चंडीगढ़ में ₹3 करोड़ इन्वेस्ट, फिर बंद हुआ शोरूम:'बीइंग ह्यूमन ज्वेलरी' का पूरा केस, जिसमें कोर्ट ने सलमान खान को तलब किया
चंडीगढ़ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान, उनकी बहन अलवीरा खान अग्निहोत्री और स्टाइल एंड क्यूंटेंट ज्वेलरी प्राइवेट लिमिटेड समेत अन्य को समन जारी किया है। कोर्ट ने इन सभी को 5 अक्टूबर को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा- कानून और विभिन्न न्यायिक फैसलों को ध्यान में रखते हुए, यह अदालत BNSS की धारा 223 के प्रावधान के तहत आरोपियों को संज्ञान लेने से पहले नोटिस जारी करना उचित समझती है। अरुण गुप्ता नाम के कारोबारी ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 405, 409, 415, 417, 420 और 120बी के तहत यह निजी आपराधिक शिकायत दायर की है। कारोबारी का दावा है कि सलमान खान उसे बिग बॉस के सेट पर मिले थे। वहां उनसे बीइंग ह्यूमन का शोरूम खोलने के लिए कहा, लेकिन जब उन्होंने शोरूम खोला तो वहां नहीं आए। उन्होंने 3 करोड़ रुपए इन्वेस्ट कर दिए, जिसका उन्हें नुकसान उठाना पड़ा। सलमान खान को पेशी के आदेश के बाद अब इस पूरे विवाद की शुरुआत और घटनाक्रम चर्चा में है। पूरे मामले के बारे में जानने के लिए पढ़िए रिपोर्ट… बिग बॉस के सेट पर मिले सलमान, पुलिस को बातचीत की क्लिप सौंपी शिकायतकर्ता कारोबारी अरुण गुप्ता का दावा है कि वर्ष 2018 में उनकी मुलाकात मुंबई में 'बिग बॉस' के सेट पर सलमान खान से हुई थी। उनका आरोप है कि इसी दौरान उन्हें चंडीगढ़ में 'बीइंग ह्यूमन ज्वेलरी' का एक्सक्लूसिव शोरूम खोलने के लिए प्रेरित किया गया। शिकायत के मुताबिक, उन्हें भरोसा दिलाया गया कि सलमान खान खुद शोरूम का उद्घाटन करेंगे और ब्रांड के प्रमोशन में भी सहयोग करेंगे। शिकायतकर्ता का यह भी दावा है कि बिग बॉस के सेट पर हुई मुलाकात और बातचीत की वीडियो क्लिप और फोटो उन्होंने जांच के दौरान पुलिस को भी उपलब्ध कराई थी। अगस्त 2018 में हुआ एग्रीमेंट, नवंबर में खुला शोरूम शिकायत के अनुसार, 3 अगस्त 2018 को स्टाइल एंड क्यूंटेंट (स्टाइल क्वोटिएंट) ज्वेलरी प्राइवेट लिमिटेड के साथ फ्रेंचाइजी एग्रीमेंट (एमओयू) हुआ। इसके बाद मनीमाजरा के एनएसी क्षेत्र में करीब 3 करोड़ रुपए की लागत से 'बीइंग ह्यूमन ज्वेलरी' का एक्सक्लूसिव शोरूम तैयार किया गया। शोरूम तैयार करने में ही करीब 1 करोड़ रुपए खर्च हुए। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने कंपनी की सभी शर्तों का पालन किया और ब्रांड की ज्वेलरी भी स्टोर में रखी गई। उद्घाटन में सलमान नहीं पहुंचे, आयुष शर्मा आए शिकायतकर्ता का दावा है कि शोरूम का उद्घाटन सलमान खान को करना था, लेकिन वह नहीं आए। उनकी जगह अभिनेता आयुष शर्मा ने 3 नवंबर 2018 को शोरूम का उद्घाटन किया। कारोबारी का आरोप है कि जिस स्तर के प्रमोशन का भरोसा दिया गया था, वह कभी नहीं मिला। गलत भरोसा देकर खुलवाया शोरूम शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी से जुड़े छह लोगों ने गलत भरोसा देकर उनसे शोरूम खुलवाया। उनका कहना है कि शोरूम शुरू होने के बाद कंपनी की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। फरवरी 2020 से जिस ऑफिस के जरिए 'बीइंग ह्यूमन' ज्वेलरी की सप्लाई होनी थी, वह बंद हो गया। इसके बाद नया स्टॉक नहीं मिला, जिससे कारोबार पूरी तरह प्रभावित हुआ और लास्ट में शोरूम बंद करना पड़ा। पुलिस तक पहुंचा मामला, सलमान ने जवाब भेजा कंपनी से राहत नहीं मिलने पर जुलाई 2021 में अरुण गुप्ता ने चंडीगढ़ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में सलमान खान, अलवीरा खान, कंपनी के निदेशकों समेत अन्य लोगों पर धोखाधड़ी और गलत भरोसा देकर निवेश करवाने के आरोप लगाए गए। पुलिस ने संबंधित पक्षों से जवाब मांगा। शिकायतकर्ता के अनुसार, वर्ष 2021 में पुलिस की ओर से नोटिस भेजे जाने पर सलमान खान ने ई-मेल के जरिए अपना जवाब भी भेजा था। मगर, मामला लंबा खिंचने और समाधान नहीं निकलने पर शिकायतकर्ता ने जिला अदालत का रुख किया। कंपनी ने इस मामले में क्या कहा? आरोप सामने आने के बाद स्टाइल एंड क्यूंटेंट ज्वेलरी प्राइवेट लिमिटेड ने अपने बयान में कहा था कि वर्ष 2018 में हुए फ्रेंचाइजी समझौते से सलमान खान का कोई डायरेक्ट संबंध