भारतीय क्रिकेट के लिए बुरा दिन: पहला टेस्ट जीतने वाली टीम के प्लेयर का निधन, 96 साल में ली अंतिम सास
चेन्नई. भारतीय क्रिकेट के इतिहास से एक और सुनहरा अध्याय खत्म हो गया। सीडी गोपीनाथ का 96 साल की उम्र में चेन्नई में निधन हो गया। वह भारत के सबसे उम्रदराज टेस्ट क्रिकेटर थे और दुनिया में दूसरे नंबर पर थे। उनसे आगे सिर्फ ऑस्ट्रेलिया के नील हार्वे थे।
1 मार्च 1930 को जन्मे गोपीनाथ भारतीय क्रिकेट के उस दौर का हिस्सा थे, जब टीम इंडिया ने अपनी पहली टेस्ट जीत दर्ज की थी। उन्होंने भारत के लिए 8 टेस्ट मैच खेले जबकि फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 83 मैचों में हिस्सा लिया।
गोपीनाथ ने 1951 में मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था। अपने पहले ही मैच में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए नंबर 8 पर बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 50 रन बनाए, जो उनके टेस्ट करियर का सर्वोच्च स्कोर रहा। इसके बाद दूसरी पारी में उन्होंने 42 रन बनाए और मैच ड्रॉ रहा।
उनके करियर का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक पल 1952 में आया, जब भारत ने चेन्नई में अपना पहला टेस्ट मैच जीता। इस मैच में भारत ने इंग्लैंड को पारी और 8 रन से हराया था। गोपीनाथ ने इस मुकाबले में 35 रन का योगदान दिया था। यह जीत भारतीय क्रिकेट इतिहास का टर्निंग पॉइंट मानी जाती है।
2024 में दिए एक इंटरव्यू में गोपीनाथ ने उस ऐतिहासिक जीत को याद करते हुए कहा था कि विदेशी पत्रकार उस मैच पर किताब लिखना चाहते थे। उन्होंने मजाक में कहा था कि एक ही टेस्ट मैच पर इतनी बड़ी कहानी कैसे लिख सकते हैं? लेकिन बाद में उन्होंने माना कि यह जीत भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद खास थी और वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि वह उस टीम का हिस्सा थे।
अपने टेस्ट करियर में गोपीनाथ ने 12 पारियों में कुल 242 रन बनाए। वहीं, फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उन्होंने 42.16 के औसत से 4259 रन बनाए, जो उनके शानदार करियर को दर्शाता है। गोपीनाथ के निधन के बाद अब चंद्रकांत पाटनकर भारत के सबसे उम्रदराज जीवित टेस्ट क्रिकेटर बन गए हैं, जिनकी उम्र 95 साल है। गोपीनाथ का जाना भारतीय क्रिकेट के स्वर्णिम दौर की एक अहम कड़ी का अंत है। उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
T20 World Record: 3 ओवर 4 रन और 9 विकेट, हैट्रिक भी ली..अनजान गेंदबाज ने बना डाला वर्ल्ड रिकॉर्ड
Laura Cardoso 9 wicket world record: ब्राजील की युवा गेंदबाज लॉरा कार्डोसो ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में इतिहास रच दिया है। उन्होंने एक ही मैच में 9 विकेट लेकर ऐसा रिकॉर्ड बनाया है, जो आज तक मेंस या वुमेंस किसी भी टी20 इंटरनेशनल में नहीं बना था। लेसोथो के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में कार्डोसो ने महज 3 ओवर में 4 रन देकर 9 विकेट झटके और क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया।
यह प्रदर्शन टी20 इंटरनेशनल इतिहास का अब तक का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन बन गया। इससे पहले यह रिकॉर्ड भूटान के सोनम येशे के नाम था, जिन्होंने 2025 में म्यांमार के खिलाफ 7 रन देकर 8 विकेट लिए थे। वहीं महिला टी20 में इंडोनेशिया की रोहमालिया का 7 विकेट का रिकॉर्ड भी कार्डोसो ने तोड़ दिया।
मैच की बात करें तो पहले बल्लेबाजी करते हुए ब्राजील ने 202 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। टीम के लिए रोबर्टा एवेरी ने 35 गेंदों में 48 रन बनाए जबकि मोनिके मचाडो ने 41 गेंदों पर नाबाद 69 रन की शानदार पारी खेली। इन दोनों पारियों की बदौलत ब्राजील ने मजबूत स्थिति बना ली थी।
इसके बाद गेंदबाजी में कार्डोसो ने ऐसा कहर बरपाया कि लेसोथो की टीम संभल ही नहीं पाई। उन्होंने दूसरे ओवर में ही हैट्रिक लेकर विरोधी टीम की कमर तोड़ दी। चौथे ओवर में उन्होंने चार और विकेट झटके और कुल 7 विकेट पूरे कर लिए। इसके बाद छठे ओवर में दो और विकेट लेकर उन्होंने 9 विकेट का ऐतिहासिक आंकड़ा छू लिया।
लेसोथो की पूरी टीम महज 13 रन पर 6.2 ओवर में ऑलआउट हो गई। आखिरी विकेट मेरियान ऑर्थर ने लिया। इस तरह ब्राजील ने 189 रन से बड़ी जीत दर्ज की। कार्डोसो का यह प्रदर्शन सिर्फ एक मैच का आंकड़ा नहीं है बल्कि यह टी20 क्रिकेट के इतिहास में एक मील का पत्थर बन गया। इतनी कम गेंदों में 9 विकेट लेना उनकी सटीक लाइन-लेंथ और आक्रामक गेंदबाजी का बेहतरीन उदाहरण है।
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