हिजबुल्ला की चेतावनी : इजरायली उल्लंघन का मिलेगा करारा जवाब, लेबनान सरकार के साथ नई शुरुआत की तैयारी
बेरुत, 19 अप्रैल (आईएएनएस)। हिजबुल्लाह के नेता नईम कासिम ने कहा कि इजरायल के साथ संघर्ष-विराम का मतलब पूरी तरह से हमले बंद होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इजरायल दक्षिणी लेबनान में किसी तरह का उल्लंघन करता है, तो उसका जवाब दिया जाएगा।
कासिम ने अपने बयान में कहा कि एकतरफा संघर्षविराम नहीं हो सकता। उन्होंने साफ किया कि अगर आक्रामक कार्रवाई जारी रहती है, तो हिजबुल्लाह के लड़ाके उसी हिसाब से जवाब देंगे।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने पांच अहम शर्तें भी रखीं। इनमें पूरे लेबनान में स्थायी रूप से लड़ाई बंद करना, इजरायली सेना की पूरी वापसी, बंदियों की रिहाई, विस्थापित लोगों को वापस बसाना और अरब तथा अंतरराष्ट्रीय मदद से पुनर्निर्माण शामिल है।
कासिम ने यह भी कहा कि हिजबुल्लाह हार नहीं मानने वाला है और वह लेबनान की आजादी और संप्रभुता के लिए आगे भी प्रयास करता रहेगा।
कासिम ने यह भी कहा कि हिजबुल्लाह लेबनानी सरकार के साथ सहयोग का एक नया अध्याय शुरू करने के लिए तैयार है। उन्होंने राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने और संप्रभुता की रक्षा के लिए सरकारी संस्थानों के साथ काम करने पर जोर दिया।
इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिन का संघर्ष विराम गुरुवार और शुक्रवार की आधी रात से लागू हुआ। इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी घोषणा की थी।
लेकिन इजरायली सेना ने शनिवार को बताया कि उसने “येलो लाइन” के पास पहुंच रहे लड़ाकों पर हमला किया। यह इलाका दक्षिणी लेबनान में इजरायल द्वारा बनाए गए सुरक्षा क्षेत्र की उत्तरी सीमा माना जाता है।
प्रत्यक्षदर्शियों और एक लेबनानी सुरक्षा सूत्र के अनुसार, इजरायली सेना ने शनिवार को दक्षिणी लेबनान के सीमावर्ती क्षेत्र के पूर्वी हिस्से में, कफ़रचौबा गाँव के पास एक नया सैन्य ठिकाना बनाना भी शुरू कर दिया।
सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, इजरायली सेना के बुलडोजर और खुदाई मशीनें, एक टैंक की सुरक्षा में, वहां जमीन समतल करने का काम कर रही थी। इन गतिविधियों में जमीन को समतल करना, खुदाई करना और मिट्टी के टीले बनाना शामिल था; ये सभी संकेत इस बात की ओर इशारा करते हैं कि वहाँ एक नया सैन्य ठिकाना स्थापित किया जा रहा है, जो प्रशासनिक रूप से कफरचौबा से जुड़ा होगा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह जगह “रबा अल-तेबेन” पहाड़ी है, जो लेबनान-इजरायल सीमा से करीब 1.5 किलोमीटर दूर है और जहां जैतून के पेड़ और अंगूर के बाग हैं।
--आईएएनएस
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