Rajya Sabha Deputy Chairman Election: हरिवंश तीसरी बार निर्विरोध चुने जाएंगे, विपक्ष ने नहीं उतारा अपना उम्मीदवार
राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए एनडीए की ओर से उम्मीदवार हरिवंश का लगातार तीसरी बार चुना जाना लगभग तय हो गया है. विपक्ष ने लोकसभा उपाध्यक्ष का पद रिक्त होने और परामर्श की कमी का आरोप लगाते हुए इस चुनाव का बहिष्कार किया है. शुक्रवार सुबह 11 बजे होने वाली इस प्रक्रिया में हरिवंश निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए जा सकते हैं.
संसदीय राजनीति में हरिवंश नारायण सिंह लगातार तीसरी बार राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए निर्विरोध चुने जाएंगे. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राज्यसभा सचिवालय को उनके समर्थन में अब तक कुल पांच नोटिस मिले हैं. वहीं दिलचस्प बात यह है कि मुख्य विपक्षी खेमे की ओर से किसी भी उम्मीदवार का नामांकन दाखिल नहीं हुआ है.
विपक्ष ने किया चुनाव का बहिष्कार
हालांकि सदन में हंगामा होने के आसार बने हुए हैं. कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल ने इस पूरी प्रक्रिया के बहिष्कार का फैसला लिया है. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि बीते वर्षों लोकसभा में उपाध्यक्ष का पद खाली रखना संसदीय परंपराओं का अपमान है. विपक्ष ने एक और मुद्दा उठाया कि राष्ट्रपति की ओर से नामित सदस्य को राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए चुनना इतिहास में पहली बार हुआ है. रमेश ने उम्मीद जताई 'हरिवंश 3.0' विपक्ष की मांगों को लेकर ज्यादा उदार और संवेदनशील रहेंगे.
प्रस्तावों में दिखी एनडीए की एकजुटता
हरिवंश के पक्ष में सत्ता पक्ष ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है. सदन के नेता जेपी नड्डा ने पहला प्रस्ताव सामने रखा है. इसका समर्थन एस फांगनोन कोन्याक ने किया है. वहीं दूसरा प्रस्ताव भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन की ओर से सामने आया है. इसके साथ केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और आरएलडी नेता जयंत चौधरी ने भी हरिवंश के नाम पर अपना समर्थन दिया है. इन प्रस्तावों में शिवसेना के मिलिंद देवड़ा और आरएलएम के उपेंद्र कुशवाहा जैसे सहयोगी दलों के समस्यों ने भी अपना साथ दिया है.
देश के पहले नामांकित सदस्य होंगे हरिवंश
हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से उच्च सदन को लेकर मनोनीत किए जाने के बाद हरिवंश इस पद को संभालने वालों में देश के पहले नामांकित सदस्य होंगे. इससे पहले वह जदयू के कोटे से संदन में थे. इस बार पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की खाली सीट पर उनकी सदन में वापसी हुई है.
केमिकल से पकाए जा रहे फलों पर सख्ती, FSSAI का बड़ा कदम
FSSAI ने साफ कहा है कि कैल्शियम कार्बाइड जैसे खतरनाक केमिकल का इस्तेमाल पूरी तरह बैन है. संस्था का कहना है कि फलों को पकाने के लिए केवल एथिलीन गैस का इस्तेमाल ही मान्य है, वो भी तय नियमों और सुरक्षित तरीके से. इसको नहीं मानने वालों पर तुरंत जांच और छापेमारी की जाएगी.
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