कर्नाटक कांग्रेस MLA विनय कुलकर्णी समेत 16 दोषियों को उम्रकैद:2016 में भाजपा नेता के हत्याकांड में सभी दोषी साबित; CBI ने जांच की थी
कर्नाटक के चर्चित योगेश गौड़ा गौदार हत्याकांड में बेंगलुरु के स्पेशल कोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री विनय कुलकर्णी समेत 16 दोषियों को उम्रकैद की सजा दी है। कोर्ट ने सभी दोषियों पर 30-30 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। कर्नाटक के धारवाड़ में 15 जून 2016 को बीजेपी नेता और जिला पंचायत सदस्य योगेश गौड़ा की उनके जिम में हत्या कर दी गई थी। शुरुआत में स्थानीय पुलिस ने जांच की, लेकिन राजनीतिक दबाव और आरोपों के चलते 2019 में मामला CBI को सौंप दिया गया था। कोर्ट ने 15 अप्रैल को कांग्रेस विधायक और 15 अन्य लोगों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 120B (आपराधिक साजिश) के तहत दोषी ठहराया था। स्पेशल जज संतोष गजानन भट ने कहा कि सभी दोषियों ने मिलकर हत्या की आपराधिक साजिश रची थी। सजा के बाद कांग्रेस विधायक की सदस्यता जाने की संभावना मामले में कांग्रेस विधायक को मुख्य साजिशकर्ता माना गया। कोर्ट के फैसले के बाद कुलकर्णी की विधानसभा सदस्यता पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि कानून के मुताबिक दो साल या उससे अधिक सजा मिलने पर जनप्रतिनिधि अयोग्य हो जाता है। दो आरोपियों को कोर्ट ने सबूतों के अभाव में बरी किया विधायक के अलावा आरोपियों में विक्रम बेल्लारी, कीर्ति कुमार, संदीप सावदत्ती, विनायक कटगी, महाबलेश्वर होंगल उर्फ मुदाका, संतोष सावदत्ती, दिनेश एम, एस अश्वथ, केएस सुनील, नजीर अहमद, शानवाज, के नूतन, सी हर्षित, विनय शामिल हैं। आरोपियों में शामिल दो लोगों, वासुदेव रामा नीलेकानी और सोमशेखर न्यामगौड़ा को सबूतों की कमी के कारण बरी कर दिया गया। योगेश गौड़ा मर्डर केस की टाइमलाइन 1. 15 जून 2016: धारवाड़ के सप्तापुर जिम में योगेश गौड़ा गौडर की हत्या हुई। 2. 2016-2018: स्थानीय पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। मुख्य चार्जशीट में विनय कुलकर्णी का नाम नहीं था। 3. सितंबर 2019: सरकार बदलने के बाद केस CBI को सौंपा गया। 4. 5 नवंबर 2020: CBI ने विनय कुलकर्णी को मुख्य साजिशकर्ता बताते हुए गिरफ्तार किया। 5. 11 अगस्त 2021: सुप्रीम कोर्ट ने कुलकर्णी को सशर्त जमानत दी, धारवाड़ जाने पर रोक लगा दिया। 6. 7 जून 2025: सुप्रीम कोर्ट ने गवाह प्रभावित करने के आरोप में कुलकर्णी की जमानत रद्द की। 7. 27 फरवरी 2026: कुलकर्णी को सभी मुख्य गवाहों की गवाही के बाद सुप्रीम कोर्ट से फिर जमानत मिली। 8. 15 अप्रैल 2026: स्पेशल जज संतोष गजानन भट ने कुलकर्णी समेत 17 को दोषी ठहराया। 9. 17 अप्रैल 2026: कोर्ट ने सभी 17 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।
TCS नासिक केस- मानवाधिकार आयोग ने रिपोर्ट मांगी:फरार आरोपी निदा ने खुद को प्रेग्नेंट बताया, कोर्ट से अग्रिम जमानत मांगी
नासिक के TCS ऑफिस में धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के आरोपों पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के DGP समेत कई विभागों से रिपोर्ट मांगी है। इस बीच फरार आरोपी निदा खान ने अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी दी है। उन्होंने बताया कि वह गर्भवती है। वहीं, निदा के पिता ने कहा कि उनकी बेटी के खिलाफ साजिस हुई है। इस मामले में अब तक 8 लोगों के खिलाफ 9 FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने 7 लोगों को गिरफ्तार कर किया है। सीएम फडणवीस ने कहा कि सरकार इसमें शामिल मॉड्यूल का पर्दाफाश करेंगे। