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गोविंदा ने सलमान खान से क्यों कहा- तुम हीरो जैसे नहीं दिखते हो, सुपरस्टार को दी थी ये सलाह

गोविंदा ने एक हालिया इंटरव्यू में बताया कि कैसे उन्होंने सुपरस्टार सलमान खान को यह राय दी थी कि उन्होंने बाहरी दुनिया बहुत देख ली, अब उन्हें अपने भीतर झांकना चाहिए।

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Kantola Benefits: इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर पाचन तक में सुधार लाती है कंटोला, 6 फायदे कर देंगे हैरान

Kantola Benefits: कंटोला यानी ककोड़ा ऐसी सब्जी है, जिसे बहुत से लोग स्वाद के लिए खाते हैं, लेकिन इसके पोषक गुण इसे डाइट में शामिल करने की एक और वजह देते हैं। यह सब्जी फाइबर, विटामिन और कई जरूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स का स्रोत मानी जाती है। सही तरीके से पकाकर और संतुलित मात्रा में खाने पर कंटोला रोजमर्रा की डाइट को पौष्टिक बनाने में मदद कर सकता है।

कंटोला की सब्जी खासतौर पर उन लोगों को पसंद आती है, जो हरी और देसी सब्जियों को अपनी थाली का हिस्सा बनाना चाहते हैं। इसमें मौजूद फाइबर पाचन के लिए उपयोगी हो सकता है, जबकि इसके अन्य पोषक तत्व शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली को सपोर्ट करते हैं। 

कंटोला खाने के 6 संभावित फायदे

पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद
कंटोला में डाइटरी फाइबर पाया जाता है, जो पाचन प्रक्रिया को बेहतर तरीके से सपोर्ट करता है। फाइबर वाली सब्जियां मल को सामान्य रखने और कब्ज की समस्या से बचाव में मदद कर सकती हैं। हालांकि, पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है, क्योंकि फाइबर बढ़ाने के साथ शरीर को पर्याप्त तरल की जरूरत होती है।

वजन को मैनेज करने में मददगार
कंटोला जैसी फाइबर वाली सब्जियां पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकती हैं। इससे बार-बार खाने या अनहेल्दी स्नैकिंग की आदत को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। अगर वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं तो इसे कम तेल और मसालों में बनाना बेहतर विकल्प हो सकता है।

शरीर को जरूरी पोषक तत्व देता है
कंटोला में विटामिन और मिनरल्स के साथ कई तरह के पौधों से मिलने वाले पोषक यौगिक पाए जाते हैं। संतुलित डाइट के हिस्से के रूप में ऐसी सब्जियां शरीर की सामान्य पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में योगदान दे सकती हैं। किसी एक सब्जी को सभी पोषक तत्वों का स्रोत मानना सही नहीं है।

ब्लड शुगर मैनेजमेंट में सहायक हो सकता है
कंटोला में मौजूद फाइबर भोजन से मिलने वाले कार्बोहाइड्रेट के पाचन और अवशोषण को धीमा करने में मदद कर सकता है। इससे खाने के बाद ब्लड शुगर में अचानक बढ़ोतरी को सीमित करने में योगदान मिल सकता है। हालांकि, डायबिटीज में केवल किसी एक सब्जी पर निर्भर रहने के बजाय पूरी डाइट, दवाओं और डॉक्टर की सलाह का ध्यान रखना जरूरी है।

इम्यूनिटी को सपोर्ट करने में मदद
कंटोला में मौजूद विभिन्न विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट यौगिक शरीर की सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली को सपोर्ट करने में भूमिका निभा सकते हैं। लेकिन मजबूत इम्युनिटी के लिए केवल कंटोला खाना पर्याप्त नहीं है। इसके साथ पर्याप्त प्रोटीन, फल, अन्य सब्जियां, नींद और संतुलित आहार भी जरूरी हैं।

दिल की सेहत के लिए बेहतर डाइट का हिस्सा
फाइबर से भरपूर सब्जियों को संतुलित डाइट में शामिल करना हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद खानपान पैटर्न का हिस्सा हो सकता है। कंटोला को ज्यादा तेल, नमक और तले हुए रूप में खाने के बजाय हल्के मसालों के साथ पकाना बेहतर है। दिल की बीमारी या हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोगों को अपनी कुल डाइट पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

कैसे खाएं कंटोला?

कंटोला की सब्जी बनाने से पहले इसे अच्छी तरह धोकर साफ करें। इसे हल्के मसालों के साथ कम तेल में पकाया जा सकता है। स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें प्याज, टमाटर, लहसुन या दूसरे मसाले भी मिलाए जा सकते हैं। किसी भी सब्जी की तरह इसे संतुलित मात्रा में खाना बेहतर है।

(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)

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लेखक: (कीर्ति)

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  Sports

Mohammed Shami का खुलासा: Yuvraj Singh के सामने कांपने लगी थी आवाज, Dressing Room का वो अनसुना किस्सा

भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाना हर खिलाड़ी का सपना होता है, लेकिन जब कोई युवा खिलाड़ी पहली बार उस ड्रेसिंग रूम में पहुंचता है, जहां उसके बचपन के पसंदीदा सितारे मौजूद हों, तो वह पल बेहद खास बन जाता है। तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने अपने करियर के शुरुआती दिनों का ऐसा ही किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम में पहली बार पहुंचने पर वह इतने घबरा गए थे कि टीम के सामने अपना परिचय देने के अलावा कुछ बोल ही नहीं पाए थे।

मोहम्मद शमी ने बताया कि भारतीय टीम में पहली बार शामिल होने से पहले उन्हें अंदाजा नहीं था कि अंदर का माहौल कैसा होगा। मैच से एक दिन पहले टीम की बैठक हो रही थी। जैसे ही वह कमरे के अंदर पहुंचे और आसपास बैठे खिलाड़ियों को देखा, उन्हें ऐसा लगा जैसे उनके बचपन के लगभग सभी पसंदीदा खिलाड़ी उनके सामने बैठे हों। इस वजह से वह चुपचाप जाकर बैठ गए और किसी से ज्यादा बातचीत नहीं कर पाए।

इसी दौरान पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह ने शमी से कुर्सी पर खड़े होने के लिए कहा और टीम के सामने कुछ बोलने को कहा। शमी ने बताया कि उस समय उनके दिमाग में कुछ भी नहीं आ रहा था। बड़े खिलाड़ियों को सामने देखकर वह इतना नर्वस हो गए थे कि उन्हें अपना भाषण तक याद नहीं रहा। आखिर में उन्होंने सिर्फ अपना नाम और अपने शहर के बारे में बताया और वहीं रुक गए।

गौरतलब है कि यह घटना शमी के अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत के दौर की है। उन्होंने छह जनवरी 2013 को दिल्ली में पाकिस्तान के खिलाफ एकदिवसीय मुकाबले से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। उसी साल नवंबर में कोलकाता के ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्हें टेस्ट पदार्पण का मौका मिला। इसके बाद 21 मार्च 2014 को मीरपुर में पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी पदार्पण किया।

उस शुरुआती झिझक के बाद शमी ने भारतीय तेज गेंदबाजी में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने भारत के लिए 64 टेस्ट मुकाबले खेले हैं और 229 विकेट लिए हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम छह बार एक पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड है। एकदिवसीय क्रिकेट में शमी ने 108 मुकाबलों में 206 विकेट हासिल किए हैं, जबकि इस प्रारूप में भी उन्होंने छह बार पांच विकेट लिए हैं। टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उन्होंने 25 मैच खेलकर 27 विकेट अपने नाम किए हैं।

शमी ने भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम से जुड़ा एक और मजेदार किस्सा भी बताया। उनसे जब टीम के सबसे मजाकिया खिलाड़ी का नाम पूछा गया तो उन्होंने पूर्व सलामी बल्लेबाज शिखर धवन को चुना। शमी के मुताबिक, धवन मुश्किल परिस्थितियों में भी टीम का माहौल हल्का रखने की कोशिश करते थे।

उन्होंने बताया कि अगर भारत कोई मुकाबला हार जाता था और सभी खिलाड़ी चुपचाप बैठते थे, तब धवन अचानक जोर से हंसने लगते थे। पूछने पर वह मजाक में कहते थे कि मैच हार गए हैं, इसलिए हंसी आ रही है। शमी के मुताबिक, धवन कभी-कभी पंजाबी गाने बजने पर मेज पर खड़े होकर नाचने भी लगते थे। ऐसी हरकतों से हार के बाद ड्रेसिंग रूम का माहौल ज्यादा भारी नहीं होता था।

बता दें कि शिखर धवन ने भारत के लिए 34 टेस्ट, 167 एकदिवसीय और 68 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। उन्होंने 2024 में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी। शमी के मुताबिक, पूरे साल क्रिकेट खेलने के दौरान जीत और हार दोनों आती रहती हैं, इसलिए खिलाड़ियों के लिए मुश्किल समय में भी माहौल को सामान्य रखना जरूरी होता है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, शमी ने भारत के लिए अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नौ मार्च 2025 को दुबई में न्यूजीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में खेला था। भारत ने यह मुकाबला चार विकेट से जीतकर खिताब अपने नाम किया था। शमी के करियर की शुरुआत में जिस खिलाड़ी के सामने वह कुछ बोल नहीं पाए थे, उसी टीम के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में उनका नाम आज शामिल है।
Mon, 10 Aug 2026 21:43:21 +0530

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