रमेश दमानी ने डिफेंस, मिनरल्स और इंफ्रा पर दांव लगाने की दी सलाह, कहा-बाजार ईरान वॉर के असर से बाहर आ चुका है
दिग्गज इनवेस्टर रमेश दमानी ने अगले 3 से 6 महीनों में बाजार में तेजी की उम्मीद जताई है। उन्होंने डिफेंस, क्रिटिकल मिनरल्स और इंफ्रास्ट्रक्चर को इनवेस्टमेंट की थीम बताया। उनका मानना है कि लड़ाई का स्वरूप बदल रहा है और नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ रहा है
पंजाबी लेडी रेडियो होस्ट को कनाडा में सजा:₹83 करोड़ की ड्रग के साथ पकड़ी, मैसेज से खुलासा- गिरोह की भरोसेमंद पार्टनर थी
कनाडा में रहने वाली पंजाबी रेडियो होस्ट को नशा तस्करी के केस में ब्रिटिश कोलंबिया की कोर्ट ने साढ़े 5 साल की सजा सुनाई है। पुलिस ने 83 करोड़ रुपए की मेथामफेटामाइन ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। हालांकि कोर्ट में उन्होंने तस्करी में शामिल नहीं होने की दलील दी थी, लेकिन मोबाइल के टेक्स्ट मैसेज से खुलासा हुआ कि वह न केवल इस तस्करी में अपनी मर्जी से शामिल थीं, बल्कि वह तस्करी गिरोह की एक भरोसेमंद पार्टनर थीं। नशा तस्करी केस में दोषी पाई गईं सुखविंदर कौर संघा (47) जालंधर के नकोदर से संबंध रखती हैं। हालांकि उनका जन्म कनाडा के प्रिंस जॉर्ज में हुआ था। उन्होंने पिछले एक दशक में पंजाबी रेडियो जगत में अपनी पहचान बनाई थी। वह फ्रीलांसर रेडियो और टीवी होस्ट थी। देखते ही देखते वह पंजाबी समुदाय का बड़ा चेहरा बन गईं। उनके शो में अक्सर हाई-प्रोफाइल राजनेता, पुलिस अधिकारी और मशहूर हस्तियां शामिल होती थीं। अब विस्तार से पढ़ें पूरा मामला कोर्ट ने कहा- जेल में आत्मचिंतन करें न्यू वेस्टमिंस्टर की कोर्ट ने 15 अप्रैल को सजा सुनाई थी। फैसला सुनाते हुए जज ने स्पष्ट किया कि नशीले पदार्थों का व्यापार केवल अपराध नहीं है, इसके समाज पर घातक परिणाम होते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि संघा जेल में बिताए जाने वाले समय का उपयोग आत्मचिंतन के लिए करेंगी। अपनी शोज में अपराध के खिलाफ आवाज उठाने वाली संघा का खुद ड्रग तस्करी जैसे संगीन अपराध में फंसना ब्रिटिश कोलंबिया के पंजाबी समुदाय के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। जानिए क्या है मेथामफेटामाइन ड्रग्स मेथामफेटामाइन एक अत्यंत शक्तिशाली और नशीला सिंथेटिक उत्तेजक ड्रग है, जो सीधे शरीर के केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। यह आमतौर पर सफेद, गंधहीन और कड़वे स्वाद वाले पाउडर या कांच के टुकड़ों जैसे दिखने वाले 'क्रिस्टल' के रूप में पाया जाता है। इसके सेवन से मस्तिष्क में 'डोपामाइन' रसायन की भारी मात्रा निकलती है, जिससे व्यक्ति को अचानक ऊर्जा, अत्यधिक उत्साह और खुशी का अनुभव होता है। हालांकि, यह प्रभाव जितना तीव्र होता है, इसके दुष्परिणाम उतने ही घातक होते हैं; इसके निरंतर उपयोग से हृदय रोग, याददाश्त में कमी, हिंसक व्यवहार, मसूड़ों की गंभीर सड़न (मेथ माउथ) और मानसिक मतिभ्रम जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यह ड्रग बहुत जल्दी लत लगा देता है, जो व्यक्ति के शारीरिक और सामाजिक जीवन को पूरी तरह बर्बाद कर सकता है।
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