जबलपुर: खमरिया के एन-टाइप इलाके में दिखा तेंदुआ, वीडियो वायरल, स्थानीय लोगों में दहशत, वन विभाग ने की ये अपील
जबलपुर में तेंदुए की दहशत अब ग्रामीण इलाकों से निकलकर शहरी क्षेत्रों तक पहुंच गई है। जिले में तेंदुओं की संख्या 35 के पार पहुंचने के बाद अब ये जंगली जानवर जंगल और ग्रामीण क्षेत्रों से निकलकर शहर की ओर रुख कर रहे हैं। लगातार सामने आ रही तेंदुओं की मौजूदगी की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
बता दें कि खमरिया थाना क्षेत्र के एन-टाइप इलाके के पास स्थित गुरुद्वारे की बाउंड्री वॉल पर एक तेंदुआ बैठा हुआ नजर आया। स्थानीय लोगों ने तेंदुए का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जिसके बाद लोगों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से तेंदुए को जल्द से जल्द पकड़कर सुरक्षित स्थान पर ले जाने की मांग की है।
तेंदुए की दहशत के बीच स्थानीय लोगों का कहना है कि बीते कुछ दिनों से खमरिया और आसपास के क्षेत्र में लगातार एक तेंदुआ दिखाई दे रहा है। गुरुद्वारे के पास ही वर्धाघाट और रिठौरी का जंगल स्थित है जहां पिछले कुछ समय से तेंदुओं की आवाजाही देखी जा रही है। माना जा रहा है कि जंगल और ग्रामीण क्षेत्र को छोड़कर अब तेंदुए रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं।
गुरुद्वारे की बाउंड्री वॉल पर बैठा दिखा तेंदुआ
उन्होंने आगे कहा कि शनिवार रात कुछ लोग गुरुद्वारे के पास से गुजर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर अचानक बाउंड्री वॉल पर बैठे तेंदुए पर पड़ी। जिसके बाद तत्काल ही लोगों ने तुरंत उसका वीडियो बनाया और बाद में इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। रिहायशी इलाके में तेंदुए की मौजूदगी से स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। वहीं वन विभाग की टीम तेंदुए की तलाश में जुट गई है।
DFO स्थानीय लोगों से की यह अपील
वन मंडल अधिकारी (DFO) पुनीत सोनकर ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए तेंदुए के वीडियो के बाद जानकारी सामने आई है। जिसके बाद वन विभाग की एक टीम को मौके पर भेजा गया है और लगातार तेंदुए की सर्चिंग की जा रही है। वहीं अधिकारी ने आसपास के स्थानीय लोगों से अपील की है कि देर रात तक बाहर न निकले और अगर कहीं भी तेंदुआ दिखता है तो तत्काल ही वन विभाग को इसकी सूचना दें।
Solar Eclipse 2026: 12 अगस्त को लगेगा साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, जानिए भारत में दिखाई देगा या नहीं
बुधवार, 12 अगस्त 2026 को सावन अमावस्या (हरियाली अमावस्या) के दिन साल का दूसरा और अंतिम पूर्ण सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। यह ग्रहण कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में लगेगा। भारतीय समयानुसार यह ग्रहण 12 अगस्त की रात 9:04 बजे शुरू होगा और 13 अगस्त की सुबह 4:25 बजे तक चलेगा।
रात का समय होने के कारण यह भारत में दिखाई नहीं देगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जहां ग्रहण दिखाई नहीं देता, वहां सूतक काल भी मान्य नहीं होता है, इसलिए इस दिन भारत में सामान्य पूजा-पाठ, सावन अमावस्या के अनुष्ठान और दैनिक कार्य यथावत जारी रहेंगे। शुभ कार्यों पर किसी भी प्रकार की कोई रोक नहीं रहेगी।
भारत को छोड़कर यह पूर्ण सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से स्पेन, आइसलैंड, ग्रीनलैंड, पुर्तगाल और उत्तरी रूस में दिखाई देगा। यूरोप के अधिकांश हिस्सों, उत्तरी अमेरिका और ब्रिटेन में यह आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में नजर आएगा। विज्ञान और ज्योतिष दोनों ही दृष्टिकोणों से इस घटना को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है
12 अगस्त 2026 के ग्रहण का समय
- प्रारंभ: 12 अगस्त, रात 9:04 बजे
- पूर्ण ग्रहण (पीक): रात 11:16 बजे
- समापन: 13 अगस्त, रात 1:27 बजे
- कुल अवधि: 4 घंटे 23 मिनट
कब लगता है सूर्य ग्रहण
ज्योतिष के मुताबिक, जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी एक सीध में आ जाते हैं तो चंद्रमा सूर्य की पूरी गोलाकार सतह को ढक देता है और सूरज की रोशनी धरती तक पहुंच नहीं पाती है, तब पूर्ण सूर्य ग्रहण लगता है। आंशिक सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से नहीं ढक पाता है, केवल एक हिस्सा ही ढका होता है, चंद्रमा सूर्य के सिर्फ एक हिस्से को ढंकता हुआ नजर आता है। वलयाकार सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा पृथ्वी से दूर हो, तब यह पूरी तरह सूर्य को ढक नहीं पाता, जिस कारण हमें सूर्य ग्रहण के दौरान आसमान में एक ‘आग का छल्ला (Ring of fire)’ दिखता है।
(Disclaimer : यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों और जानकारियों पर आधारित है, MP BREAKING NEWS किसी भी तरह की मान्यता-जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इन पर अमल लाने से पहले अपने ज्योतिषाचार्य या पंडित से संपर्क करें)
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