Explainer: अमेरिका के लिए ईरान पर जीत क्यों है कठिन? हथियारों के स्टॉक में आई भारी कमी, जानें क्या है वजह
इस साल फरवरी के अंत में अमेरिका और ईरान का युद्ध शुरू हुआ था. तब से यह युद्ध रुकने का नाम नहीं ले रहा है. शुरुआत में अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के टॉप लीडर्स को खत्म कर दिया और ऐसा लग रहा था कि ईरान में जल्द सत्ता पलट हो सकता है। मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ और ईरान काफी आक्रामक हो गया. उसने खाड़ी देशे पर हमला करना शुरू कर दिया. इसमें अमेरिका को काफी नुकसान भी उठाना पड़ा. बाद में पाकिस्तान की सहायता से अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्था का दौर जारी था। ऐस लग रहा था कि सबकुछ ठीक हो जाएगा, मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ। अमेरिका ने एक बार युद्ध शुरू कर दिया। इस बार हमला ईरान के अहम ठिकाने थे, जहां से उसकी सप्लाई चेन टूट जाए। यहां उसने ईरान को तगड़ा नुकसान पहुंचाया, मगर अब भी ईरान डटा हुआ है. वहीं दूसरी ओर अमेरिका के पास मिसाइलों का स्टॉक खत्म हो चुका है. साथ युद्ध के दौरान अमेरिका ने गाइडेड मिसाइलों का अपना लगभग सारा ग्लोबल स्टॉक इस्तेमाल कर लिया है.
लंबी दूरी की मिसाइलों का स्टॉक खत्म
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' में खासतौर पर अपने करीब सभी आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम (ATACMS) और प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइलों को उपयोग कर लिया था। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने इस ऑपरेशन में अपनी "लगभग सभी" लंबी दूरी की मिसाइल का उपयोग कर लिया था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के पास मौजूद इंटरसेप्टर मिसाइलों और लंबी दूरी की मिसाइलों का स्टॉक खत्म हो गया है और यह प्रशासन के लिए एक अंदरूनी चुनौती बन गई है.
हथियार काफी हद तक इस्तेमाल कर लिए
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका इस रफ्तार से आगे नहीं बढ़ सकता, क्योंकि उसने ईरान युद्ध की शुरुआत में ही अपने सटीक हमले वाले हथियार काफी हद तक इस्तेमाल कर लिए थे. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इन मिसाइलों का स्टॉक सीमित है लेकिन अधिक चिंता की बात पैट्रियट और थाड (THAAD) इंटरसेप्टर मिसाइलों की संख्या को लेकर है. इनका उपयोग इतनी तेजी से हो रहा है कि अमेरिकी डिफेंस इंडस्ट्री उतनी तेजी से इन्हें बना नहीं पा रही है.
रक्षा करने के लिए क्षमताओं का विशाल भंडार
अमेरिकी रक्षा विभाग के सीनियर प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने मीडिया को दिए कए बयान में कहा, "अमेरिकी सेना दुनिया की सबसे ताकतवर सैन्य शक्ति है। उसके पास अपने मिशन को पूरा करने के लिए हर जरूरी चीज मौजूद है. हमने अलग-अलग इलाकों में कई सफल ऑपरेशन किए हैं। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया है कि अमेरिकी सेना के पास देश के लोगों और हितों की रक्षा करने के लिए क्षमताओं का विशाल भंडार हो."
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