डबरा: बिलौआ की प्रतिबंधित खदानों पर प्रशासन का सख्त पहरा, कलेक्टर-एसपी ने किया निरीक्षण, निगरानी के लिए बनाए गए 8 चेकिंग प्वॉइंट
डबरा: मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के निर्देश के बाद बिलौआ क्षेत्र में प्रतिबंधित खदानों को लेकर प्रशासन और पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। रविवार को ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान और पुलिस अधीक्षक (SP) धर्मवीर सिंह ने अधिकारियों के साथ खदानों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। साथ ही अधिकारियों को अहम निर्देश भी दिए।
बता दें कि कलेक्टर और एसपी ने मौके पर पहुंचकर प्रतिबंधित खदानों की स्थिति का निरीक्षण तो किया ही, साथ ही अधिकारियों से निगरानी व्यवस्था की जानकारी ली। कलेक्टर ने अधिकारियों को हाईकोर्ट के निर्देशों का सख्ती से पालन करने के साथ ही प्रतिबंधित खदानों पर लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि प्रतिबंधित खदानों से किसी भी तरह का उत्खनन या खनिज परिवहन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
8 चेकिंग प्वॉइंट से रखी जाएगी निगरानी
बता दें कि बिलौआ क्षेत्र में पुलिस प्रशासन ओर से 8 चेकिंग प्वॉइंट बनाए गए हैं। इसके अलावा जिला प्रशासन ने अलग-अलग जांच दल भी गठित किए हैं जो क्षेत्र में लगातार जांच और निगरानी करेंगे। इसके साथ ही अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिबंधित खदानों से उत्खनन या खनिज परिवहन की कोई भी गतिविधि सामने आती है तो तत्काल ही ठोस कार्रवाई की जाए।
कलेक्टर के साथ अन्य अधिकारी भी रहे उपस्थित
निरीक्षण के दौरान एडीएम सीबी प्रसाद, डबरा एसडीएम जूही गर्ग, संयुक्त कलेक्टर भूमिजा सक्सेना, डिप्टी कलेक्टर अनिल राघव, जिला खनिज अधिकारी पंकजध्वज मिश्रा सहित पुलिस और प्रशासन के अन्य अधिकारियों की उपस्थिति रही।
खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, 2.32 लाख का घी जब्त, 8 सैंपल भोपाल भेजे गए, रिपोर्ट तक बिक्री पर रोक
नीमच में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मानकों की जांच को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में शनिवार को खाद्य सुरक्षा टीम ने वीर पार्क रोड स्थित अग्रवाल संस घी डीलर प्रतिष्ठान का आकस्मिक निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में श्रीमूल ब्रांड का घी भंडारित पाया गया।
निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान में मानव उपभोग के लिए बिक्री के लिए श्रीमूल ब्रांड के अलग-अलग पैकिंग में शुद्ध घी एवं गाय का घी रखा हुआ था। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के प्रावधानों के तहत टीम ने गुणवत्ता एवं मानक स्तर की जांच के लिए घी के कुल 8 नमूने लिए हैं। जिन्हें जांच के लिए भोपाल भेजा गया है।
इन नमूनों में श्रीमूल गाय का घी और शुद्ध घी की 1 लीटर, 500ML, 200 ML, 5 किलोग्राम और 15 किलोग्राम टीन पैकिंग शामिल हैं। सैंपल लेने के बाद बचे हुए घी को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत अधिग्रहित कर जब्त कर लिया गया है।
जांच रिपोर्ट आने तक बिक्री पर रोक
खाद्य सुरक्षा टीम के मुताबिक कार्रवाई के दौरान करीब 179 लीटर एवं 302 किलोग्राम घी जब्त किया गया है। इसकी अनुमानित कीमत 2 लाख 32 हजार रुपये बताई जा रही। सभी 8 सैंपल को मानक स्तरों की जांच के लिए खाद्य विश्लेषक, राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, ईदगाह हिल्स भोपाल भेजा गया है। जांच रिपोर्ट मिलने तक तक संबंधित खाद्य पदार्थ की बिक्री पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट के बाद ही घी की गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
अब तक 5 लाख से अधिक का घी जब्त
खाद्य सुरक्षा विभाग के मुताबिक में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निरीक्षण और नमूना कार्रवाई की जा रही है। पिछले कुछ दिनों में घी के कुल 15 नमूने लिए जा चुके हैं और करीब 5 लाख रुपये से अधिक मूल्य का घी जब्त किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं निर्धारित मानकों की जांच का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजू सोलंकी, यशवंत कुमार शर्मा सहित खाद्य सुरक्षा टीम के अन्य अधिकारी मौजूद रहें।
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