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Dal Tadka Recipe: ढाबे वाली दाल तड़का घर में करें तैयार, मेहमानों को परोसेंगे तो सब चाट लेंगे उंगलियां

Dal Tadka Recipe: दाल भारतीय खाने का ऐसा हिस्सा है, जो साधारण थाली को भी स्वादिष्ट और भरपूर बना देती है। लेकिन जब बात ढाबे वाली दाल तड़का की हो तो इसका स्वाद ही अलग होता है। ऊपर से पड़ने वाला गरमागरम तड़का, घी की खुशबू, लहसुन की महक और मसालों का जायका दाल को इतना स्वादिष्ट बना देता है कि सादे चावल या रोटी के साथ भी पेट भरने का मन नहीं करता।

अगर घर पर मेहमान आने वाले हैं और आप कुछ ऐसा बनाना चाहते हैं जो स्वाद में रेस्टोरेंट या ढाबे जैसा लगे, तो दाल तड़का बेहतरीन विकल्प है। इसे बनाने के लिए बहुत ज्यादा मेहनत या महंगे सामान की जरूरत नहीं होती। बस दाल को सही तरीके से पकाने और तड़का लगाने का तरीका पता होना चाहिए। आइए जानते हैं घर पर ढाबे जैसी दाल तड़का बनाने की आसान रेसिपी।

दाल तड़का बनाने के लिए सामग्री

  • 1 कप अरहर दाल
  • 2 कप पानी या जरूरत के अनुसार
  • 1 छोटा टमाटर बारीक कटा हुआ
  • 1 छोटा प्याज बारीक कटा हुआ
  • 2 हरी मिर्च
  • 1/2 छोटा चम्मच हल्दी
  • 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
  • नमक स्वादानुसार
  • 1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर
  • हरा धनिया गार्निश के लिए

तड़के के लिए

  • 1-2 बड़े चम्मच घी
  • 1/2 छोटा चम्मच जीरा
  • 1 चुटकी हींग
  • 4-5 लहसुन की कलियां बारीक कटी हुई
  • 1-2 सूखी लाल मिर्च
  • 1/2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
  • थोड़ा सा कसूरी मेथी

ढाबा स्टाइल दाल तड़का बनाने का तरीका

दाल को अच्छी तरह पकाएं
सबसे पहले अरहर दाल को 2-3 बार साफ पानी से धो लें। इसे प्रेशर कुकर में डालकर हल्दी, नमक और पानी मिलाएं। अब इसे मध्यम आंच पर 3-4 सीटी आने तक पकाएं। कुकर का प्रेशर निकलने के बाद दाल को अच्छी तरह फेंट लें, ताकि उसका टेक्सचर एकसार और हल्का क्रीमी हो जाए।

अगर दाल बहुत गाढ़ी लगे तो इसमें थोड़ा गर्म पानी मिलाया जा सकता है। ढाबे वाली दाल की खासियत यह है कि वह न बहुत पतली होती है और न ही जरूरत से ज्यादा गाढ़ी।

मसाले का बेस तैयार करें
एक पैन में थोड़ा घी या तेल गर्म करें। इसमें जीरा और हींग डालें। जीरा चटकने लगे तो बारीक कटा प्याज और हरी मिर्च डालकर भूनें। प्याज हल्का सुनहरा होने पर इसमें टमाटर डालें।

अब हल्दी, धनिया पाउडर और थोड़ा लाल मिर्च पाउडर डालकर मसालों को अच्छी तरह पकाएं। जब टमाटर नरम होकर मसाले से तेल अलग करने लगे तो इसमें तैयार दाल डाल दें।

अब आएगा ढाबे वाला असली तड़का
दाल को धीमी आंच पर 3-4 मिनट पकने दें। इस दौरान एक छोटे तड़का पैन में घी गर्म करें। इसमें जीरा, हींग, कटा हुआ लहसुन और सूखी लाल मिर्च डालें। लहसुन को हल्का सुनहरा होने तक भूनें।

गैस बंद करने के बाद इसमें थोड़ा लाल मिर्च पाउडर और कसूरी मेथी डालें। तुरंत यह तड़का गरम दाल के ऊपर डाल दें। तड़का पड़ते ही आने वाली खुशबू दाल का पूरा स्वाद बदल देगी।

सर्व करने का तरीका
तैयार दाल तड़का को ऊपर से हरे धनिए से सजाएं। इसे गरमागरम जीरा राइस, सादे चावल, तंदूरी रोटी, नान या पराठे के साथ परोसा जा सकता है। सर्व करने से ठीक पहले ऊपर से थोड़ा घी डालने से इसका स्वाद और खुशबू और बढ़ जाती है।

