Responsive Scrollable Menu

झुनझुनवाला और बापना अब समूह के साथ नहीं जुड़े: रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस समूह ने गुरुवार को कहा कि अमिताभ झुनझुनवाला और अमित बापना, जो पहले समूह में वरिष्ठ पदों पर थे, वर्तमान में समूह के साथ काम नहीं कर रहे हैं।

इन दोनों को प्रवर्तन निदेशालय ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) जैसी समूह की संस्थाओं से जुड़े कथित बैंकिंग धोखाधड़ी मामले में चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया है।

रिलायंस ने बताया कि झुनझुनवाला ने दिसंबर 2019 में समूह छोड़ दिया था, जबकि बापना ने सितंबर 2019 में समूह छोड़ा था, और अब रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और रिलायंस पावर लिमिटेड सहित समूह की किसी भी कंपनी से उनका कोई संबंध नहीं है।

झुनझुनवाला ने समूह में अपने कार्यकाल के दौरान रिलायंस समूह के समूह प्रबंध निदेशक, साथ ही रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के उपाध्यक्ष और निदेशक के रूप में कार्य किया। वहीं, बापना ने रिलायंस समूह में अपने कार्यकाल के दौरान रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के मुख्य वित्तीय अधिकारी और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड के निदेशक के रूप में कार्य किया।

सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज की गई कई ईसीआईआर के आधार पर पीएमएलए के तहत चल रही जांच में ईडी ने झुनझुनवाला और बापना को गिरफ्तार किया है।

सूत्रों के मुताबिक, रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के निदेशक के तौर पर झुनझुनवाला पर आरोप है कि वे संबंधित समय में आरएचएफएल और आरसीएफएल के विभिन्न कार्यों में प्रमुख निर्णय लेने वालों में से एक थे।

इसी महीने की शुरुआत में, सीबीआई ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम), अनिल अंबानी, अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को गलत तरीके से 3,750 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज किया।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह मामला भारतीय जीवन बीमा निगम लिमिटेड से प्राप्त शिकायत के आधार पर साजिश, धोखाधड़ी, गबन और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराधों के लिए दर्ज किया गया था।

आरोप है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और उसके प्रबंधन ने एलआईटी द्वारा 4,500 करोड़ रुपए के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (एनसीडी) सब्सक्राइब करते समय कंपनी की वित्तीय स्थिति के बारे में सही जानकारी नहीं दी थी, जिससे सरकारी बीमा कंपनी को नुकसान हुआ। हालांकि, मामले की जांच जारी है।

सीबीआई ने इससे पहले आरकॉम लिमिटेड, अनिल अंबानी और अन्य के खिलाफ कई बैंकों को धोखा देने के आरोप में तीन मामले दर्ज किए थे। कथित 2,929.05 करोड़ रुपए के एसबीआई धोखाधड़ी मामले के संबंध में अनिल अंबानी से सीबीआई ने दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में लगातार दो दिनों तक पूछताछ की थी।

पिछले महीने के अंत में, सर्वोच्च न्यायालय ने अनिल अंबानी की रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) और उसकी समूह कंपनियों से जुड़े कथित बड़े पैमाने पर बैंक धोखाधड़ी की समन्वित, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की आवश्यकता पर जोर दिया था।

भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जैसी जांच एजेंसियों को सच्चाई को पारदर्शी और स्वतंत्र रूप से उजागर करने के लिए मिलकर समन्वय से काम करना चाहिए।

--आईएएनएस

एबीएस/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

यूएई का कर्ज चुकाने के लिए पाकिस्तान ने दूसरे देश के सामने फैलाया हाथ, सऊदी अरब ने दिए 2 अरब डॉलर

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ तीन देशों, सऊदी अरब, कतर और तुर्किए, के दौरे पर हैं। पीएम शहबाज के दौरे के बीच सऊदी अरब ने पाकिस्तान को 2 अरब डॉलर की मदद दी है।

दरअसल, पाकिस्तान को संयुक्त अरब अमीरात ने इस महीने के अंत तक तीन अरब डॉलर का कर्ज लौटाने के लिए कहा था। ऐसे में पाकिस्तान ने अब सऊदी अरब से मदद मांगी है, ताकि वह यूएई से लिया कर्ज लौटा सके।

पाकिस्तानी मीडिया डॉन ने बताया कि स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) ने गुरुवार को पुष्टि की है कि पाकिस्तान को सऊदी अरब से 2 अरब डॉलर मिले हैं। सेंट्रल बैंक ने कहा कि राशि 15 अप्रैल 2026 की वैल्यू डेट में मिली थी।

यह डेवलपमेंट ऐसे समय में हुआ है, जब प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ मिडिल ईस्ट में शांति को बढ़ावा देने और डिप्लोमैटिक कोशिशों को आगे बढ़ाने के लिए सऊदी अरब गए हैं।

डॉन के अनुसार, सऊदी अरब ने एक दिन पहले पाकिस्तान के लिए अतिरिक्त 3 अरब डॉलर डिपॉजिट देने का वादा किया था और अपनी मौजूदा 5 बिलियन डॉलर की फैसिलिटी को तीन साल के लिए बढ़ा दिया।

वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने कहा कि मौजूदा 5 बिलियन डॉलर सऊदी डिपॉजिट अब पिछले सालाना रोलओवर अरेंजमेंट के तहत नहीं आएगा और इसके बजाय इसे लंबे समय के लिए बढ़ाया जाएगा।

पाकिस्तान के आर्थिक हालात बहुत बुरे हो चुके हैं, देश में महंगाई अपनी सीमा पार कर चुकी है। पाकिस्तान के ऊपर विदेशी कर्ज बहुत ज्यादा है और यह पहले से ही बढ़ती ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों और मिडिल ईस्ट में तनाव से जुड़े आर्थिक असर से दबाव में है।

डॉन ने आधिकारिक आंकड़ों के हवाले से बताया कि 27 मार्च तक पाकिस्तान का फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व 16.4 बिलियन डॉलर था, जो करीब तीन महीने के इंपोर्ट को कवर करने के लिए काफी है। हालांकि, यूएई से रीपेमेंट की जरूरत ने देश की अर्थव्यवस्था पर नया दबाव डाल दिया है।

मार्च में, पाकिस्तान 3.5 बिलियन डॉलर की फैसिलिटी को आगे बढ़ाने के लिए संयुक्त अरब अमीरात के साथ समझौता करने में नाकाम रहा। यह सात साल में पहली ऐसी असफलता थी और इससे शॉर्ट-टर्म फाइनेंसिंग गैप को लेकर चिंता बढ़ गई।

पाकिस्तानी मीडिया डॉन ने माना कि पाकिस्तान की फॉरेन एक्सचेंज पोजीशन दबाव में है। आईएमएफ समर्थित रिफॉर्म्स के तहत एक बड़े स्टेबिलाइजेशन की कोशिश का हिस्सा बनी हुई है। विश्लेषकों का कहना है कि बाहरी फंडिंग रिस्क एक बड़ी कमजोरी बनी हुई है, खासकर एनर्जी की अस्थिर कीमतों और सीमित ग्लोबल कैपिटल मार्केट के बीच।

--आईएएनएस

केके/एबीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

ललित मोदी का भारत-पाकिस्तान क्रिकेट संबंध पर बयान, कहा- दोनों देशों के संबंध बिगड़ने के लिए पीसीबी जिम्मेदार

आईपीएल के पूर्व अध्यक्ष ललित मोदी ने भारत और पाकिस्तान के बीच जल्द ही द्विपक्षीय क्रिकेट फिर से शुरू होने की उम्मीद पर गंभीरता जताई है। उन्होंने राजनीतिक दखल को मुख्य रुकावट बताया है। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन के यूट्यूब शो द ओवरलैप क्रिकेट में मोदी ने कहा कि दोनों बोर्ड के बीच खराब रिश्ते किसी भी सीरीज की संभावना में रुकावट डाल रहे हैं। इसके कारण न्यूट्रल वेन्यू पर भी मैच नहीं हो रहे। 

ललित मोदी ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड में बढ़ते राजनीतिक दखल को एक बड़ी चिंता बताया। उन्होंने कहा कि अगर बाहरी दबावों से मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं हुआ होता तो संबंध सुधारने में तेजी आ सकती थी। मोदी ने आगे कहा कि न्यूट्रल वेन्यू पर भी मैच नहीं हो सकता। दिक्कत पीसीबी के अंदर फैसले लेने की प्रक्रिया से जुड़ा है। ललित मोदी ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि स्थिति इतनी जल्दी सुधरेगी। 

ललित मोदी ने भारत-पाकिस्तान द्विपक्षीय क्रिकेट पर कहा कि मुझे नहीं लगता कि ये जल्द ही मुमकिन हो पाएगा। खासकर पाकिस्तान में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के राजनीतिकरण के कारण से। उन्होंने कहा कि फैसले क्रिकेट समुदाय स्वतंत्र रूप से नहीं लेता। इसके कारण दोनों टीमों का एक दूसरे के खिलाफ खेलना अभी संभव नहीं है। उन्होंने खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। 
Thu, 16 Apr 2026 17:12:34 +0530

  Videos
See all

TCS Nashik Case: हिंदू लड़कियों पर रोजा रखने और नमाज़ रखने का दबाह-Devayani Farande #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-16T12:38:08+00:00

Delhi Airport Accident: दिल्ली एयरपोर्ट पर अकासा और स्पाइस जेट के विंग्स टकराए | Delhi | Breaking #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-16T12:45:04+00:00

Dangal: जब 2023 में बिल आया तो इस पर अच्छे से काम नहीं हुआ-Ashutosh | Women Reservation |Sahil Joshi #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-16T12:37:06+00:00

Dangal: Women Reservation को ढाल बनाकर देश के संघीय ढांचे पर प्रहार हो रहा-Ragini Nayak |Sahil Joshi #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-16T12:40:26+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers