चीन का पहला और विश्व का सबसे बड़ा विशुद्ध विद्युत संचालित स्मार्ट कंटेनर जहाज डिलीवर
बीजिंग, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। चीन के पहले और विश्व के सबसे बड़े विशुद्ध विद्युत संचालित स्मार्ट कंटेनर जहाज निंगयुआन डियानखुन ने सभी परीक्षण पूरे कर लिए और आधिकारिक तौर पर रवाना हो गया।
निंगयुआन डियानखुन को चीनी शिपबिल्डिंग इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन (सीएसआईसी) के शांगहाई शिप रिसर्च एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट द्वारा स्वतंत्र रूप से विकसित और डिजाइन किया गया है। जहाज 127.8 मीटर लंबा, 21.6 मीटर चौड़ा है। इसका डिजाइन ड्राफ्ट 6.2 मीटर है और डेडवेट लगभग 9,600 टन है, जो घरेलू तटीय जलमार्ग के लिए डिजाइन किया गया।
यह जहाज ईंधन से चलने वाले जहाजों के पारंपरिक तकनीकी मार्ग से हटकर एक अभूतपूर्व उन्नयन प्राप्त करता है, जो ईंधन से चलने वाले जहाज से पूरी तरह से विद्युतीय और शून्य-कार्बनीय जहाज में परिवर्तित हो गया है। यह लगभग 19,600 किलोवाट-घंटे की कुल क्षमता वाले 10 कंटेनरीकृत बिजली आपूर्ति ले जा सकता है, जिससे अपनी निर्धारित यात्रा के दौरान शून्य उत्सर्जन और शून्य शोर वाला हरित संचालन सुनिश्चित होता है।
दो 875 किलोवाट स्थायी चुंबक सिंक्रोनस प्रणोदन मोटरों से सुसज्जित, इसकी अधिकतम गति 11.5 समुद्री मील प्रतिघंटा है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में सालाना 1,462 टन की कमी आती है और सल्फर ऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और कण पदार्थ का उत्सर्जन पूरी तरह से समाप्त हो जाता है, जिससे नौकायन, बंदरगाह पर रुकने और लोडिंग/अनलोडिंग के दौरान शून्य प्रदूषण सुनिश्चित होता है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
चीन के दो नए स्थल यूनेस्को वैश्विक भू-उद्यान घोषित
बीजिंग, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। चीन के राष्ट्रीय वन एवं घासभूमि प्रशासन के अनुसार, फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित यूनेस्को कार्यकारी बोर्ड के 224वें सत्र में चीन के दो स्थलों (चच्यांग प्रांत का छांगशान भूवैज्ञानिक पार्क और सछ्वान प्रांत का सिगुनियांगशान भूवैज्ञानिक पार्क) को यूनेस्को वैश्विक भू-उद्यान का दर्जा दिया गया है।
इसके साथ ही चीन में ऐसे स्थलों की कुल संख्या बढ़कर 51 हो गई है, जो 24 प्रांतों और हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र में फैले हैं।
छांगशान विश्व भू-उद्यान दक्षिण-पूर्वी चीन के चच्यांग प्रांत के छ्यूचो शहर में लगभग 1,043 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। यह स्थल नियोप्रोटेरोज़ोइक युग से लेकर सेनोज़ोइक काल तक के निरंतर भूवैज्ञानिक स्तरों को संजोए हुए है, जो पूर्वी एशिया में करीब एक अरब वर्षों के भूवैज्ञानिक इतिहास की दुर्लभ और सतत श्रृंखला प्रस्तुत करता है। यहां ग्रेप्टोलाइट्स और ट्राइलोबाइट्स जैसे प्राचीन जीवाश्म बड़ी मात्रा में पाए जाते हैं।
वहीं, सिगुनियांगशान विश्व भू-उद्यान दक्षिण-पश्चिम चीन के सछ्वान प्रांत के आबा तिब्बती और छ्यांग स्वायत्त प्रीफेक्चर की श्याओचिन काउंटी में 2,764 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में स्थित है। यह क्षेत्र छिंगहाई-तिब्बत पठार और सछ्वान बेसिन के संक्रमण क्षेत्र में आता है। यह भू-उद्यान सोंगफ़ान-कान्ज़ी ओरोजेनिक बेल्ट के शिखांग शैली की तहों, शिखांग समूह की टर्बिडाइट फ्लाईश संरचनाओं, छिंगहाई-तिब्बत पठार के पूर्वी छोर की अत्यधिक ऊंची पर्वत चोटियों और अद्वितीय हिमनदी भू-आकृतियों के लिए जाना जाता है।
बता दें कि यह भू-उद्यान प्राचीन टेथिस महासागर के विकास से लेकर छिंगहाई-तिब्बत पठार के पूर्वी हिस्से के उत्थान तक की भूवैज्ञानिक प्रक्रियाओं का महत्वपूर्ण प्रमाण प्रस्तुत करता है, जो वैज्ञानिक दृष्टि से अत्यंत मूल्यवान है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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