मैरीन ट्रैफिक के डेटा के अनुसार, पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद पहली बार किसी क्रूज़ जहाज़ ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार किया है। माल्टा का झंडा लगा Celestyal Discover जहाज़शुक्रवार (स्थानीय समय) को इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुज़रा। मैरीन ट्रैफिक ने बताया कि इस यात्रा के दौरान जहाज़ में कोई यात्री नहीं था। युद्ध शुरू होने के बाद यह पहला यात्री जहाज़ था जिसने इस रास्ते को पार किया। मार्च की शुरुआत में दुबई पहुँचने के बाद, यह जहाज़ लगभग 47 दिनों तक वहीं खड़ा रहा था, क्योंकि क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण समुद्री गतिविधियाँ बाधित हो गई थीं। होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पार करने के बाद, Celestyal Discovery अब मस्कट, ओमान की ओर बढ़ रहा है, और इसके आज ही वहाँ पहुँचने की उम्मीद है।
एक्स पर एक पोस्ट में मैरीन ट्रैफिक ने कहा कि संघर्ष शुरू होने के बाद पहली बार किसी क्रूज़ जहाज़ ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पार किया है। Celestyal Discovery क्रूज़ जहाज़, संघर्ष शुरू होने के बाद होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पार करने वाला पहला यात्री जहाज़ बन गया है। माल्टा का झंडा लगा यह जहाज़, मार्च की शुरुआत में दुबई पहुँचने के बाद लगभग 47 दिनों तक वहीं खड़ा रहा और फिर 17 अप्रैल को वहाँ से रवाना हुआ। मैरीन ट्रैफिक के डेटा के अनुसार, जहाज़ ने आज UTC समय के अनुसार होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पार किया और अब यह मस्कट, ओमान की ओर बढ़ रहा है। इसके 18 अप्रैल को वहाँ पहुँचने का अनुमान है। रिपोर्टों से पता चलता है कि जहाज़ में कोई यात्री नहीं है।
मैरीन ट्रैफिक एक प्रमुख वैश्विक जहाज़-ट्रैकिंग इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म है जो जहाज़ों की स्थिति और समुद्री गतिविधियों के बारे में लगभग रीयल-टाइम जानकारी देता है। इस बीच, ईरान ने ज़ोर देकर कहा है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य से होने वाली समुद्री आवाजाही को तेहरान द्वारा सख्ती से नियंत्रित किया जाएगा। उसने कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा और बातचीत को लेकर अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच, इस रास्ते से गुज़रने की अनुमति केवल तय रास्तों से और ईरानी मंज़ूरी के तहत ही दी जाएगी। ईरान की संसद के स्पीकर, मोहम्मद बाघर ग़ालिबफ़ ने कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रना 'तय रास्ते' के आधार पर और 'ईरानी अनुमति' से होगा। जलडमरूमध्य खुला है या बंद, और इसे नियंत्रित करने वाले नियम क्या होंगे, यह ज़मीनी हालात तय करेंगे, न कि सोशल मीडिया।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (स्थानीय समय) को कहा कि ईरान के साथ कोई भी समझौता तब तक पूरी तरह से लागू नहीं होगा जब तक उसे पूरी तरह से अंतिम रूप नहीं दे दिया जाता; साथ ही उन्होंने तेहरान, इज़राइल और लेबनान से जुड़े बड़े कूटनीतिक और सुरक्षा सफलताओं का भी दावा किया। फीनिक्स, एरिज़ोना में 'टर्निंग पॉइंट USA' कार्यक्रम में पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रमों पर बोलते हुए ट्रंप ने कहा, "यह दुनिया के लिए एक महान और शानदार दिन होगा क्योंकि ईरान ने अभी-अभी घोषणा की है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुला है और व्यापार तथा पूरी आवाजाही के लिए तैयार है। लेकिन दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना के साथ जो नौसैनिक नाकाबंदी हमने की है—जो दुनिया की अब तक की सबसे बड़ी सेना है—उसे हमने ही बनाया है। मेरे पहले कार्यकाल के दौरान, हमने इसे बनाया... ईरान के संबंध में हम तब तक पूरी ताक़त और प्रभाव के साथ बने रहेंगे, जब तक कि ईरान के साथ हमारा लेन-देन 100% पूरा और पूरी तरह से हस्ताक्षरित नहीं हो जाता।
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नई दिल्ली, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। गर्मी बढ़ने के साथ ही स्वास्थ्य विशेषज्ञ पानी पीने की मात्रा पर जोर दे रहे हैं। कई लोग आज भी इस बात में उलझन में रहते हैं कि रोजाना कितना पानी पीना चाहिए। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, पानी की जरूरत हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग होती है।
हेल्थ एक्सपर्ट व विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, सबसे बड़ा मिथक यह है कि हर किसी को रोजाना ठीक 8 गिलास पानी पीना चाहिए। लेकिन एक्सपर्ट्स कहते हैं कि यह एक सामान्य सलाह है, जो हर व्यक्ति पर लागू नहीं होती। वास्तव में पानी की मात्रा मौसम, शारीरिक गतिविधि, उम्र, वजन और खान-पान के आधार पर बदलती रहती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, मिथक है कि हमें रोजाना 8 गिलास यानी लगभग 2 लीटर पानी पीना चाहिए। वहीं, तथ्य यह है कि ज्यादातर स्वस्थ वयस्कों को हाइड्रेटेड रहने के लिए कुल तरल पदार्थ (पानी, अन्य पेय और खाने से मिलने वाला पानी) लगभग 2.7 लीटर से 3.7 लीटर तक की जरूरत होती है। इसमें से सिर्फ 1.5 से 2 लीटर या उससे थोड़ा ज्यादा साफ पानी पीना पर्याप्त हो सकता है। पुरुषों को महिलाओं की तुलना में थोड़ी ज्यादा मात्रा की जरूरत पड़ती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, पानी की सही मात्रा तय करने के लिए शरीर के संकेतों पर ध्यान दें। हल्का पीला पेशाब, पूरे दिन ऊर्जा बनी रहना और प्यास न लगना अच्छे हाइड्रेशन के संकेत हैं। गर्मी, व्यायाम, ज्यादा नमक वाली डाइट या बीमारी के दौरान पानी की जरूरत बढ़ जाती है।
पानी को जीवनदायक कहा जाता है। यह शरीर के तापमान को नियंत्रित रखता है, पाचन क्रिया सुधारता है, त्वचा को स्वस्थ बनाता है, जोड़ों में राहत देता है और थकान कम करता है। पर्याप्त पानी न पीने से सिरदर्द, कब्ज, कमजोरी और एकाग्रता की कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि दिन भर में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पिएं। सुबह उठते ही एक गिलास पानी पीना अच्छी आदत है। बाहर निकलने से पहले और बाद में अतिरिक्त पानी लें। चाय, कॉफी या जूस को पूरी तरह पानी का विकल्प न मानें। डॉक्टर्स का कहना है कि प्यास लगने पर ही पानी पीना काफी नहीं होता। खासकर गर्मियों में ज्यादा पानी पीना जरूरी है। अगर कोई बीमारी जैसे किडनी या हृदय की समस्या है तो डॉक्टर की सलाह से ही पानी की मात्रा तय करें।
--आईएएनएस
एमटी/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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