गुजरात टाइटंस की जीत से बदला प्वॉइंट्स टेबल का हाल, PBKS टॉप पर काबिज, तो 2 टीमों का बाहर होना लगभग तय
IPL 2026 Updated Points Table: आईपीएल 2026 में एक के बाद एक रोमांचक मुकाबले खेले जा रहे हैं और टूर्नामेंट रोमांचक अंदाज में आगे बढ़ रहा है. सीजन का 25वां मैच गुजरात टाइटंस और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच खेला गया, जिसमें शुभमन गिल एंड कंपनी ने 5 विकेट से जीत दर्ज की और प्वॉइंट्स टेबल में छलांग लगाई है. इस जीत के साथ ही गुजरात को अंक तालिका में काफी फायदा हुआ है. तो आइए आपको बताते हैं कि आईपीएल के 25 मुकाबलों के बाद प्वॉइंट्स टेबल का हाल कैसा है और कौन सी टीम किस नंबर पर मौजूद है.
गुजरात टाइटंस ने प्वॉइंट्स टेबल में लगाई छलांग
IPL 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स को हराकर गुजरात टाइटंस को बड़ा फायदा हुआ है. शुभमन गिल की कप्तानी वाली गुजरात ने प्वॉइंट्स टेबल में छलांग लगाई है और वह टॉप-4 में पहुंच गई है. जीटी ने इस सीजन अब तक 5 मैच खेले हैं, जिसमें 3 मैच जीते हैं और 2 मैचों में हार का सामना किया है. बैक टू बैक 3 मैच जीतने वाली GT 6 अंक और +0.018 नेट रन रेट के साथ चौथे पायदान पर जा पहुंची है.
2⃣ points in the bag ✅
— IndianPremierLeague (@IPL) April 17, 2026
Hat-trick of wins ✅@gujarat_titans wrap a fantastic all-round show at home ????????
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पंजाब किंग्स है नंबर- पर काबिज
IPL 2026 में पंजाब किंग्स की टीम अंक तालिका में नंबर-1 पर काबिज है. इस सीजन अब तक पंजाब की टीम ने 5 मैच खेले हैं, जिसमें 4 मैच जीते हैं, जबकि एक मैच बारिश के कारण रद्द हो गया.
इस तरह PBKS टॉप पर काबिज है. दूसरे नंबर पर है रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, जिसने इस सीजन 5 मैच खेले हैं, जिसमें 4 मैच जीते और एक मैच में हार का सामना किया है. नंबर-3 पर राजस्थान रॉयल्स की टीम है, जिसने अब तक 5 मैच खेले हैं, जिसमें 4 मैच जीते हैं और एक मैच गंवाया है. इस तरह टॉप-3 टीमें प्लेऑफ की ओर तेजी से बढ़ रही हैं.
The winning momentum refuses to stop ????️
— IndianPremierLeague (@IPL) April 16, 2026
A flawless record remains perfectly intact ????️
Punjab Kings conquer the Wankhede to climb up to the top spot in the table! ❤️
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4 टीमों के पास हैं समान अंक
सनराइजर्स हैदराबाद 4 अंक के साथ प्वॉइंट्स टेबल में 5वें स्थान पर है. वहीं, दिल्ली कैपिटल्स 4 अंक के साथ 6वें, लखनऊ सुपर जायंट्स 4 अंक के साथ सातवें और चेन्नई सुपर किंग्स 4 अंक के साथ 8वें स्थान पर है. इन चारों टीमों की अब कोशिश होगी की आने वाले मैचों में जीत दर्ज करें और अंक तालिका में ऊपर आएं, ताकि वह प्लेऑफ की रेस में आगे निकल सकें.
— KolkataKnightRiders (@KKRiders) April 17, 2026
2 टीमों का प्लेऑफ से बाहर होना लगभग तय
IPL 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम अब तक अपना जीत का खाता नहीं खोल पाई है. केकेआर ने इस सीजन 6 मैच खेल लिए हैं, जिसमें एक मैच वॉशआउट हो गया, जबकि बाकी के सभी 5 मैचों में टीम को हार का सामना करना पड़ा. नतीजन, कोलकाता प्वॉइंट्स टेबल में सबसे आखिरी 10वें स्थान पर है.
वहीं, मुंबई इंडियंस का हाल भी कुछ खास अच्छा नहीं है. IPL 2026 में मुंबई की टीम ने सिर्फ एक मैच जीता है और लगातार 4 मैच गंवाए हैं. इस तरह 2 अंक के साथ वह 9वें स्थान पर है. इन दोनों ही टीमों के निराशाजनक प्रदर्शन को देखते हुए ये कहना गलत नहीं होगा कि इस सीजन अब इनके लिए प्लेऑफ में पहुंचना नामुमकिन हो गया है.
