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Potato Storage: मानसून में आलू नहीं होंगे खराब! अपनाएं ये 5 आसान किचन टिप्स, हफ्तों तक रहेंगे फ्रेश

Potato Storage: बारिश का मौसम अपने साथ ठंडक और राहत तो लेकर आता है, लेकिन किचन में रखी कई चीजों के लिए यह मौसम चुनौती भी बन जाता है। खासकर आलू, जो लगभग हर घर की रसोई का अहम हिस्सा हैं, मानसून की नमी के कारण जल्दी सड़ने, अंकुरित होने या बदबू देने लगते हैं। कई बार कुछ ही दिनों में पूरे बैग के आलू खराब हो जाते हैं, जिससे पैसे और खाने दोनों की बर्बादी होती है।

अगर आप भी हर साल बारिश के मौसम में आलू खराब होने की समस्या से परेशान रहते हैं, तो कुछ आसान किचन टिप्स आपकी इस परेशानी को दूर कर सकते हैं। सही तरीके से स्टोर करने और छोटी-छोटी सावधानियां अपनाने से आलू लंबे समय तक ताजे और उपयोग लायक बने रह सकते हैं। आइए जानते हैं 5 ऐसे आसान उपाय, जो मानसून में आलू को जल्दी खराब होने से बचाने में मदद करेंगे।

आलू को सूखी और हवादार जगह पर रखें
आलू को कभी भी बंद डिब्बे, प्लास्टिक बैग या नमी वाली जगह पर न रखें। इन्हें ऐसी जगह स्टोर करें जहां हवा का अच्छा प्रवाह हो और नमी कम हो। बांस की टोकरी, जूट की बोरी या खुली टोकरी आलू रखने के लिए बेहतर विकल्प मानी जाती है। इससे आलू लंबे समय तक फ्रेश रहते हैं।

फ्रिज में रखने की गलती न करें
कई लोग आलू को सुरक्षित रखने के लिए फ्रिज में रख देते हैं, लेकिन यह सही तरीका नहीं है। बहुत कम तापमान पर आलू का स्टार्च तेजी से शुगर में बदलने लगता है, जिससे स्वाद और बनावट दोनों प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए सामान्य कमरे के तापमान वाली सूखी जगह पर ही इन्हें स्टोर करें।

प्याज के साथ कभी न रखें
आलू और प्याज को एक साथ रखने की आदत कई घरों में होती है, लेकिन इससे दोनों जल्दी खराब हो सकते हैं। प्याज से निकलने वाली गैस और नमी आलू में अंकुरण और सड़न की प्रक्रिया को तेज कर सकती है। दोनों को अलग-अलग टोकरी या कंटेनर में रखें।

खराब आलू तुरंत अलग कर दें
अगर स्टोर किए हुए आलुओं में कोई एक आलू सड़ने लगे या उस पर फफूंदी दिखे, तो उसे तुरंत बाकी आलुओं से अलग कर दें। एक खराब आलू पूरे स्टॉक को खराब कर सकता है। समय-समय पर आलुओं की जांच करते रहें और खराब आलू निकालते रहें।

धूप और नमी से बचाकर रखें
आलू को सीधी धूप में रखने से वे हरे पड़ सकते हैं और उनमें सोलनिन नामक तत्व बनने लगता है, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। वहीं अत्यधिक नमी सड़न और फफूंदी का कारण बनती है। इसलिए ऐसी जगह चुनें जहां न धूप पहुंचे और न ही ज्यादा नमी हो।

आलू स्टोर करते समय इन बातों का भी रखें ध्यान

आलू खरीदने के बाद यदि उन पर मिट्टी लगी हो तो तुरंत धोकर स्टोर न करें।
इस्तेमाल करने से ठीक पहले ही आलू धोएं।
स्टोर करने से पहले आलू पूरी तरह सूखे होने चाहिए।
समय-समय पर आलू की जांच करते रहें।
जरूरत के हिसाब से ही आलू खरीदें, ताकि लंबे समय तक स्टोर करने की जरूरत न पड़े।

