Wipro Q4 Result: विप्रो के चौथे क्वार्टर का नतीजा आया, नेट प्रॉफिट 12% बढ़ा, जानें रेवेन्यू के मोर्चे पर क्या हुआ?
Wipro Q4 Result: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी विप्रो ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का मुनाफा बढ़ा है लेकिन राजस्व बाजार के अनुमान से कम रहा, जिससे आगे के लिए कंपनी का रुख थोड़ा सतर्क नजर आ रहा।
कंपनी का शुद्ध लाभ तिमाही आधार पर 12.3% बढ़कर 3502 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, राजस्व के मामले में कंपनी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। चौथी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 2.4 बिलियन डॉलर रहा जबकि बाजार को 2.6 बिलियन डॉलर की उम्मीद थी।
विप्रो को 12 फीसदी का मुनाफा हुआ
आईटी सर्विसेज से होने वाली कमाई 2.65 बिलियन डॉलर रही, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 0.6% और सालाना आधार पर 2.1% बढ़ी है। वहीं कॉन्स्टेंट करेंसी ग्रोथ लगभग स्थिर रही और सिर्फ 0.2% की बढ़त दर्ज की गई।
लागत और मांग दोनों मोर्चों पर दबाव
मार्जिन की बात करें तो आईटी सर्विसेज सेगमेंट का ऑपरेटिंग मार्जिन 17.3% रहा, जो पिछली तिमाही से 0.3% कम है। इससे साफ है कि कंपनी को लागत और मांग दोनों तरफ से दबाव का सामना करना पड़ रहा। हालांकि, डील बुकिंग के मामले में कंपनी ने अच्छा प्रदर्शन किया है। कुल बुकिंग 3.46 बिलियन डॉलर रही जबकि बड़े सौदों की बुकिंग 65% बढ़कर 1.44 बिलियन डॉलर पहुंच गई। इससे यह संकेत मिलता है कि कंपनी को नए प्रोजेक्ट मिल रहे हैं लेकिन उनका रेवेन्यू में बदलना अभी धीमा है।
आने वाली तिमाही को लेकर आशंका
आने वाली तिमाही के लिए कंपनी ने ज्यादा उत्साहजनक अनुमान नहीं दिया है। जून तिमाही के लिए कंपनी ने (-2%) से 0% तक की ग्रोथ का अनुमान जताया है, जो पिछले अनुमान के समान ही है। यह मांग में अनिश्चितता को दिखाता है।
कंपनी ने निवेशकों को खुश करने के लिए एक बड़ा फैसला भी लिया है। बोर्ड ने 15000 करोड़ रुपये तक के शेयर बायबैक को मंजूरी दी है, जिसमें प्रति शेयर कीमत 250 रुपये तय की गई है। हालांकि, इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी।
कंपनी के CEO और एमडी श्रीणि पालिया ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से क्लाइंट्स की प्राथमिकताओं को बदल रहा और कंपनी अब AI-आधारित सर्विस मॉडल की ओर बढ़ रही है। वहीं, सीएफओ अर्पणा अय्यर ने बताया कि कंपनी की कैश फ्लो स्थिति मजबूत है और FY26 में ऑपरेटिंग कैश फ्लो नेट इनकम का 112.6% रहा।
नतीजों से पहले कंपनी का शेयर हल्की बढ़त के साथ 210.15 रुपये पर बंद हुआ। कुल मिलाकर, मुनाफा बढ़ने के बावजूद कमजोर रेवेन्यू और सतर्क आउटलुक से यह साफ है कि कंपनी फिलहाल चुनौतियों से गुजर रही है।
(प्रियंका कुमारी)
पाकिस्तान: हाफिज सईद के राइट हैंड अमीर हमजा को लाहौर में मारी गोली, Unknown Gunman' की थ्योरी फिर चर्चा में..!
पाकिस्तान के लाहौर में एक बार फिर "अज्ञात हमलावरों" की दहशत देखने को मिली है। प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तोयबा के संस्थापक सदस्य और भारत के मोस्ट वांटेड आतंकी हाफिज सईद के दाहिने हाथ माने जाने वाले अमीर हमजा पर जानलेवा हमला हुआ है।
गुरुवार को लाहौर में एक न्यूज़ चैनल के दफ्तर के बाहर अज्ञात बंदूकधारियों ने उसे निशाना बनाया। हमलावर वारदात को अंजाम देकर फरार होने में कामयाब रहे। फिलहाल हमजा को लहूलुहान हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
ताजा रिपोर्टों के अनुसार, अमीर हमजा लाहौर में एक स्थानीय न्यूज़ चैनल के दफ्तर से बाहर निकल रहा था, तभी मोटरसाइकिल पर सवार अज्ञात हमलावरों ने उस पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। गोलियां लगने के बाद हमजा वहीं गिर पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हमला पूरी तरह सुनियोजित था। हमलावरों ने हमजा की गतिविधियों की पहले से रेकी की थी और सटीक निशाना लगाकर उसे मौत के घाट उतारने की कोशिश की। इस घटना ने एक बार फिर पाकिस्तान के सुरक्षित पनाहगाहों में छिपे आतंकियों के बीच खलबली मचा दी है।
अमीर हमजा लश्कर-ए-तैयबा के शुरुआती 17 संस्थापक सदस्यों में से एक है। उसे हाफिज सईद के बाद संगठन का सबसे अहम चेहरा माना जाता है।
- LeT का मुख्य प्रोपेगेंडा चेहरा: वह संगठन का शीर्ष वैचारिक नेता रहा है और लश्कर के आधिकारिक प्रकाशन 'मजल्लाह अल-दावा' का संस्थापक संपादक भी था।
- भारत के खिलाफ साजिश: भारत में हुए कई बड़े आतंकी हमलों की साजिश रचने में उसकी मुख्य भूमिका रही है। वह अफगान मुजाहिदीन का भी हिस्सा रह चुका है।
- अंतरराष्ट्रीय आतंकी: संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के ट्रेजरी विभाग ने उसे वैश्विक आतंकवादियों की सूची में शामिल कर रखा है।
पिछले एक साल में पाकिस्तान के भीतर भारत विरोधी आतंकियों की सिलसिलेवार हत्याओं ने सुरक्षा एजेंसियों को हैरान कर रखा है। शाहिद लतीफ, मुफ्ती कैसर फारूक और हाल ही में सैफुल्लाह खालिद जैसे कई आतंकियों को 'अज्ञात हमलावरों' ने पाकिस्तान की सुरक्षित सड़कों और मस्जिदों में घुसकर मारा है।
अमीर हमजा पर हुए इस ताजा हमले को भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। पाकिस्तानी मीडिया में इसे लेकर काफी शोर है कि आखिर कौन है जो पाकिस्तान के भीतर घुसकर इन "एसेट्स" को निशाना बना रहा है।
पाकिस्तानी मीडिया और खुफिया एजेंसियां इस हमले को लेकर बेहद सतर्क हैं। फिलहाल किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि, कयास लगाए जा रहे हैं कि यह अंदरूनी कलह या किसी बाहरी एजेंसी के 'कोवर्ट ऑपरेशन' का हिस्सा हो सकता है।
बता दें कि इससे पहले 2025 में भी अमीर हमजा के घर में एक "रहस्यमयी दुर्घटना" की खबर आई थी, जिसे बाद में गोलीबारी बताया गया था, लेकिन इस बार का हमला सार्वजनिक तौर पर और बेहद आक्रामक तरीके से हुआ है।
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