ईरानी सेना दिवस पर अराघची ने जारी किया बधाई संदेश, बोले- सेना की समझदारी और ताकत साफ दिख रही
नई दिल्ली, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान में 18 अप्रैल को सेना दिवस मनाया जा रहा है। अमेरिका और इजरायल के साथ जारी तनाव की वजह से सेना दिवस के मौके पर कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में बदलाव किए गए हैं। वहीं ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने ईरानी सेना के लिए संदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि तनाव के समय में ईरानी सेना की समझदारी और ताकतवर भूमिका पहले से कहीं ज्यादा साफ दिख रही है।
ईरानी सेना के प्रवक्ता मोहम्मद अक्रमिनिया के अनुसार, युद्ध जैसी स्थितियों के कारण इस साल शहरों में होने वाली पारंपरिक सैन्य परेड को रद्द कर दिया गया है। विदेश मंत्री अराघची ने कहा, अल्लाह के नाम पर, जो सबसे दयालु और रहमदिल है, भाई मेजर जनरल हतामी, ईरान की सेना के कमांडर-इन-चीफ, ऐसे समय में जब हमारा प्यारा वतन अपने इतिहास के सबसे अहम दौर से गुजर रहा है और देश के हितों की रक्षा करने और देश की स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने में सेना की समझदारी और ताकतवर भूमिका पहले से कहीं ज्यादा साफ दिख रही है। मैं आपको, साथ ही इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की सेना के सभी बहादुर लड़ाकों और समर्पित सैनिकों को, 29वें फरवरदीन, आर्मी डे के मौके पर दिल से बधाई देता हूं।
उन्होंने आगे कहा, यह दिन सेना की चारों ब्रांच में इस देश के गर्वित बेटों की हिम्मत, कुर्बानी और समर्पण का सम्मान करने का एक कीमती मौका है, जिन्होंने दूसरी आर्म्ड फोर्सेज के साथ मिलकर इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की संप्रभुता की रक्षा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। देश की सुरक्षा और ताकत पक्के इरादे, नेक इरादों और बहादुर लोगों की लगन से आती है, जिन्होंने सीमाओं की रक्षा और देश के हितों की रक्षा सबसे अच्छे तरीके से की है। बेशक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान की मौजूदा ताकत, साथ ही देश के हितों की रक्षा में इसके डिप्लोमैटिक सिस्टम की सफलताएं, बिना स्वार्थ के सेना की लगातार कोशिशों और कुर्बानियों की वजह से हैं।
ईरानी विदेश मंत्री ने बधाई संदेश में आगे कहा, विदेश मंत्रालय में मेरे साथी और मैं, अलग-अलग समय में, खासकर हाल की अहम लड़ाइयों में हमलावरों का सामना करने में सेना की बहादुरी की याद का सम्मान करते हैं और ईरान की सेना के साथ लगातार बातचीत, तालमेल और सहयोग के लिए अपने पक्के वादे को दोहराते हैं। ईरान की सेना के सम्मानित शहीदों के सम्मान में, मैं ईरानी राष्ट्र, उसकी सेना और उसके डिप्लोमैटिक कोर की जीत और शान के लिए दुआ करता हूं।
बता दें कि ईरानी सेना दिवस की शुरुआत 18 अप्रैल, 1979 को आयतोलला खुमैनी द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य ईरानी सशस्त्र बलों की ताकत और देश की रक्षा के प्रति उनके समर्पण को प्रदर्शित करना है।
--आईएएनएस
केके/डीएससी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
तुर्की: चार देशों के विदेश मंत्रियों की सलाहकार बैठक, संवाद और कूटनीति को बताया अहम
इस्तांबुल, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। तुर्की में अंताल्या डिप्लोमेसी फोरम का आयोजन किया गया है। शनिवार को पाकिस्तान, मिस्र, सऊदी अरब और तुर्की के विदेश मंत्रियों ने तीसरी सलाहकार बैठक की। जिसमें क्षेत्रीय हालात पर चर्चा करते हुए शांति और स्थिरता के लिए डायलॉग एंड डिप्लोमेसी (संवाद और कूटनीति) को अहम बताया गया।
बैठक में बदलते क्षेत्रीय परिदृश्य पर मंथन हुआ और मौजूदा चुनौतियों से निपटने को लेकर अपने-अपने दृष्टिकोण साझा किए गए। चारों विदेश मंत्रियों ने माना कि क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए कूटनीतिक प्रयास और बातचीत ही सबसे प्रभावी तरीका है।
चारों ने आपसी समन्वय को और मजबूत करने पर जोर दिया और साझा हितों के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। बैठक ऐसे समय में हुई है, जब वैश्विक और क्षेत्रीय स्तर पर कई मुद्दों पर सहयोग और संवाद की जरूरत बढ़ रही है।
तुर्की मीडिया आउटलेट हुर्रियत डेली न्यूज ने बताया कि विदेश मंत्री हकन फिदान ने 18 अप्रैल को अंताल्या डिप्लोमेसी फोरम से इतर मिस्र, पाकिस्तान और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों संग तीसरी बैठक की मेजबानी की।
वहीं, अंताल्या फोरम में हिस्सा लेने गईं ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर ने भी ईरान से होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही पूरी तरह से फिर से शुरू कराने की अपील की।
रॉयटर्स से बातचीत में उन्होंने कहा, हम एक अहम कूटनीतिक मोड़ पर हैं, जहां अब संघर्ष विराम लागू हो चुका है। लेकिन होर्मुज से अभी भी सामान्य आवाजाही शुरू नहीं हो पाई है।
उन्होंने कहा कि सीजफायर को एक स्थायी शांति में बदलने की जरूरत है, और साथ ही यह भी जोड़ा कि यह जलमार्ग वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है।
अंताल्या डिप्लोमेसी फोरम, 17-19 अप्रैल के बीच आयोजित किया गया है। सम्मेलन में 150 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि अंताल्या में इकट्ठा हुए हैं। शुक्रवार को अपने शुरुआती भाषण में, विदेश मंत्री फिदान ने कहा कि तुर्की की भरोसा है कि 8 अप्रैल को हुआ 14 दिन का सीजफायर पूरी तरह लागू होगा और शांति पूर्ण रूप से बहाल होगी।
--आईएएनएस
केआर/
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