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लेखक: (कीर्ति)

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Diabetes Care: डायबिटीज में भूलकर भी न खाएं ये 5 फल! तेजी से बढ़ सकती है ब्लड शुगर, जानिए किन फ्रूट्स से रखें दूरी

Diabetes Care: डायबिटीज के मरीजों के लिए सिर्फ मीठा छोड़ देना ही काफी नहीं होता, बल्कि सही फलों का चुनाव भी उतना ही जरूरी है। कई ऐसे फल हैं जिनमें प्राकृतिक शुगर (फ्रक्टोज) और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है। इन्हें अधिक मात्रा में खाने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को यह समझना चाहिए कि कौन-से फल सीमित मात्रा में खाने हैं और किनसे दूरी बनाना बेहतर रहेगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, फल पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं होती, लेकिन हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स और अधिक शुगर वाले फलों का सेवन सोच-समझकर करना चाहिए। सही मात्रा, सही समय और सही फल चुनकर डायबिटीज के मरीज अपनी डाइट को हेल्दी बनाए रख सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे 5 फलों के बारे में, जिनका सेवन डायबिटीज में सीमित रखना बेहतर माना जाता है।

डायबिटीज मरीज 5 फलों से बनाएं दूरी

पका हुआ केला
केला ऊर्जा का अच्छा स्रोत माना जाता है, लेकिन पूरी तरह पके केले में प्राकृतिक शुगर और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा होती है। इसका ग्लाइसेमिक लोड भी अधिक हो सकता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ने का खतरा रहता है। डायबिटीज के मरीज अगर केला खाना चाहते हैं तो आधा या छोटा केला ही खाएं और इसे प्रोटीन या नट्स के साथ लें।

आम
आम को फलों का राजा कहा जाता है, लेकिन इसमें प्राकृतिक शुगर काफी अधिक होती है। अधिक मात्रा में आम खाने से ब्लड ग्लूकोज तेजी से बढ़ सकता है। यदि डायबिटीज के मरीज आम खाना चाहते हैं तो बहुत सीमित मात्रा में और डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार ही सेवन करें।

अंगूर
अंगूर छोटे जरूर होते हैं, लेकिन इनमें प्राकृतिक शुगर की मात्रा काफी अधिक होती है। एक साथ ज्यादा अंगूर खाने से शरीर में ग्लूकोज का स्तर तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को इसकी मात्रा नियंत्रित रखनी चाहिए।

चीकू
चीकू बेहद मीठा फल होता है और इसमें प्राकृतिक शुगर के साथ कैलोरी भी अधिक होती है। इसका ज्यादा सेवन ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकता है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को चीकू खाने से बचना चाहिए या बहुत कम मात्रा में ही इसका सेवन करना चाहिए।

लीची
लीची स्वादिष्ट और रसीली होती है, लेकिन इसमें भी प्राकृतिक शुगर अच्छी-खासी मात्रा में मौजूद होती है। ज्यादा लीची खाने से शुगर लेवल बढ़ सकता है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को इसकी मात्रा सीमित रखनी चाहिए और खाली पेट इसका सेवन करने से बचना चाहिए।

(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)

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Mohammed Shami का खुलासा: Yuvraj Singh के सामने कांपने लगी थी आवाज, Dressing Room का वो अनसुना किस्सा

भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाना हर खिलाड़ी का सपना होता है, लेकिन जब कोई युवा खिलाड़ी पहली बार उस ड्रेसिंग रूम में पहुंचता है, जहां उसके बचपन के पसंदीदा सितारे मौजूद हों, तो वह पल बेहद खास बन जाता है। तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने अपने करियर के शुरुआती दिनों का ऐसा ही किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम में पहली बार पहुंचने पर वह इतने घबरा गए थे कि टीम के सामने अपना परिचय देने के अलावा कुछ बोल ही नहीं पाए थे।