ढाबे जैसा स्वाद पाने की ट्रिक

दाल को अच्छी तरह फेंटना और आखिर में अलग से लहसुन-जीरे का तड़का लगाना सबसे जरूरी है। तड़के में घी का इस्तेमाल करने से स्वाद ज्यादा रिच आता है। लहसुन को बहुत ज्यादा न जलाएं, वरना दाल में कड़वा स्वाद आ सकता है। साथ ही तड़का डालने के बाद दाल को तुरंत ढक दें, इससे खुशबू अच्छी तरह दाल में बनी रहती है।

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लेखक: (कीर्ति)

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Radish Leaves Benefits: मूली ही नहीं, इसके पत्ते भी हैं सेहत का खजाना! 5 फायदे जानकर फेंकना कर देंगे बंद

Radish Leaves Benefits: मूली को सलाद, पराठे और सब्जी के रूप में खाने वाले लोग इसकी जड़ का तो खूब इस्तेमाल करते हैं, लेकिन अक्सर इसके हरे पत्तों को काटकर फेंक देते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि मूली के पत्ते भी कई पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इनमें फाइबर, विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं, जो संतुलित डाइट का हिस्सा बनकर शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचा सकते हैं।

मूली के पत्तों को सब्जी, साग, पराठे या दाल में मिलाकर खाया जा सकता है। इनमें मौजूद पोषक तत्व पाचन से लेकर शरीर की सामान्य प्रतिरक्षा और हड्डियों की सेहत को सपोर्ट करने में भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, किसी एक खाद्य पदार्थ को किसी बीमारी का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। 

मूली के पत्ते खाने के 5 बड़े फायदे

पाचन के लिए हो सकते हैं फायदेमंद
मूली के पत्तों में डाइटरी फाइबर पाया जाता है। फाइबर पाचन तंत्र को सही तरीके से काम करने में मदद करता है और मल त्याग को सामान्य बनाए रखने में भूमिका निभाता है। डाइट में पर्याप्त फाइबर लेने से कब्ज जैसी समस्या से बचने में मदद मिल सकती है। इसके साथ पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है।

शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं
मूली के पत्तों में विटामिन और मिनरल्स सहित कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। संतुलित आहार में हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करने से शरीर को अलग-अलग जरूरी पोषक तत्व मिल सकते हैं। मूली के पत्तों को दूसरी सब्जियों और दालों के साथ मिलाकर खाने से डाइट में विविधता भी बढ़ती है।

इम्युनिटी को सपोर्ट कर सकते हैं
मूली के पत्तों में विटामिन C समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर की सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए जरूरी होते हैं। विटामिन C एंटीऑक्सीडेंट के रूप में भी काम करता है। इसलिए मूली के पत्तों को संतुलित डाइट में शामिल करना शरीर की सामान्य इम्युनिटी को सपोर्ट करने वाला विकल्प हो सकता है।

हड्डियों के लिए उपयोगी डाइट का हिस्सा
हरी पत्तेदार सब्जियां कई जरूरी विटामिन और मिनरल्स का स्रोत हो सकती हैं। मूली के पत्तों को भी इसी तरह की पौष्टिक सब्जियों में शामिल किया जा सकता है। इनमें मौजूद पोषक तत्व हड्डियों और शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली को सपोर्ट करने में योगदान दे सकते हैं। हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम और विटामिन D समेत पूरी डाइट पर ध्यान देना जरूरी है।

वजन मैनेजमेंट में मदद कर सकते हैं
मूली के पत्तों में फाइबर होता है और ये सामान्य तौर पर हल्की, सब्जी आधारित डाइट का हिस्सा बन सकते हैं। फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकता है, जिससे बार-बार खाने की इच्छा को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। वजन मैनेजमेंट के लिए इन्हें कम तेल में पकाकर खाना बेहतर विकल्प है।

मूली के पत्ते कैसे खाएं?

मूली के पत्तों को अच्छी तरह धोकर मिट्टी और गंदगी साफ कर लें। इसके बाद इन्हें बारीक काटकर लहसुन, हरी मिर्च और हल्के मसालों के साथ सब्जी के रूप में बनाया जा सकता है। मूली के पत्तों का साग या पराठा भी तैयार किया जा सकता है। इन्हें दाल में मिलाने से उसका स्वाद और पोषण दोनों बढ़ सकते हैं।

(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)

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