भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन दो दिवसीय दौरे पर जाएंगे श्रीलंका
नई दिल्ली, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन दो दिवसीय दौरे पर श्रीलंका जाएंगे। उपराष्ट्रपति का ये दो दिवसीय दौरा 19-20 अप्रैल 2026 को होगा। यह भारत के उपराष्ट्रपति का श्रीलंका का पहला द्विपक्षीय दौरा होगा।
अपने दौरे के दौरान उपराष्ट्रपति श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायका से मिलेंगे। इसके अलावा, वह श्रीलंका के प्रधानमंत्री डॉ. हरिनी अमरसूर्या से भी मुलाकात करेंगे। वहीं दूसरे बड़े लोगों और भारतीय समुदाय के नेताओं से भी मिलेंगे।
श्रीलंका भारत के विजन महासागर और उसकी नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी में एक अहम साझेदार है। उपराष्ट्रपति का श्रीलंका दौरा दोनों देशों के बीच हाल ही में हुई उच्च स्तरीय मीटिंग के बाद हो रहा है और इससे भारत और श्रीलंका के बीच हजारों साल पुराने लोगों के बीच के संबंध और मजबूत होंगे।
बता दें, पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान संघर्ष की वजह से काफी तनाव का माहौल बना हुआ है। इसकी वजह से तेल के संकट भी मंडरा रहा है। इस बीच पिछले महीने मार्च में भारत ने मदद के लिए भारत ने श्रीलंका को 38,000 मीट्रिक टन फ्यूल भेजा।
भारत की तरफ से भेजे गए इस मदद के लिए श्रीलंकाई नेता ने आभार जताया। सांसद और श्रीलंका पोदुजाना पेरामुना (एसएलपीपी) पार्टी के राष्ट्रीय आयोजक और पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के बेटे नमल राजपक्षे ने श्रीलंकाई सरकार को फ्यूल टैक्स एडजस्टमेंट जैसे मॉडल पर काम करने की सलाह दी। उन्होंने भारत की नीतियों की खूब सराहना की।
नमल राजपक्षे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के लोगों ने एक बार फिर श्रीलंका को 38,000 टन पेट्रोलियम की समय पर शिपमेंट करके नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी को बनाए रखा है। भारत हमेशा संकट के समय में श्रीलंका के लिए सबसे पहले खड़ा रहा है। जरूरी सप्लाई से लेकर आर्थिक मदद तक, जो उसकी नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी की सच्ची झलक है। एक क्षेत्र के तौर पर यह जरूरी है कि देश क्षेत्र की बेहतरी के लिए रणनीतिक साझेदार के तौर पर मिलकर काम करें।
उन्होंने श्रीलंकाई सरकार से भारत का मॉडल अपनाने की सलाह दी और कहा कि हम श्रीलंका सरकार से अपील करते हैं कि वह भारत के हालिया फ्यूल टैक्स एडजस्टमेंट जैसे मॉडल पर विचार करे। भारत ने एक्साइज ड्यूटी इसलिए कम नहीं की, ताकि कीमतें तुरंत कम हों, बल्कि मार्केट को स्थिर करने और ग्लोबल तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव के दौरान और बढ़ोतरी को रोकने के लिए ऐसा किया।
नमल राजपक्षे ने कहा, जैसे-जैसे श्रीलंका आगे बढ़ेगा, सरकार को अपनी आर्थिक नीतियों को भी मजबूत करना होगा। हालांकि फिस्कल डिसिप्लिन जरूरी है, लेकिन भारत के ज्यादा ग्रोथ ओरिएंटेड अप्रोच में देखा गया ज्यादा टैक्स बोझ कम करने से निवेश को बढ़ावा देने, नागरिकों पर दबाव कम करने और लंबे समय की रिकवरी में मदद मिल सकती है।
वहीं भारत सरकार के इस सकारात्मक रुख पर श्रीलंकाई राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने आभार जताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि कुछ दिन पहले ही भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी बात हुई थी। इस बातचीत में उन्होंने (दिसानायके) मिडिल ईस्ट संघर्ष के कारण श्रीलंका को हो रही फ्यूल सप्लाई में आ रही रुकावटों को बयां किया था। भारत ने तुरंत मदद का हाथ बढ़ाया और इसके लिए मैं उनका शुक्रगुजार हूं।
--आईएएनएस
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Akshaya Tritiya 2026 Puja Niyam: अक्षय तृतीया पर श्री हरि और मां लक्ष्मी की इस विधि से करें पूजा, घर से दूर होगी नकारात्मक ऊर्जा
Akshaya Tritiya 2026 Puja Niyam: हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का दिन अबूझ मुहूर्त और अनंत फल देने वाला माना जाता है. इस पावन अवसर पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने से घर में सुख, शांति का वास होता है. पूजा की शुरुआत सुबह जल्दी उठकर स्नान करने और साफ पीले कपड़े पहनने से करनी चाहिए. पूजा के लिए एक छोटी चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर भगवान की मूर्ति स्थापित करें.