मोहम्मद शमी ने बताया कि भारतीय टीम में पहली बार शामिल होने से पहले उन्हें अंदाजा नहीं था कि अंदर का माहौल कैसा होगा। मैच से एक दिन पहले टीम की बैठक हो रही थी। जैसे ही वह कमरे के अंदर पहुंचे और आसपास बैठे खिलाड़ियों को देखा, उन्हें ऐसा लगा जैसे उनके बचपन के लगभग सभी पसंदीदा खिलाड़ी उनके सामने बैठे हों। इस वजह से वह चुपचाप जाकर बैठ गए और किसी से ज्यादा बातचीत नहीं कर पाए।

इसी दौरान पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह ने शमी से कुर्सी पर खड़े होने के लिए कहा और टीम के सामने कुछ बोलने को कहा। शमी ने बताया कि उस समय उनके दिमाग में कुछ भी नहीं आ रहा था। बड़े खिलाड़ियों को सामने देखकर वह इतना नर्वस हो गए थे कि उन्हें अपना भाषण तक याद नहीं रहा। आखिर में उन्होंने सिर्फ अपना नाम और अपने शहर के बारे में बताया और वहीं रुक गए।

गौरतलब है कि यह घटना शमी के अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत के दौर की है। उन्होंने छह जनवरी 2013 को दिल्ली में पाकिस्तान के खिलाफ एकदिवसीय मुकाबले से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। उसी साल नवंबर में कोलकाता के ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्हें टेस्ट पदार्पण का मौका मिला। इसके बाद 21 मार्च 2014 को मीरपुर में पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी पदार्पण किया।

उस शुरुआती झिझक के बाद शमी ने भारतीय तेज गेंदबाजी में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने भारत के लिए 64 टेस्ट मुकाबले खेले हैं और 229 विकेट लिए हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम छह बार एक पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड है। एकदिवसीय क्रिकेट में शमी ने 108 मुकाबलों में 206 विकेट हासिल किए हैं, जबकि इस प्रारूप में भी उन्होंने छह बार पांच विकेट लिए हैं। टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उन्होंने 25 मैच खेलकर 27 विकेट अपने नाम किए हैं।

शमी ने भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम से जुड़ा एक और मजेदार किस्सा भी बताया। उनसे जब टीम के सबसे मजाकिया खिलाड़ी का नाम पूछा गया तो उन्होंने पूर्व सलामी बल्लेबाज शिखर धवन को चुना। शमी के मुताबिक, धवन मुश्किल परिस्थितियों में भी टीम का माहौल हल्का रखने की कोशिश करते थे।

उन्होंने बताया कि अगर भारत कोई मुकाबला हार जाता था और सभी खिलाड़ी चुपचाप बैठते थे, तब धवन अचानक जोर से हंसने लगते थे। पूछने पर वह मजाक में कहते थे कि मैच हार गए हैं, इसलिए हंसी आ रही है। शमी के मुताबिक, धवन कभी-कभी पंजाबी गाने बजने पर मेज पर खड़े होकर नाचने भी लगते थे। ऐसी हरकतों से हार के बाद ड्रेसिंग रूम का माहौल ज्यादा भारी नहीं होता था।

बता दें कि शिखर धवन ने भारत के लिए 34 टेस्ट, 167 एकदिवसीय और 68 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। उन्होंने 2024 में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी। शमी के मुताबिक, पूरे साल क्रिकेट खेलने के दौरान जीत और हार दोनों आती रहती हैं, इसलिए खिलाड़ियों के लिए मुश्किल समय में भी माहौल को सामान्य रखना जरूरी होता है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, शमी ने भारत के लिए अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नौ मार्च 2025 को दुबई में न्यूजीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में खेला था। भारत ने यह मुकाबला चार विकेट से जीतकर खिताब अपने नाम किया था। शमी के करियर की शुरुआत में जिस खिलाड़ी के सामने वह कुछ बोल नहीं पाए थे, उसी टीम के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में उनका नाम आज शामिल है।
Mon, 10 Aug 2026 21:43:21 +0530

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