महिला आरक्षण विधेयक पर सियासत तेज, बिहार के CM सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा
लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक के पारित नहीं होने को लेकर सियासत तेज हो गई है. भारतीय जनता पार्टी ने इसके लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया है. इसी मुद्दे पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित बीजेपी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस प्रेस वार्ता में एनडीए के सभी सहयोगी दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे.
सीएम सम्राट चौधरी का विपक्ष पर हमला
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के लिए यह बेहद दुखद स्थिति है कि आधी आबादी यानी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का मौका विपक्ष ने रोक दिया. उन्होंने कांग्रेस, टीएमसी, आरजेडी और समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि इन दलों का इतिहास महिलाओं को आगे बढ़ाने के खिलाफ रहा है. उन्होंने कहा कि पहले भी महिला आरक्षण बिल को रोकने का काम किया गया और इस बार भी खुले तौर पर विरोध देखने को मिला.
परिवारवाद पर उठाए सवाल
सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर परिवारवाद का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि ये नेता अपने परिवार की महिलाओं को तो राजनीति में आगे बढ़ाते हैं, लेकिन आम घर की बेटियों और बहनों को मौका नहीं देना चाहते. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस में राहुल गांधी की बहन चुनाव जीतती हैं, समाजवादी पार्टी में अखिलेश यादव की पत्नी सांसद बनती हैं, लेकिन आम महिलाओं के लिए रास्ता बंद किया जाता है.
बिल पास से बढ़ती महिलाओं की भागीदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर महिला आरक्षण विधेयक पास हो जाता तो देश और बिहार दोनों जगह महिलाओं की भागीदारी काफी बढ़ जाती. उन्होंने बताया कि बिहार विधानसभा में अभी केवल 29 महिला विधायक हैं, लेकिन बिल पास होने पर यह संख्या बढ़कर करीब 120 तक पहुंच सकती थी. उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार की योजना के अनुसार लोकसभा में सांसदों की संख्या बढ़ाकर 816 या 850 तक करने का प्रस्ताव था. ऐसे में लगभग 272 महिला सांसद संसद में पहुंच सकती थीं.
महिलाओं को आगे बढ़ाने का दावा
सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार महिलाओं को सशक्त बनाने का काम कर रहे हैं. उन्होंने याद दिलाया कि बिहार में 2006 में एनडीए सरकार बनने के बाद पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया. उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि आज बिहार में 50 प्रतिशत आरक्षण के बावजूद 59 प्रतिशत से ज्यादा महिलाएं चुनाव जीतकर आई हैं, जो महिला सशक्तिकरण का बड़ा उदाहरण है.
विपक्ष को जनता देगी जवाब
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण बिल का विरोध करने वाले दलों को जनता जवाब देगी. उन्होंने इसे महिलाओं के साथ धोखा बताया और कहा कि देश की महिलाएं इस मुद्दे को समझ रही हैं.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई नेता मौजूद
इस प्रेस वार्ता में एनडीए के कई नेता और जनप्रतिनिधि शामिल हुए. इनमें बीजेपी की राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा की विधायक ज्योति मांझी, जदयू की लेसी सिंह, आरएलएम की स्नेहलता कुशवाहा, बीजेपी की संगीता कुमारी, एमएलसी अनामिका सिंह और निवेदिता सिंह मौजूद रहीं.
Iran US Tension: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज हुआ खाली, यहां कभी भी हो सकती है जंग! जानें कितने बदले हालात
Iran US Tension: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खाली हो चुका है. यहां पर माहौल में तेजी से बदलाव देखा जा रहा है. यहां पर एक बार फिर तनाव देखने को मिल रहा है. भारतीय जहाजों पर हमले और ईरान के संग बातचीत के बीच अमेरिकी नौसेना ने अपनी हलचल काफी तेज कर दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार सुबह व्हाइट हाउस के हालात को लेकर उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है. इसमें संकट और संभावित समझौते को लेकर चर्चा जारी है. हालांकि हालात गंभीर हालात में हैं. युद्धविराम की अवधि तीन दिनों के अंदर खत्म हो जाएगी. अभी तक अमेरिका और ईरान के बीच अगली बैठक की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है.
इस बैठक में कौन-कौन शामिल?
ट्रंप ने हाल में यह दावा किया है कि समझौता ‘एक-दो दिन’ होना संभव है. हालांकि यहां पर जमीन पर हालात उलट दिखाई दे रहे हैं. अमेरिकी अधिकारियों के तहत अगर जल्द कोई ठोस प्रगति नहीं होती है तो आने वाले दिनों संघर्ष दोबारा से भड़क सकता है. व्हाइट हाउस की अहम बैठक में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के साथ कई अधिकारी उपस्थित हुए. इसके साथ CIA निदेशक और ज्वाइंट चीफ्स के प्रमुख ने हिस्सा लिया.
ईरान हमें ब्लैकमेल नहीं कर सकता
इस पूरी वार्ता के पीछे पाकिस्तान अहम भूमिका निभा रहा है. पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर ने इस सप्ताह तेहरान में अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता को लेकर बात की. इसके लिए ट्रंप ने मुनीर और ईरानी पक्ष से फोन पर बातचीत की. ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के अनुसार, अमेरिका ने नए प्रस्ताव दिए हैं, जिन पर फिलहाल विचार जारी है. इस में मुख्य बिंदु ईरान का परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम भंडार बना हुआ है. दोनों पक्ष इस मुद्दे पर कुछ हद काफी समझौते के करीब थे, मगर होर्मुज में अचानक बढ़े तनाव ने हालात को दोबारा से उलझा दिया है. ट्रंप ने साफ कहा कि ईरान ‘ब्लैकमेल’ नहीं कर सकता. अगर किसी तरह का समझौता नहीं हुआ तो हालात दोबारा से बिगड़ सकते हैं.
लेबनान में युद्धविराम के बाद फायरिंग शुरू
इस दौरान यह भी खबर आ रही है कि लेबनान और इजरायल में युद्धविराम के बाद भी तनाव कम नहीं हुआ है. इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में ‘येलो लाइन’ नाम से नई सैन्य सीमा तय करने की घोषणा की है. इस इलाके में कई हमले भी हुए हैं. इजरायली सेना का दावा है कि उन लोगों निशाना बनाया गया जो युद्धविराम का उल्लंघन उसकी सेना के करीब आ रहे थे. इसके साथ ही हिजबुल्लाह से जुड़े ठिकानों और एक अंडरग्राउंड सुरंग पर भी हमले किया गया है. यह सब ऐसे वक्त पर हो रहा है कि जब इजरायल और लेबनान के बीच हाल ही में 10 दिन का युद्धविराम तय किया गया है.
ये भी पढ़ें: 'आपने मुझे अनुमति दी, अब आप गोली चला रहे हैं', सामने आया भारतीय जहाज पर गोलीबारी की घटना का ऑडियो क्लिप
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation


