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ट्रंप की इमिग्रेशन नीति से अमेरिका के इनोवेशन को नुकसान : विशेषज्ञ
स्टैनफोर्ड, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त इमिग्रेशन नीतियों को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। सिलिकॉन वैली के इमिग्रेशन विशेषज्ञ विवेक वाधवा का कहना है कि इन नीतियों की वजह से अमेरिका अपनी प्रतिभा और नवाचार खो रहा है, जबकि भारत इसका बड़ा फायदा उठा रहा है।
सिलिकॉन वैली में लंबे समय से काम कर रहे विवेक वाधवा ने आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका अब सबसे बेहतर और प्रतिभाशाली लोगों को खुद ही दूर भगा रहा है। ये पिछड़ी हुई इमिग्रेशन नीतियां अमेरिका को भारी नुकसान पहुंचा रही हैं।
विवेक वाधवा लंबे समय से अमेरिकी इनोवेशन में प्रवासियों की भूमिका पर रिसर्च कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले सिलिकॉन वैली में करीब आधे स्टार्टअप प्रवासियों द्वारा शुरू किए जाते थे, लेकिन पिछले एक दशक में यह आंकड़ा गिरकर 40 से 44 प्रतिशत तक आ गया है और अब यह संभवतः 30 प्रतिशत के आसपास या उससे भी कम रह गया है।
उन्होंने अपने अनुभव का उदाहरण देते हुए बताया कि जब उन्होंने सिलिकॉन वैली में मेडिकल डायग्नोस्टिक कंपनी शुरू करने की कोशिश की, तो उन्हें न तो पर्याप्त प्रतिभा मिली और न ही निवेश।
विवेक वाधावा ने कहा, मुझे यहां न टैलेंट मिला, न फंडिंग। निवेशक ऐसे प्रोजेक्ट्स में पैसा लगाने से हिचक रहे थे जिनका रिसर्च और डेवलपमेंट अमेरिका के बाहर हो।
इसके बाद विवेक वाधवा ने अपनी कंपनी का काम भारत शिफ्ट कर दिया, जहां उन्होंने आईआईटी मद्रास और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान जैसे संस्थानों के साथ काम किया। उनका दावा है कि सिर्फ एक साल में वहां ऐसे ब्रेकथ्रू हुए, जो अमेरिका में संभव नहीं लगते थे।
विवेक वाधवा ने कहा कि भारत में आज भी ऐसे विशेषज्ञों की अच्छी संख्या है जो थर्मोडायनामिक्स, प्लाज्मा फिजिक्स, केमिस्ट्री और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग जैसे विषयों की गहरी समझ रखते हैं। इसके उलट, उन्होंने अमेरिकी स्टार्टअप इकोसिस्टम में इस तरह की प्रतिभा की कमी की बात कही।
उन्होंने एच-1बी वीजा प्रक्रिया को भी बड़ी समस्या बताया। विवेक वाधवा ने कहा कि इस बैकलॉग और जटिल प्रक्रिया के चलते मैं वह टैलेंट अमेरिका नहीं ला सका, जिसकी मुझे जरूरत थी। ग्रीन कार्ड मिलने में लंबा समय भी प्रवासियों के लिए बड़ी चिंता है। उन्होंने सवाल उठाया, लोग हमेशा डर में रहते हैं कि उन्हें कभी भी बाहर किया जा सकता है, ऐसे में कौन यहां आना चाहेगा?
विवेक वाधवा ने अपने 1980 के दशक के अनुभव से तुलना करते हुए कहा, जब मैं अमेरिका आया था, तो मुझे 18 महीने में ग्रीन कार्ड मिल गया था। आज यही प्रक्रिया सालों खिंच सकती है।
उन्होंने चेतावनी दी कि इसका असर सिर्फ इमिग्रेशन तक सीमित नहीं है, बल्कि इनोवेशन पर भी पड़ रहा है। इनोवेशन अब ग्लोबल हो चुका है। अगर आप लोगों को रोकेंगे, तो इनोवेशन भी रुक जाएगा।
विवेक वाधवा की कंपनी अब अपनी तकनीक को पहले भारत में टेस्ट करेगी और उसके बाद ही अमेरिका में लाएगी। यह इस बात का संकेत है कि वैश्विक स्तर पर इनोवेशन का केंद्र धीरे-धीरे बदल रहा है।
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिका में इमिग्रेशन सुधार और तकनीकी नेतृत्व बनाए रखने में विदेशी प्रतिभाओं की भूमिका पर गंभीर चर्चा चल रही है।
--आईएएनएस
वीकेयू/एएस
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