वैशाख अमावस्या पर करें ये खास उपाय, पितृ दोष होगा दूर, बन जाएंगे सारे काम
हिंदू धर्म में जिस तरह से एकादशी का महत्व माना गया है उस तरह से अमावस्या का भी काफी महत्व माना गया है। अगर पितरों की कृपा प्राप्त करनी है तो इस दिन को उत्तम माना गया है। इस दिन स्नान, दान, तर्पण और पिंडदान जरूर करना चाहिए। ऐसा करने से जीवन में सुख समृद्धि आती है और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
17 अप्रैल यानी आज वैशाख अमावस्या है। इस खास दिन पर स्नान दान और तर्पण कर पितृ दोष से मुक्ति पाई जा सकती है। हम आपको कुछ खास उपाय बताते हैं जिन्हें आजमाकर आप अपनी समस्याओं को दूर कर सुख समृद्धि प्राप्त कर सकते हैं। यह उपाय बहुत ही आसान है और इसे पितरों की आत्मा को तृप्ति मिलती है।
वैशाख अमावस्या के उपाय
पितृ का तर्पण
वैशाख अमावस्या के दिन सुबह स्नान करने के बाद दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके जल में काले तिल मिलाकर पितरों का तर्पण करें। इस दिन अन्न, जल, वस्त्र और छाता का दान करना शुभ माना गया है।
विष्णु जी की पूजा
अमावस्या के दिन भगवान विष्णु की पूजा जरूर करें। इस दौरान आपको ओम नमो भगवते वासुदेवाय नमः मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे श्रीहरि प्रसन्न होते हैं और जीवन की बाधाएं दूर होती है।
पीपल की पूजा
पीपल के पेड़ का हिंदू धर्म में काफी महत्व माना गया है। शाम के समय पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। जीवन में आ रहे कष्ट समाप्त होंगे और सुख समृद्धि की प्राप्ति होगी।
दीपक का उपाय
अमावस्या के दिन संध्या के समय मुख्य द्वार के पास और तुलसी के नजदीक दीपक जरूर जलाना चाहिए। तुसली को लगाया गया दीपक सौभाग्य को निमंत्रण देता है। वहीं मुख्य द्वार पर लगा दीपक घर में सकारात्मक ऊर्जा लेकर आता है।
Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News न्यूज़ नहीं करता।
जबलपुर में अमरनाथ रजिस्ट्रेशन के दौरान बवाल, लाइन में खड़े युवक की पिटाई
मध्यप्रदेश के जबलपुर से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक तरफ लोग अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कराने लाइन में खड़े थे, वहीं दूसरी ओर एक युवक के साथ हुई मारपीट ने पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया।
जबलपुर पुलिस पिटाई मामला अब सिर्फ एक झगड़े तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह कानून-व्यवस्था और आम लोगों के अधिकारों पर भी बहस का विषय बन गया है। पीड़ित के शरीर पर चोट के निशान और उसके आरोप इस मामले को और गंभीर बना रहे हैं।
लाइन में विवाद कैसे बना हिंसा का कारण
जबलपुर पुलिस पिटाई मामला उस समय सामने आया, जब पीड़ित गौरव अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कराने पंजाब नेशनल बैंक की लाइन में खड़ा था।
बताया जा रहा है कि लाइन में आगे-पीछे होने को लेकर विवाद शुरू हुआ। यह एक मामूली बहस थी, लेकिन कुछ ही देर में मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। आरोप है कि पुलिस ने स्थिति को शांत करने के बजाय युवक के साथ सख्ती बरती, जिससे मामला और बिगड़ गया।
पुलिस पर गंभीर आरोप, चौकी ले जाकर की पिटाई
पीड़ित का आरोप है कि जबलपुर पुलिस पिटाई मामले में पुलिसकर्मियों ने उसे लाइन से घसीटते हुए चौकी ले जाया गया और वहां उसके साथ मारपीट की गई।पीड़ित ने बताया कि उसके पूरे शरीर पर चोट के निशान हैं, जो इस बात की ओर इशारा करते हैं कि उसके साथ गंभीर मारपीट हुई है। इस तरह की घटनाएं यह सवाल उठाती हैं कि क्या पुलिस को कानून का पालन कराने के नाम पर इतनी सख्ती दिखाने का अधिकार है।
जिला अस्पताल में मेडिकल, FIR वापस लेने का आरोप
जबलपुर पुलिस पिटाई मामले के बाद पीड़ित का देर रात जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया। मेडिकल रिपोर्ट इस मामले में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, क्योंकि इससे चोटों की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकेगा।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मी उस पर FIR वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। अगर यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला और भी गंभीर हो सकता है।
घटना के बाद बढ़ा गुस्सा, उठ रहे कई सवाल
जबलपुर पुलिस पिटाई मामला सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। आम लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर एक मामूली विवाद इतना बड़ा कैसे बन गया। क्या पुलिस ने अपनी सीमा से अधिक बल प्रयोग किया?
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