बीईसीआईएल और सी-डीएसी के बीच हुआ अहम समझौता; एआई, 5जी, क्लाउड और नई टेक्नोलॉजी को मिलेगा बढ़ावा
नई दिल्ली, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि सरकारी कंपनी ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (बीईसीआईएल) ने उन्नत तकनीकों और डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डीएसी) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस साझेदारी के तहत दोनों संस्थाएं मिलकर उन्नत तकनीकों, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में काम करेंगी। इसमें संयुक्त प्रोजेक्ट, कंसल्टेंसी और तकनीकी सहयोग के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), साइबर सिक्योरिटी, 5जी और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी नई तकनीकों पर समाधान विकसित किए जाएंगे।
इसके अलावा, यह साझेदारी अलग-अलग सेक्टर में टर्नकी सॉल्यूशंस तैयार करने, नई तकनीकों के ट्रांसफर और इनोवेटिव प्रोडक्ट्स के व्यावसायीकरण को भी बढ़ावा देगी।
इस समझौते में स्किल डेवलपमेंट और वर्कफोर्स को अपस्किल करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि तकनीकी क्षमताओं को मजबूत किया जा सके।
इस मौके पर बीईसीआईएल के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डीके मुरली ने कहा कि यह साझेदारी कंपनी की उन्नत तकनीकों और डिजिटल बदलाव की क्षमता को मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि दोनों संस्थाओं की ताकत का सही इस्तेमाल कर देश के डिजिटल विकास में अहम योगदान दिया जाएगा।
यह साझेदारी इनोवेशन को बढ़ावा देने, नई तकनीकों को तेजी से अपनाने और भारत में मजबूत तथा भविष्य के लिए तैयार डिजिटल इकोसिस्टम बनाने में मदद करेगी, जो सरकार के डिजिटल इंडिया विजन के अनुरूप है।
इस एमओयू पर बीईसीआईएल के डायरेक्टर (ओएंडएम) सौरव चौहान और सी-डीएसी के रजिस्ट्रार निरंजन वैष्णव ने हस्ताक्षर किए, जिनकी मौजूदगी में कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
बीईसीआईएल सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत एक मिनीरत्न श्रेणी-1 की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है, जो ब्रॉडकास्टिंग, आईटी और टेलीकम्युनिकेशन में कंसल्टेंसी और टर्नकी सेवाएं देती है। वहीं, सी-डीएसी इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत एक रिसर्च एवं डेवलपमेंट संगठन है, जो एडवांस कंप्यूटिंग, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में काम करता है।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
चीन ने लेबनान-इजरायल सीजफायर बनाए रखने की अपील की, चीनी दौरे को लेकर ट्रंप ने दिखाया उत्साह
बीजिंग, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। लेबनान और इजरायल के बीच 10 दिनों का सीजफायर हुआ है। लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने कहा कि अब उनका फोकस स्थायी समझौते पर होना चाहिए। इस बीच चीन ने भी इजरायल और लेबनान के बीच इस सीजफायर का स्वागत किया है।
इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिन के सीजफायर पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, चीन लड़ाई खत्म करने के लिए सभी कोशिशों का स्वागत करता है। उम्मीद है कि पार्टियां सीजफायर और बातचीत की रफ्तार बनाए रखेंगी और राजनीतिक और कूटनीतिक तरीकों से झगड़े सुलझाएंगी, जो जिम्मेदारी का काम है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, राष्ट्रपति शी जिनपिंग बहुत खुश हैं कि होर्मुज स्ट्रेट खुल गया है।
अप्रैल में अमेरिका के राष्ट्रपति चीन के दौरे पर जाने वाले थे। हालांकि, ईरान के साथ भीषण तनाव के बीच ट्रंप का चीन दौरा आगे बढ़ा दिया गया, जो अब मई महीने में होगा। वहीं उन्होंने चीन दौरे को लेकर अपना उत्साह जाहिर किया है।
चीन दौरे को लेकर ट्रंप ने कहा कि चीन में हमारी मीटिंग खास होगी और शायद ऐतिहासिक भी। मैं राष्ट्रपति शी के साथ होने का इंतजार कर रहा हूं, बहुत कुछ हासिल होगा!
मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया जा रहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति का चीनी दौरान अब 14 और 15 मई को होगा। ट्रंप ने पहले ईरान को बातचीत की टेबल तक लाने में चीन की भूमिका को माना है। वहीं, ईरान ने अपने दोस्तों चीन और रूस को उनकी भूमिका के लिए धन्यवाद दिया है।
हालांकि, चीन अब तक इस क्षेत्र में सुरक्षा गारंटर के रूप में काम करने की ईरान की अपील पर जवाब देने में हिचकिचा रहा है।
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने कहा कि लेबनान एक नए फेज में आ गया है, जो अपने लोगों के अधिकारों, अपने इलाके की एकता और देश की संप्रभुता की सुरक्षा के लिए स्थायी समझौते पर बातचीत करने पर फोकस कर रहा है।
लेबनान के लोगों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति आउन ने कहा कि देश सीजफायर लागू करने की कोशिशों से आगे बढ़कर लंबे समय तक स्थिरता बनाए रखने के बड़े स्टेज की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि पिछले फेज की तरह, ये कोशिशें लेबनान को बचाने में मदद करेंगी।
आउन ने कहा कि बातचीत कमजोरी या पीछे हटने का संकेत नहीं है, बल्कि यह लेबनान के हितों की रक्षा करने और जानमाल के नुकसान को रोकने और विस्थापन को खत्म करने का एक संप्रभु फैसला है।
संघर्ष में हुए भारी नुकसान के बारे में बताते हुए लेबनानी राष्ट्रपति आउन ने कहा कि हजारों लेबनानी मारे गए हैं और वादा किया कि विदेशी हितों या राजनीतिक हिसाब-किताब के लिए और जान नहीं जानी चाहिए। उन्होंने कहा, मैं इन फैसलों की पूरी जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार हूं।
--आईएएनएस
केके/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation