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। परिवार का आरोप- निदा के खिलाफ साजिश हुई निदा के परिवार ने सभी आरोपों को गलत और राजनीतिक साजिश बताया है। यह मामला जानबूझकर बनाया गया है। पिता ने कहा कि यह मामला नासिक के बाबा अशोक खरात से जुड़े विवाद को दबाने के लिए खड़ा किया गया है। निदा ने शिकायत करने वाली महिला से कभी बात तक नहीं की और न ही किसी को धर्म परिवर्तन के लिए कहा। उनका परिवार सभी धर्मों का सम्मान करता है। परिवार ने बताया कि निदा इस समय गर्भवती है और भिवंडी स्थित अपने ससुराल में रह रही हैं। वकील का दावा- FIR में धर्मांतरण का आरोप नहीं निदा के वकील बाबा सैयद ने कहा कि FIR में जबरन धर्मांतरण का कोई जिक्र नहीं है। निदा को एक मामले में नामजद किया गया है। उन पर सिर्फ धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप है। वकील ने कहा कि कहा कि मुख्य आरोपी दानिश शैख है, जबकि नीदा खान और अन्य सह-आरोपी हैं। निदा को मास्टरमाइंड क्यों कहा जा रहा है, यह स्पष्ट नहीं है। निदा खान सस्पेंड, कंपनी ने गंभीर मामला बताया मीडियो रिपोर्ट के मुताबिक, TCS ने 9 अप्रैल को निदा को सस्पेंड कर दिया था। सस्पेंड में कहा गया कि उनके खिलाफ गंभीर मामला सामने आया है। कंपनी ने उनका सिस्टम एक्सेस बंद कर दिया है। सभी कंपनी एसेट्स लौटाने के निर्देश दिए हैं। लेटर पर नासिक-पुणे-गोवा क्षेत्र के HR हेड शेखर कांबले के हस्ताक्षर हैं। रिपोर्ट के अनुसार, निदा खान ने दिसंबर 2021 में कंपनी जॉइन की थी। वह प्रोसेस एसोसिएट के पद पर काम कर रही थीं। SIT जांच कर रही, 7 आरोपी गिरफ्तार पुलिस के मुताबिक, इस मामले में 9 शिकायतों की जांच हो रही है। इनमें 8 महिला कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि उनके सीनियर ने उनके साथ मानसिक और यौन उत्पीड़न किया। ये घटनाएं फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच की बताई गई हैं। पुलिस ने इस मामले में सात कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें छह पुरुष और एक महिला HR शामिल हैं। सभी आरोपियों को कंपनी ने निलंबित कर दिया है। जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) बनाई गई है, जो शिकायतों की जांच कर रही है। शादी का झांसा, जबरन संबंध और धार्मिक दबाव के आरोप शिकायतों में कहा गया कि एक आरोपी ने शादी का झांसा देकर कर्मचारी के साथ बार-बार शारीरिक संबंध बनाए। इसके अलावा आपत्तिजनक तरीके से छूने और निजी जीवन को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां करने के आरोप भी हैं। पुलिस के मुताबिक, एक मामले में एक कर्मचारी को नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया गया। साथ ही उसके धर्म का अपमान करने का भी आरोप है। शिकायत यह भी कहा गया है कि ऑफिस के अंदर और बाहर छेड़छाड़ की गई, आपत्तिजनक टिप्पणियां और इशारे किए गए। एक मामले में महिला को ऑफिस में ही जबरन पकड़ने की कोशिश का आरोप है। कुछ पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सीएम ने कहा- पूरे मॉड्यूल का पर्दाफाश करेंगे महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के कहा कि सरकार इस पूरे मामले में शामिल मॉड्यूल का पर्दाफाश करेगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि यह गंभीर मामला है और एक संगठित मॉड्यूल के तहत किया गया है। हम इस मॉड्यूल को तोड़ेंगे। इसके लिए केंद्रीय एजेंसियों की मदद भी ली जा रही है। ------------- ये खबर भी पढ़ें… नासिक TCS में यौन शोषण-धर्मांतरण केस के पीछे संगठित नेटवर्क:आर्थिक रूप से कमजोर नई कर्मचारियों को टारगेट करते थे, शिकायत करने पर फटकारती थी मैनेजर महाराष्ट्र के नासिक स्थित TCS कंपनी ऑफिस में धर्म परिवर्तन, यौन शोषण केस की पुलिस जांच में सामने आया है कि एक संगठित नेटवर्क नए कर्मचारियों को निशाना बनाता था। पूरी खबर पढ़ें…
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