नहीं था। कंपनी ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2015 में उसे 'बीइंग ह्यूमन' ब्रांड के तहत ज्वेलरी बेचने का लाइसेंस मिला था और फ्रेंचाइजी, संचालन, बिक्री व कारोबार की जिम्मेदारी पूरी तरह उसी की थी। कंपनी का यह भी कहना था कि विवाद केवल कंपनी और फ्रेंचाइजी संचालक के बीच का है। अब आगे क्या? चंडीगढ़ जिला अदालत ने सलमान खान, अलवीरा खान और अन्य आरोपियों को 5 अक्टूबर 2026 को पेश होकर शिकायत में लगाए गए आरोपों पर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। अदालत द्वारा समन जारी किया जाना किसी भी आरोपी के दोषी होने का प्रमाण नहीं है। मामले में अंतिम फैसला दोनों पक्षों की दलीलों और सबूतों के आधार पर होगा। ----------- यह खबर भी पढ़ें… सलमान खान@60; बड़ी अम्मी ने कुएं में धक्का दिया था:रेखा का पीछा करते थे, ₹10 लाख कमाना था सपना, आज ₹2900 करोड़ के मालिक उसकी डायलॉग डिलीवरी में ठहराव, स्टाइल में दबंग अंदाज और स्क्रीन पर रौबदार मौजूदगी, जो दिल तक उतर जाती है। हाथों में उसका सिल्वर ब्रेसलेट अक्सर चमकता दिखता है और उसकी चाल में अलग स्वैग होता है। पढ़ें पूरी खबर…
सुष्मिता मुखर्जी बोलीं- मजबूरी में आत्मा बेची, बुरा लगता है:सी-ग्रेड फिल्में करने पर अफसोस जताकर कहा- तब कर्ज लेने वाले घर आकर गालियां देते थे
कोलकाता में जन्मीं एक्ट्रेस सुष्मिता मुखर्जी ने अपने करियर के उस दौर को याद किया है, जब उन्हें मजबूरी में सी-ग्रेड फिल्मों में काम करना पड़ा था। फिलहाल 'जगन्नाथ और पूर्वी की दोस्ती अनोखी' सीरियल में नजर आ रहीं सुष्मिता ने एक इमोशनल वीडियो में अपने संघर्षों पर खुलकर बात की है। मजबूरी में लिए थे गलत फैसले सुष्मिता ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो जारी कर कहा कि उन फिल्मों में काम करना उनके लिए बेहद परेशान करने वाला था, जो महिलाओं का अपमान करती थीं। उन्होंने कहा, 'भगवान का शुक्र है कि मैंने सिर्फ खराब फिल्में चुनी थीं, पोर्नोग्राफी नहीं की। क्या मैंने अपनी आत्मा बेच दी? हां, मैंने अपनी आत्मा बेच दी। मुझे तब भी अच्छा नहीं लगा था और अब भी नहीं लगता, लेकिन यह मेरी मजबूरी थी।' 2002 में दिवालिया हो गई थी प्रोडक्शन कंपनी एक्ट्रेस ने बताया कि 1983 में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से पासआउट होने के बाद उनके जीवन में एक ऐसा दौर आया जब उन्हें ये फैसले लेने पड़े। साल 2002 में सुष्मिता और उनके पति की मीडिया कंपनी 'प्रयास प्रोडक्शन' पर एक करोड़ रुपये का कर्ज हो गया था। उस समय टेक्नोलॉजी के नए दौर और एंजेल इन्वेस्टमेंट की जानकारी न होने के कारण उनकी कंपनी के साथ-साथ ट्रैक सिनेमा और अनिल चौधरी प्रोडक्शन भी दिवालिया हो गए थे। रिकवरी वाले घर आकर देते थे गालियां सुष्मिता ने बताया कि वह समय बहुत बुरा था। कर्ज देने वाले और रिकवरी एजेंट उनके घर आते थे और गालियां देते थे। उस वक्त उनके बच्चे बहुत छोटे थे, इसलिए उन्हें कर्ज चुकाने के लिए हर तरह का काम करना पड़ा। उन्होंने और उनके पति ने तीन-चार साल तक कड़ी मेहनत की ताकि वे एक करोड़ का कर्ज चुका सकें। बेटी की पढ़ाई के लिए भी थी पैसों की जरूरत आर्थिक दबाव का एक बड़ा कारण उनकी बेटी की पढ़ाई भी थी। सुष्मिता ने बताया कि उनकी बेटी पढ़ाई में अच्छी थी, इसलिए उन्होंने उसे ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड भेजने का फैसला किया। हालांकि उनके पति इसके पक्ष में नहीं थे, लेकिन उन्होंने अपनी बेटी को विदेश भेजा। उसकी पढ़ाई काफी महंगी थी, जिसके लिए उन्हें लगातार पैसे कमाने थे। फैसलों पर नहीं है कोई पछतावा सुष्मिता ने 1978 में फिल्ममेकर सुधीर मिश्रा से शादी की थी, जिससे बाद में उनका तलाक हो गया। इसके बाद 1993 में उन्होंने एक्टर और राजनेता राजा बुंदेला से दूसरी शादी की। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने फैसलों पर कोई पछतावा नहीं है क्योंकि उन्होंने अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दी और वे आज अपने पैरों पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अब वह वही काम करती हैं जो उनके दिल को छूता है। उन्हें अब सम्मान भी मिलता है और वह अपनी कमाई से खुश हैं।
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