ईरान ने बांग्लादेश के मालवाहक जहाज को नहीं दी होर्मुज स्ट्रेट से निकलने की अनुमति
ढाका, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। बांग्लादेश के सरकारी बांग्लादेश शिपिंग कॉर्पोरेशन (बीएससी) का मालवाहक जहाज एमवी बांग्लार जॉयजात्रा को होर्मुज स्ट्रेट से निकलने की इजाजत नहीं मिली। बांग्लादेशी मीडिया ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, ईरानी अधिकारियों ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आरजीसीए) से ट्रांजिट की मंजूरी न लेने की वजह से आगे बढ़ने नहीं दिया।
ढाका ट्रिब्यून ने बताया कि ईरान के होर्मुज स्ट्रेट खोलने के ऐलान के बाद 31 क्रू मेंबर वाला यह जहाज शारजाह पोर्ट के पास रुका था। पोर्ट से बांग्लादेशी जहाज के निकलने के बाद ईरानी सेना ने रोक दिया।
ईरानी नेवी ने एक रेडियो निर्देश जारी करके सभी जहाजों को अपने इंजन बंद करने और आवाजाही रोकने का आदेश दिया और चेतावनी भी दी कि आईआरजीसी की इजाजत के बिना किसी भी जहाज को पार करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बीएससी के मैनेजिंग डायरेक्टर कमोडोर महमूदुल मालेक ने ढाका ट्रिब्यून को बताया, “कंपनी ने पहले इजाजत मांगी थी लेकिन कोई जवाब नहीं मिला, क्योंकि हमें कोई मनाही या कन्फर्मेशन नहीं मिला, इसलिए हमने मान लिया कि स्ट्रेट खुल गया है। करीब 40 कमर्शियल जहाज चलने लगे और बांग्लार जॉयजात्रा उनके पीछे-पीछे चला।”
उन्होंने कहा, “अपनी स्पीड से जहाज तड़के करीब 3 बजे तक ओमान सागर में जा सकता था, लेकिन अचानक रात करीब 12:30 बजे, ईरानी नेवी और आईआरजीसी के एक मैसेज में सभी जहाजों को रुकने का निर्देश दिया गया।”
बांग्लादेशी मीडिया ने बताया कि इससे पहले सीजफायर के बाद जहाज ने 8 अप्रैल को स्ट्रेट पार करने की कोशिश की थी। करीब 40 घंटे चलने के बाद यह 10 अप्रैल को आसपास पहुंच गया, लेकिन उसे आगे बढ़ने की इजाजत नहीं मिली थी।
चीफ इंजीनियर रशीदुल हसन ने कहा कि जहाज ने पहले सऊदी अरब के रास अल खैर पोर्ट से करीब 37,000 टन फर्टिलाइजर लोड किया था और दक्षिण अफ़्रीका के केप टाउन तक अपनी यात्रा जारी रखने के लिए मंजूरी का इंतजार कर रहा था।
ढाका ट्रिब्यून ने बीएससी के सूत्रों के हवाले से बताया कि एमवी बांग्लार जॉयजात्रा 27 फरवरी को कतर के मेसाईद पोर्ट से 38,800 टन स्टील कॉइल लेकर संयुक्त अरब अमीरात के जेबेल अली पोर्ट पर पहुंचा था। लड़ाई के हालात बनने की वजह से यह पोर्ट पर ही खड़ा रहा और देरी के बाद 11 मार्च को अनलोडिंग पूरी हुई।
--आईएएनएस
केके/वीसी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
पाकिस्तान: बच्चों में एचआईवी के मामलों में तेजी, असुरक्षित हेल्थकेयर प्रैक्टिस बनी बड़ी वजह
कराची, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। पाकिस्तान में पिछले नौ महीनों में कराची के तीन अस्पतालों में भर्ती बच्चों में ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस (एचआईवी) के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है और ताजा रिपोर्ट के अनुसार यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
सिंध इन्फेक्शियस डिजीज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (एसआईडीएचएंडआरसी) ने 2024 में 10 एचआईवी पॉजिटिव बच्चों को भर्ती किया था और 2025 में उनकी संख्या बढ़कर 70 से ज्यादा हो गई। पाकिस्तानी मीडिया डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल एचआईवी पॉजिटिव 30 बच्चों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
2024 में इंडस हॉस्पिटल में 144 एचआईवी पॉजिटिव मरीज दर्ज किए गए थे, जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर 171 हो गई। इसके अलावा इसी वर्ष की पहली तिमाही में ही इस अस्पताल में 69 एचआईवी मरीज सामने आ चुके हैं।
इंडस हॉस्पिटल में इन्फेक्शन कंट्रोल सर्विसेज की चेयर और इन्फेक्शियस डिजीज की कंसल्टेंट डॉ. समरीन सरफराज ने डॉन को बताया, हमारे हॉस्पिटल में बच्चों के पंजीकृत मामलों में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। अगस्त 2025 से अब तक, 14 साल से कम उम्र के 72 बच्चे पंजीकृत हुए हैं, जिनमें से 68 फीसदी पांच साल से कम उम्र के हैं।
सरफराज के मुताबिक, उनके पंजीकृत बच्चों के एचआईवी मामलों में से ज्यादातर की वजह असुरक्षित हेल्थकेयर प्रैक्टिस हैं। उन्होंने कहा कि सीरिंज, सुई, इंट्रावीनस ड्रिप सेट और कैनुला का दोबारा इस्तेमाल, खराब या गलत तरीके से स्टरिलाइज किए गए मेडिकल इंस्ट्रूमेंट्स का इस्तेमाल और बिना स्क्रीनिंग वाला खून चढ़ाना हेल्थकेयर सेटिंग्स में एचआईवी फैलने के मुख्य कारण हैं।
सरफराज ने यह भी बताया कि कमर्शियल वजहों से पब्लिक सेक्टर के कई डॉक्टर खाने वाली दवाओं के बजाय ड्रिप और इंजेक्शन पसंद करते हैं। उनके मुताबिक, यूएसएआईडी (यूनाइटेड स्टेट्स एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट) की फंडिंग रुकने से पूरे पाकिस्तान में एंटीरेट्रोवायरल और एंटी-ट्यूबरकुलोसिस दवाओं की कमी हो गई है।
सरफराज के मुताबिक, रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ईस्टर्न मेडिटेरेनियन (डब्ल्यूएचओ ईएमआरओ) के सभी इलाकों में पाकिस्तान में एचआईवी महामारी सबसे तेजी से बढ़ रही है।
उन्होंने सिरिंज, कैनुला, ड्रिप सेट और मल्टी-डोज वायल के दोबारा इस्तेमाल जैसी आम गड़बड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और इंजेक्शन सेफ्टी के लिए नेशनल एक्शन प्लान 2019 को लागू करने की भी मांग की।
--आईएएनएस
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