उन्हें पंचामृत से स्नान कराएं और चंदन, पीले फूल और अक्षत अर्पित करें. मां लक्ष्मी को कमल का फूल या गुलाब चढ़ाना बेहद शुभ माना जाता है. इस दिन व्रत का संकल्प लेकर विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना और घी का दीपक जलाना मानसिक शांति देता है. यह आसान पूजा विधि हमारे मन को सहजता की ओर ले जाती है और घर की नकारात्मकता को दूर करने में मदद करती है.
पूजा के लिए जरूरी सामग्री
अक्षय तृतीया की पूजा को संपूर्ण बनाने के लिए पूजा की थाली में रोली, कुमकुम, अक्षत, हल्दी और चंदन रखें. इसके अलावा भगवान के लिए पीली मिठाई, गुड़, सत्तू और ताजे फल जैसे खरबूजा या आम रखें. भगवान विष्णु की पूजा के लिए ताजे तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल जरूर करें. साथ ही धूप, अगरबत्ती और शुद्ध घी का दीपक प्रज्वलित करने के लिए रखें. कलश के लिए नारियल, कलावा और जल का पात्र पास रखें. पूजा में सोने या चांदी का सिक्का रखें, मिट्टी का नया दीपक या छोटा कलश भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
अक्षय तृतीया पर दान का महत्व
वस्तुओं का दान
शास्त्रों के अनुसार, इस दिन जल से भरे मिट्टी के घड़े, नए वस्त्रों का दान करना बहुत शुभ माना जाता है.
जरूरतमंद को भोजन कराना
इसके अलावा अक्षय तृतीया पर पूजा के बाद किसी जरूरतमंद या ब्राह्मण को भोजन कराएं और अपनी श्रद्धा के अनुसार उन्हें कुछ भेंट जरूर दें.
बुराई करने से बचें
इस पावन दिन पर दूसरों की बुराई करने से बचें, मन में अच्छे विचार रखें और अपनी मधुर वाणी से सबका सम्मान करें.
सात्विक जीवन अपनाएं
अक्षय तृतीया के दिन परिवार में सुख और मेल-जोल बढ़ाने के लिए सात्विक जीवन अपनाएं और कड़वी बातों से पूरी तरह दूर रहें.
समाज की भलाई की संकल्प लें
अपनी मेहनत की कमाई का एक छोटा हिस्सा समाज की भलाई या किसी अच्छे काम में लगाने का संकल्प लें.
अक्षय तृतीया पर करें ये काम
अक्षय तृतीया का हर क्षण बहुत शुभ होता है, इसलिए इसे किसी भी नए काम की शुरुआत के लिए सबसे उत्तम माना जाता है. इस दिन अपनी बुरी आदतों को छोड़ने और अच्छे गुणों को अपनाने का संकल्प लेना चाहिए. भगवान के सामने बैठकर अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगें और भविष्य में सही राह पर चलने की प्रार्थना करें. सात्विक भोजन ग्रहण करने और ईश्वर के नाम का जाप करने से मन शांत रहता है और काम करने की नई ऊर्जा मिलती है. अपनी जड़ों और परंपराओं का सम्मान करना ही हमें एक सफल इंसान बनाता है. जब हम सच्चे और पवित्र मन से इस उत्सव को मनाते हैं, तो हमारे सभी काम बनने लगते हैं और जीवन में कभी न समाप्त होने वाली खुशियां आती हैं.
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. न्यज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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