तो पत्नी और परिवार को सरकारी आर्थिक मदद आसानी से मिल सकेगी। 'सैनिक से शादी करो, फ्लैट खरीद लो' पिछले साल साइबेरिया के टॉम्स्क शहर के एक पॉडकास्ट में रूसी वकील और रियल स्टेट एजेंट मरीना ओरलोवा का बयान बहुत वायरल हुआ था। उन्होंने कहा था, अगर फ्लैट खरीदना है तो किसी ऐसे सैनिक से शादी कर लो जो युद्ध पर जा रहा हो। उसकी मौत के बाद मिलने वाले पैसे से घर खरीद लेना। आजकल कई महिलाएं इसी तरह सस्ते फ्लैट खरीद रही हैं। यह एक बहुत अच्छा बिजनेस है। इसके बाद एजेंट और पॉडकास्ट की होस्ट के खिलाफ मुकदमा चला। दोनों को सामुदायिक सेवा की सजा दी गई और सैनिकों व उनके परिवारों से सार्वजनिक माफी मांगनी पड़ी। तलाक से पहले सैनिक की मौत, पत्नी को मुआवजा नहीं मिला रूसी सैनिक जॉर्जी कोस्तिरको छुट्टी पर जब घर आए तो उसी दौरान उनकी मुलाकात एंजेलिना वार्यूखिना से हुई थी। दोनों ने मुलाकात के महज 10 दिन बाद शादी कर ली। शादी के कुछ ही समय बाद जॉर्जी फिर से यूक्रेन युद्ध के मोर्चे पर लौट गए। जॉर्जी की मां ने आरोप लगाया कि शादी के कुछ समय बाद एंजेलिना सोशल मीडिया पर दूसरे पुरुषों के साथ तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करने लगी थीं। इससे दोनों के रिश्ते बिगड़ गए और जॉर्जी ने तलाक की प्रक्रिया शुरू कर दी। हालांकि, एंजेलिना ने इन आरोपों से इनकार किया। उनका कहना था कि दोनों के बीच बाद में सुलह हो गई थी और सोशल मीडिया पर डाली गई तस्वीरें सिर्फ जॉर्जी को जलाने के लिए थीं। तलाक की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही यूक्रेनी हमले में जॉर्जी की मौत हो गई। रूसी कानून के मुताबिक, उस समय एंजेलिना उनकी कानूनी पत्नी थीं, इसलिए सरकारी मुआवजा पाने का अधिकार उन्हें मिल गया। इस पर जॉर्जी के परिवार ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अदालत ने एंजेलिना को सबसे करीबी कानूनी रिश्तेदार का दर्जा रद्द कर दिया। इस फैसले के बाद उन्हें मुआवजे का अधिकार नहीं मिला। यह मामला पूरे रूस में चर्चा का विषय बना और इसके बाद सैनिकों की मौत के मुआवजे के लिए की जा रही संदिग्ध शादियों पर बहस तेज हो गई। सेना के अधिकारियों पर भी लगे गंभीर आरोप कुछ मामलों में आरोप सिर्फ महिलाओं तक सीमित नहीं रहे। रूस के प्रिमोर्स्की क्षेत्र में जांच एजेंसियों ने एक वारंट ऑफिसर, एक सार्जेंट और सेना के एक अकाउंटेंट पर भी जांच शुरू की। आरोप है कि ये लोग अनाथों और ऐसे पुरुषों को ढूंढ़ते थे जिनका कोई करीबी रिश्तेदार नहीं था। उनकी जल्दबाजी में शादी कराई जाती थी और फिर उन्हें युद्ध के सबसे खतरनाक मोर्चों पर भेजा जाता था। अगर उनकी मौत हो जाती, तो मुआवजे की रकम आपस में बांट ली जाती। सांसद बोले- परिवारों को बचाइए रूसी सांसद लियोनिद स्लुत्स्की ने कहा कि अब सैनिकों के परिवारों को ऐसे लोगों से बचाने की जरूरत है, जो शादी और मुआवजे के नाम पर ठगी कर रहे हैं। ऐसे मामले लगातार बढ़ रहे हैं, इसलिए सरकार को जल्द सख्त कानून बनाकर कार्रवाई करनी चाहिए। यूक्रेन युद्ध लंबा खिंचने के साथ रूस में आर्थिक मुश्किलें बढ़ रही हैं। बड़ी संख्या में सैनिकों की मौत हो रही है और लोगों में नाराजगी भी बढ़ रही है। ऐसे माहौल में सैनिकों के मुआवजे के लिए फर्जी शादी कराने के मामले भी तेजी से सामने आ रहे हैं। यही वजह है कि यह मुद्दा अब पूरे रूस में चर्चा का विषय बन गया है। --------------------------------- यह खबर भी पढ़ें… दुनिया के तीसरे सबसे छोटे देश ने अपना नाम बदला:अब 'नौरू' नहीं 'नाओएरो' कहलाएगा; 21वीं सदी में 8 देशों ने नाम बदले प्रशांत महासागर में बसे दुनिया के तीसरे सबसे छोटे देश नौरू ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए अपना नाम बदल दिया है। अब यह देश आधिकारिक तौर पर 'रिपब्लिक ऑफ नाओएरो' कहलाएगा। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Continue reading on the app

