मैहर में बिजली कर्मचारी के साथ मारपीट, घर में बंद कर पीटा, फिर बाहर निकालकर बरसाए लात-घूंसे
मैहर विद्युत वितरण क्षेत्र के हरदासपुर में बिजली लाइन बंद करने को लेकर कर्मचारी और कुछ लोगों के बीच विवाद हो गया। दरअसल बात बढ़ने के बाद तीन लोगों ने विद्युत कर्मचारी के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि कर्मचारी को पहले एक घर के अंदर ले जाकर बंद किया गया और वहां उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद उसे बाहर लाया गया और सड़क पर भी लात-घूंसों से पीटा गया। घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों ने मामले को देखा। मारपीट में कर्मचारी को चोटें आई हैं और उसका इलाज कराया जा रहा है।
वहीं इस मामले में सामने आया वीडियो घटना को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल वीडियो में कुछ लोग एक व्यक्ति के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति विद्युत कर्मचारी है।
पुलिस ने मामला दर्ज किया
दरअसल कर्मचारी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले को दर्ज कर लिया है। अब पुलिस वीडियो फुटेज, मौके पर मौजूद लोगों और शिकायत में बताए गए घटनाक्रम के आधार पर जांच कर रही है। घटना के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों में भी नाराजगी की स्थिति बताई जा रही है। मारपीट में घायल बिजली कर्मचारी ने मैहर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में तीन लोगों पर उसके साथ मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद किस बात से शुरू हुआ और मारपीट की घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस वीडियो और दूसरे उपलब्ध सबूतों की भी जांच कर रही है।
हिंसा तक पहुंच गया विवाद
वहीं इस घटना में बिजली लाइन बंद करने को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसा तक पहुंच गया। बिजली कर्मचारी आमतौर पर फॉल्ट, मेंटेनेंस, सप्लाई बंद करने और दूसरी शिकायतों के लिए मौके पर पहुंचते हैं। ऐसे काम के दौरान कई बार स्थानीय लोगों और कर्मचारियों के बीच बहस की स्थिति बन जाती है लेकिन किसी कर्मचारी के साथ मारपीट कानूनन गंभीर मामला हो सकता है। फिलहाल पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर साफ होगी।
डबरा: बिलौआ की प्रतिबंधित खदानों पर प्रशासन का सख्त पहरा, कलेक्टर-एसपी ने किया निरीक्षण, निगरानी के लिए बनाए गए 8 चेकिंग प्वॉइंट
डबरा: मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के निर्देश के बाद बिलौआ क्षेत्र में प्रतिबंधित खदानों को लेकर प्रशासन और पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। रविवार को ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान और पुलिस अधीक्षक (SP) धर्मवीर सिंह ने अधिकारियों के साथ खदानों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। साथ ही अधिकारियों को अहम निर्देश भी दिए।
बता दें कि कलेक्टर और एसपी ने मौके पर पहुंचकर प्रतिबंधित खदानों की स्थिति का निरीक्षण तो किया ही, साथ ही अधिकारियों से निगरानी व्यवस्था की जानकारी ली। कलेक्टर ने अधिकारियों को हाईकोर्ट के निर्देशों का सख्ती से पालन करने के साथ ही प्रतिबंधित खदानों पर लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि प्रतिबंधित खदानों से किसी भी तरह का उत्खनन या खनिज परिवहन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
8 चेकिंग प्वॉइंट से रखी जाएगी निगरानी
बता दें कि बिलौआ क्षेत्र में पुलिस प्रशासन ओर से 8 चेकिंग प्वॉइंट बनाए गए हैं। इसके अलावा जिला प्रशासन ने अलग-अलग जांच दल भी गठित किए हैं जो क्षेत्र में लगातार जांच और निगरानी करेंगे। इसके साथ ही अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिबंधित खदानों से उत्खनन या खनिज परिवहन की कोई भी गतिविधि सामने आती है तो तत्काल ही ठोस कार्रवाई की जाए।
कलेक्टर के साथ अन्य अधिकारी भी रहे उपस्थित
निरीक्षण के दौरान एडीएम सीबी प्रसाद, डबरा एसडीएम जूही गर्ग, संयुक्त कलेक्टर भूमिजा सक्सेना, डिप्टी कलेक्टर अनिल राघव, जिला खनिज अधिकारी पंकजध्वज मिश्रा सहित पुलिस और प्रशासन के अन्य अधिकारियों की उपस्थिति रही।
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