Digital Gold: अक्षय तृतीया पर डिजिटल गोल्ड खरीदने का सोच रहें, इन 3 बड़ी बातों का जरूर रखें ध्यान
Digital Gold: अक्षय तृतीया के मौके पर सोना खरीदने की परंपरा रही है लेकिन अब यह परंपरा डिजिटल रूप भी ले रही। इस बार त्योहार से पहले डिजिटल गोल्ड की खरीद में तेजी देखी जा रही है और कई फिनटेक प्लेटफॉर्म ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए खास ऑफर्स लेकर आए हैं।
डिजिटल गोल्ड खरीदना आसान हो गया है, क्योंकि अब लोग मोबाइल ऐप के जरिए 24 कैरेट सोना छोटी-छोटी मात्रा में खरीद सकते हैं। इसमें स्टोरेज या सुरक्षा की चिंता नहीं होती, क्योंकि कंपनियां निवेशकों की ओर से असली सोना खरीदकर सुरक्षित वॉल्ट में रखती हैं और उसका डिजिटल रिकॉर्ड देती हैं।
इस अक्षय तृतीया पर कई प्लेटफॉर्म आकर्षक ऑफर्स दे रहे हैं। अमेजॉन पे अपने प्राइम यूजर्स को 2% और नॉन-प्राइम यूजर्स को 1% कैशबैक दे रहा है। वहीं भारत पे ने 14 से 19 अप्रैल तक 'गोल्ड महोत्सव' शुरू किया है, जिसमें 10% तक गोल्डबैक, 1 लाख रुपये का जैकपॉट और इंस्टेंट रिवॉर्ड्स दिए जा रहे हैं। हालांकि, डिजिटल गोल्ड खरीदने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
प्रोवाइडर को चेक करें: आप एक ऐप के ज़रिए डिजिटल गोल्ड खरीदते हैं, लेकिन गोल्ड किसी थर्ड पार्टी के पास होता है। पक्का करें कि यह 1:1 फिजिकल गोल्ड से बैक्ड हो, ऑडिटेड हो और सुरक्षित रूप से स्टोर किया गया हो।
कॉस्ट जानें: कीमतों में बाय-सेल स्प्रेड, जीएसटी और प्रोसेसिंग चार्ज शामिल हैं। खरीदने पर कोई मेकिंग चार्ज नहीं है, लेकिन अगर आप फिजिकल गोल्ड में कन्वर्ट करते हैं तो वे लागू होते हैं।
लॉन्ग टर्म के बारे में सोचें: एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी भी एसेट क्लास की तरह, डिजिटल गोल्ड में भी सोच-समझकर इन्वेस्टमेंट करना सबसे अच्छा है। यह सिस्टमैटिक जमा करने की स्ट्रैटेजी के लिए खास तौर पर सही है, जिसमें समय के साथ छोटे, रेगुलर हिस्सों में खरीदकर अपनी कॉस्ट को एवरेज किया जाता है और एक अच्छी पोजीशन बनाई जाती है।
एक डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो के हिस्से के तौर पर, सोना और चांदी वैल्यू के प्रूवन स्टोर और महंगाई और ग्लोबल अनिश्चितता के खिलाफ असरदार बचाव के तौर पर काम करते रहते हैं।
समित गुहा के मुताबिक, भले ही डिजिटल गोल्ड के लिए कोई तय रेगुलेटरी फ्रेमवर्क नहीं है लेकिन इंडस्ट्री में सेल्फ-रेगुलेशन की दिशा में काम चल रहा है। वहीं सर्वजीत सिंह विर्क सलाह देते हैं कि निवेश से पहले यह जरूर जांच लें कि जरूरत पड़ने पर आप अपना गोल्ड आसानी से बेच या फिजिकल गोल्ड में बदल सकते हैं या नहीं। कुल मिलाकर, डिजिटल गोल्ड निवेश का एक आसान और आधुनिक तरीका है, लेकिन इसमें निवेश करते समय सावधानी और सही जानकारी होना बेहद जरूरी है।
(प्रियंका कुमारी)
Wipro Q4 Result: विप्रो के चौथे क्वार्टर का नतीजा आया, नेट प्रॉफिट 12% बढ़ा, जानें रेवेन्यू के मोर्चे पर क्या हुआ?
Wipro Q4 Result: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी विप्रो ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का मुनाफा बढ़ा है लेकिन राजस्व बाजार के अनुमान से कम रहा, जिससे आगे के लिए कंपनी का रुख थोड़ा सतर्क नजर आ रहा।
कंपनी का शुद्ध लाभ तिमाही आधार पर 12.3% बढ़कर 3502 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, राजस्व के मामले में कंपनी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। चौथी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 2.4 बिलियन डॉलर रहा जबकि बाजार को 2.6 बिलियन डॉलर की उम्मीद थी।
विप्रो को 12 फीसदी का मुनाफा हुआ
आईटी सर्विसेज से होने वाली कमाई 2.65 बिलियन डॉलर रही, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 0.6% और सालाना आधार पर 2.1% बढ़ी है। वहीं कॉन्स्टेंट करेंसी ग्रोथ लगभग स्थिर रही और सिर्फ 0.2% की बढ़त दर्ज की गई।
लागत और मांग दोनों मोर्चों पर दबाव
मार्जिन की बात करें तो आईटी सर्विसेज सेगमेंट का ऑपरेटिंग मार्जिन 17.3% रहा, जो पिछली तिमाही से 0.3% कम है। इससे साफ है कि कंपनी को लागत और मांग दोनों तरफ से दबाव का सामना करना पड़ रहा। हालांकि, डील बुकिंग के मामले में कंपनी ने अच्छा प्रदर्शन किया है। कुल बुकिंग 3.46 बिलियन डॉलर रही जबकि बड़े सौदों की बुकिंग 65% बढ़कर 1.44 बिलियन डॉलर पहुंच गई। इससे यह संकेत मिलता है कि कंपनी को नए प्रोजेक्ट मिल रहे हैं लेकिन उनका रेवेन्यू में बदलना अभी धीमा है।
आने वाली तिमाही को लेकर आशंका
आने वाली तिमाही के लिए कंपनी ने ज्यादा उत्साहजनक अनुमान नहीं दिया है। जून तिमाही के लिए कंपनी ने (-2%) से 0% तक की ग्रोथ का अनुमान जताया है, जो पिछले अनुमान के समान ही है। यह मांग में अनिश्चितता को दिखाता है।
कंपनी ने निवेशकों को खुश करने के लिए एक बड़ा फैसला भी लिया है। बोर्ड ने 15000 करोड़ रुपये तक के शेयर बायबैक को मंजूरी दी है, जिसमें प्रति शेयर कीमत 250 रुपये तय की गई है। हालांकि, इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी।
कंपनी के CEO और एमडी श्रीणि पालिया ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से क्लाइंट्स की प्राथमिकताओं को बदल रहा और कंपनी अब AI-आधारित सर्विस मॉडल की ओर बढ़ रही है। वहीं, सीएफओ अर्पणा अय्यर ने बताया कि कंपनी की कैश फ्लो स्थिति मजबूत है और FY26 में ऑपरेटिंग कैश फ्लो नेट इनकम का 112.6% रहा।
नतीजों से पहले कंपनी का शेयर हल्की बढ़त के साथ 210.15 रुपये पर बंद हुआ। कुल मिलाकर, मुनाफा बढ़ने के बावजूद कमजोर रेवेन्यू और सतर्क आउटलुक से यह साफ है कि कंपनी फिलहाल चुनौतियों से गुजर रही है।
(प्रियंका कुमारी)
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