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की सुरक्षा में चूक:हेलिकॉप्टर के पास से उड़ी कमर्शियल फ्लाइट, FAA ने जांच शुरू की

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आधिकारिक हेलिकॉप्टर मरीन वन की उड़ान के दौरान सुरक्षा में चूक हुई है। मंगलवार को व्हाइट हाउस से उड़ान भरते समय मरीन वन और एक यात्री विमान तय सुरक्षा दूरी से ज्यादा करीब आ गए। इसके बाद अमेरिकी विमानन नियामक FAA ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे हुई। ट्रम्प व्हाइट हाउस से जॉइंट बेस एंड्रूज जा रहे थे। उसी समय एनवॉय एयर का एक यात्री विमान भी रीगन वॉशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भर गया। FAA की शुरुआती जांच में पता चला कि दोनों विमान एक-दूसरे के सबसे करीब आने पर सिर्फ 1.3 किलोमीटर की दूरी पर थे। उनकी ऊंचाई में भी महज 700 फीट का अंतर रह गया था। अधिकारियों का कहना है कि दोनों विमान टक्कर की दिशा में नहीं थे और राष्ट्रपति की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं हुआ। घटना का वीडियो… सुरक्षा में चूक कैसे हुई? वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, मरीन वन की उड़ान के दौरान रीगन वॉशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानों को कुछ देर के लिए रोक दिया जाता है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। एयर ट्रैफिक कंट्रोल समय पर उड़ानें नहीं रोक सका। इसी वजह से यात्री विमान ने भी टेकऑफ कर लिया FAA अब यह पता लगा रहा है कि सुरक्षा प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं हुआ और एयर ट्रैफिक कंट्रोल से चूक कैसे हुई। ATC को तीन बार सूचना दी, जवाब नहीं मिला द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, उड़ान से पहले मरीन वन के क्रू ने कंट्रोल टावर को तीन बार बताया कि हेलिकॉप्टर तीन मिनट में उड़ान भरेगा। लेकिन रेडियो पर संदेश साफ नहीं सुनाई दिया। कंट्रोलर की ओर से भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। इसके बाद मरीन वन ने तय कार्यक्रम के मुताबिक उड़ान भर ली। कुछ देर बाद कंट्रोलर ने हेलिकॉप्टर को पास में उड़ान भर चुके यात्री विमान की जानकारी दी। पायलट ने बताया कि उसे दूसरा विमान दिखाई दे रहा है। इसके बाद हेलिकॉप्टर ने थोड़ी देर रुककर आगे उड़ान जारी रखी। नियम क्या कहते हैं? FAA के नियम के मुताबिक, ऐसे हालात में दो विमानों के बीच कम से कम 2.4 किलोमीटर की दूरी या ऊंचाई में 500 फीट का अंतर होना जरूरी है। इस मामले में दोनों विमानों की ऊंचाई का अंतर तय सीमा से ज्यादा था, लेकिन उनके बीच की दूरी घटकर करीब 1.3 किलोमीटर रह गई। इसी वजह से FAA ने इसे 'लॉस ऑफ सेफ सेपरेशन' यानी तय सुरक्षा दूरी का उल्लंघन माना है। मरीन वन कितना सुरक्षित है? अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक हेलिकॉप्टर है। राष्ट्रपति इसमें सवार होते ही इसका कॉल साइन 'मरीन वन' हो जाता है। दुनिया के सबसे सुरक्षित वीआईपी हेलिकॉप्टरों में इसकी गिनती होती है। इसे अमेरिकी मरीन कॉर्प्स के सबसे अनुभवी पायलट उड़ाते हैं, जिन्हें हाई-रिस्क मिशनों की खास ट्रेनिंग दी जाती है। उड़ान से पहले रूट, मौसम और एयरस्पेस की पूरी सुरक्षा जांच की जाती है। सुरक्षा के लिए एक साथ कई एक जैसे हेलिकॉप्टर उड़ते हैं, ताकि राष्ट्रपति किस हेलिकॉप्टर में हैं, यह पता न चल सके। 67 मौतों के बाद बने नियम का नहीं हुआ पालन 29 जनवरी 2025 को रीगन वॉशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट के पास अमेरिकन एयरलाइंस के यात्री विमान और अमेरिकी सेना के ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर की हवा में टक्कर हो गई थी। इस हादसे में 67 लोगों की जान गई थी। इसके बाद FAA ने सुरक्षा नियम और सख्त कर दिए। तय किया गया कि जब भी राष्ट्रपति या सेना का हेलिकॉप्टर कम ऊंचाई पर उड़ान भरेगा, तब तक आसपास से कोई कमर्शियल विमान टेकऑफ या लैंडिंग नहीं करेगा। एयर ट्रैफिक कंट्रोल को भी पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि पूरा एयरस्पेस खाली और सुरक्षित है, तभी दूसरी उड़ानों को मंजूरी दी जाएगी। ATC कैसे काम करता है, इसके प्रोटोकॉल क्या हैं सुरक्षित दूरी टूटना सबसे बड़ा खतरा आसमान में विमानों के बीच तय सुरक्षित दूरी को 'सेफ सेपरेशन' कहा जाता है। अगर यह दूरी कम हो जाए, तो हवा में टक्कर का खतरा पैदा हो सकता है। इसलिए ATC की छोटी-सी चूक भी बड़े हादसे की वजह बन सकती है। VIP उड़ानों में नियम और सख्त

Continue reading on the app

  Sports

DPL 2026: सांसद पप्पू यादव के बेटे सार्थक रंजन का दिल्ली प्रीमियर लीग में तांडव, चार मैच में 4 फिफ्टी ठोककर गेंदबाजों के छुड़ाए पसीने

सांसद पप्पू यादव के बेटे सार्थक रंजन दिल्ली प्रीमियर लीग 2026 में धूम मचा रहे हैं. सार्थक लीग में नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर के लिए खेल रहे हैं और वह टीम के कप्तान भी हैं. अबतक सार्थक ने अपनी टीम के लिए लगातार चार मैचों में अर्धशतक लगा चुके हैं. इसमें उनका सर्वोच्च स्कोर 95 रन का रहा है. Wed, 12 Aug 2026 09:29:46 +0530

  Videos
See all

Aaban Accident: आबान का भयानक एक्सीडेंट, देखें LIVE VIDEO | Road Accident | Atiq Ahmed | Breaking #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-12T05:42:31+00:00

छात्रों के कैंप में रात को पुलिस की दस्तक! | Student Protest | Breaking News | Ranchi Police #Shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-12T05:42:59+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers