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Hanuman Janmotsav पर Salasar Dham में आस्था का महासैलाब, जय श्री राम के जयकारों से गूंजा पूरा Rajasthan

राजस्थान के चुरू जिले में स्थित प्रसिद्ध सालासर धाम में आज हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर भव्य मेले का आयोजन हो रहा है। देशभर से लाखों श्रद्धालु बजरंगबली के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मान्यता है कि सालासर बालाजी के दरबार में जो भी भक्त सच्ची श्रद्धा से आता है, उसकी मनोकामनाएं अवश्य पूरी होती हैं। आज के दिन मंदिर परिसर 'जय श्री राम' और 'सालासर वाले की जय' के जयकारों से गूंज उठा है।

शुभ योगों का अद्भुत संयोग

इस बार हनुमान जन्मोत्सव पर ग्रहों की स्थिति बहुत ही शुभ मानी जा रही है। आज के दिन 'सिद्धि योग' और 'गजकेसरी योग' का एक दुर्लभ और मंगलकारी संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इन योगों में की गई पूजा और आराधना का फल कई गुना बढ़ जाता है। यह संयोग भक्तों के लिए सुख, समृद्धि और कार्यों में सफलता लाने वाला माना गया है।
 

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प्रशासन और सुरक्षा के इंतजाम

भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और मंदिर कमेटी ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। दर्शन के लिए लंबी कतारों में लगे श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी और छाया की व्यवस्था की गई है। जगह-जगह स्वयंसेवक तैनात हैं ताकि मेले में आने वाले बुजुर्गों और बच्चों को किसी तरह की परेशानी न हो।
 

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भजन के साथ विशेष आरती

मेले के दौरान मंदिर में सुबह से ही विशेष आरती और अभिषेक का दौर चल रहा है। जगह-जगह भंडारों का आयोजन किया गया है और भजन मंडलियां बालाजी के भजनों से वातावरण को भक्तिमय बना रही हैं। भक्त लंबी यात्रा तय कर पैदल और ध्वज लेकर बालाजी के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंच रहे हैं।

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Hanuman Janmotsav पर करें ये खास उपाय, बजरंगबली की कृपा से जीवन की हर बाधा होगी दूर

बजरंग बली हनुमान का जन्म भगवान श्रीराम की सहायता के लिए हुआ। हनुमान जी को भगवान शंकर का अवतार भी माना जाता है। कहा जाता है कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की सेवा के निमित्त भगवान शिव जी ने एकादश रुद्र को ही हनुमान के रूप में अवतरित किया था। हनुमान जी चूंकि वानर−उपदेवता श्रेणी के तहत आते हैं इसलिए वे मणिकु.डल, लंगोट व यज्ञोपवीत धारण किए और हाथ में गदा लिए ही उत्पन्न हुए थे। पुराणों में कहा गया है कि उपदेवताओं के लिए स्वेच्छानुसार रूप एवं आकार ग्रहण कर लेना सहज सिद्ध है। पुराणों के अनुसार, इस धरा पर जिन सात मनीषियों को अमरत्व का वरदान प्राप्त है, उनमें बजरंगबली भी हैं। माता अंजनी एवं पवन देवता के पुत्र हनुमान का जीवनकाल पराक्रम और श्रीराम के प्रति अटूट निष्ठा की असंख्य गाथाओं से भरा पड़ा है। हनुमान जी में किसी भी संकट को हर लेने की क्षमता है और अपने भक्तों की यह सदैव रक्षा करते हैं। हनुमान रक्षा स्त्रोत का पाठ यदि नियमित रूप से किया जाए तो कोई बाधा आपके जीवन में नहीं आ सकती। साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ करने से बड़े से बड़ा भय दूर हो जाता है।

हनुमान जन्मोत्सव के दिन हनुमान जी के पूजन का विशेष महत्व है। हनुमान जी भक्तों से विशेष प्रेम करते हैं और उनकी हर पुकार को सुनते हैं। श्रीराम की नित उपासना करने वालों पर हनुमान जी खूब प्रसन्न रहते हैं। हनुमान जन्मोत्सव के दिन हनुमानजी की पूजा विधि विधान से करनी चाहिए। इसके लिए पूजा के स्थान पर उनकी मूर्ति स्थापित करके शुद्ध जल, दूध, दही, घी, मधु और चीनी का पंचामृत, तिल के तेल में मिला सिंदूर, लाल पुष्प, जनेऊ, सुपारी, नैवेद्य, नारियल का गोला चढ़ाएं और तिल के तेल का दीपक जलाकर उनकी पूजा करें। इससे हनुमान जी प्रसन्न होकर भक्तों के सारे कष्ट हर लेते हैं।

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हनुमान जी के बचपन से जुड़ा एक प्रचलित प्रसंग यह है कि एक बार बालक हनुमान ने पूर्व दिशा में सूर्य को उदय होते देखा तो वह तुरंत आकाश में उड़ चले। वायुदेव ने जब यह देखा तो वह शीतल पवन के रूप में उनके साथ चलने लगे ताकि बालक पर सूर्य का ताप नहीं पड़े। अमावस्या का दिन था। राहु सूर्य को ग्रसित करने के लिए बढ़ रहा था तो हनुमानजी ने उसे पकड़ लिया। राहु किसी तरह उनकी पकड़ से छूट कर भागा और देवराज इंद्र के पास पहुंचा। इंद्र अपने प्रिय हाथी ऐरावत पर बैठकर चलने लगे तो हनुमान जी ऐरावत पर भी झपटे। इस पर इंद्र को क्रोध आ गया। उन्होंने बालक पर वज्र से प्रहार किया तो हनुमान जी की ठुड्डी घायल हो गई। वह मूर्छित होकर पर्वत शिखर पर गिर गए। यह सब देखकर वायुदेव को भी क्रोध आ गया। उन्होंने अपनी गति रोक दी और अपने पुत्र को लेकर एक गुफा में चले गए। अब वायु के नहीं चलने से सब लोग घबरा गए। देवतागण सृष्टि के रचयिता ब्रह्माजी के पास पहुंचे। सारी बात सुनकर ब्रह्माजी उस गुफा में पहुंचे और हनुमान जी को आर्शीवाद दिया तो उन्होंने आंखें खोल दीं। पवन देवता का भी क्रोध शांत हो गया। ब्रह्माजी ने कहा कि इस बालक को कभी भी ब्रह्म श्राप नहीं लगेगा। इसके बाद उन्होंने सभी देवताओं से कहा कि आप सब भी इस बालक को वर दें। इस पर देवराज इंद्र बोले कि मेरे वज्र से इस बालक की हनु यानि ठोढ़ी पर चोट लगी है इसलिए इसका नाम हनुमान होगा। सूर्य ने अपना तेज दिया तो वरूण ने कहा कि हनुमान सदा जल से सुरक्षित रहेंगे। इस प्रकार हर देवता ने हनुमानजी को वर प्रदान किया जिससे वह बलशाली हो गए।

एक और प्रसंग यह है कि सूर्यदेव के कहने पर हनुमान जी ने उन्हें सुग्रीव की मदद करने का वचन दिया। बाद में हनुमान ने सुग्रीव की भरपूर मदद की और उनके खास मित्र बन गए। सीताजी का हरण करके रावण जब उन्हें लंका ले गया तो सीताजी को खोजते श्रीराम और लक्ष्मण जी से हनुमान जी की भेंट हुई। उनका परिचय जानने के बाद वह उन दोनों को कंधे पर बैठाकर सुग्रीव के पास ले गए। सुग्रीव के बारे में जानकर श्रीराम ने उन्हें मदद का भरोसा दिया और सुग्रीव ने भी सीताजी को ढूंढ़ने में मदद करने का वादा किया। श्रीराम ने अपने वादे के अनुसार एक ही तीर में बाली का अंत कर दिया और सुग्रीव फिर से किष्किन्धा नगरी में लौट आए। उसके बाद सुग्रीव का आदेश पाकर प्रमुख वानर दल सीताजी की खोज में सब दिशाओं में चल दिए। श्रीराम जी ने हनुमान जी से कहा कि मैं आपकी वीरता से परिचित हूं और मुझे विश्वास है कि आप अपने लक्ष्य में कामयाब होंगे। इसके बाद श्रीराम जी ने हनुमानजी को अपनी एक अंगूठी दी जिस पर उनका नाम लिखा हुआ था। सीताजी का पता मिलने के बाद जब हनुमान जी लंका में पहुंचे तो उन्होंने माता सीता से भेंटकर उन्हें श्रीराम का संदेश दिया और लंका की पूरी वाटिका उजाड़ने के बाद लंका में आग भी लगा दी। इसके बाद सीताजी को मुक्त कराने के लिए जो युद्ध हुआ उसमें हनुमान जी ने महती भूमिका निभाई।

- शुभा दुबे

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  Sports

IPL में BCCI का हंटर, Rajasthan Royals मैनेजर पर नियम तोड़ने पर लगा भारी जुर्माना

भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड यानी बीसीसीआई ने साफ संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार विरोधी नियमों के मामले में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। इसी कड़ी में राजस्थान टीम के प्रबंधक रोमी भिंडर पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

मौजूद जानकारी के अनुसार यह मामला 10 अप्रैल को गुवाहाटी के ACA स्टेडियम में खेले गए मुकाबले के दौरान सामने आया था, जहां राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु आमने-सामने थे। बता दें कि इस दौरान भिंडर टीम डगआउट में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पाए गए, जो नियमों के अनुसार सख्त रूप से प्रतिबंधित है।

गौरतलब है कि आईपीएल के मैच दिवस नियमों के तहत खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को डगआउट जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में किसी भी तरह के संचार उपकरण के उपयोग की अनुमति नहीं होती है। सभी को अपने मोबाइल फोन बंद करके टीम सुरक्षा अधिकारी के पास जमा कराने होते हैं, और केवल सीमित स्थानों पर ही विशेष अनुमति के साथ उपकरणों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

इस मामले की जांच बीसीसीआई एंटी करप्शन यूनिट ने की, जिसकी अगुवाई शरद कुमार कर रहे हैं। जांच के बाद भिंडर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। हालांकि, उनके जवाब को संतोषजनक नहीं माना गया और उन्हें नियम उल्लंघन का दोषी पाया गया है। बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि पहली बार की गलती को देखते हुए जुर्माना और चेतावनी दी गई है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, भिंडर ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए बिना शर्त माफी भी मांगी है। हालांकि, बोर्ड ने साफ किया है कि नियमों के उल्लंघन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, चाहे वह अनजाने में ही क्यों न हुआ हो।

बताया जा रहा है कि घटना के दौरान भिंडर के मोबाइल इस्तेमाल की तस्वीरें सामने आई थीं, जिसमें वह डगआउट में बैठे नजर आए। सूत्रों के मुताबिक, उनकी सेहत से जुड़ी कुछ समस्याएं भी सामने आई हैं, लेकिन इसके बावजूद नियमों का पालन जरूरी माना गया है।

इस कार्रवाई से यह साफ संदेश गया है कि आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
Fri, 17 Apr 2026 23:56:30 +0530

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