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आसमान में क्यों कड़कती है बिजली, जानें क्या है 'रिटर्न स्ट्रोक'

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। गरज-चमक के साथ बारिश का मौसम आते ही आसमान में बिजली कड़कने का डर लगने लगता है। चमकती रोशनी और तेज गड़गड़ाहट देखकर लोगों के मन में सवाल उठता है कि वास्तव में बिजली क्यों चमकती है।

यह वायुमंडल में होने वाली एक शक्तिशाली विद्युत घटना है, जो बादलों के बीच, बादल और जमीन के बीच या कभी-कभी हवा में भी होती है। वैज्ञानिकों के अनुसार, बिजली एक बड़ा विद्युत डिस्चार्ज है जो विपरीत आवेशों के बीच संतुलन बनाने के लिए होता है। बिजली वायुमंडल में होने वाला एक शक्तिशाली विद्युत डिस्चार्ज है। यह प्रक्रिया तूफान के बादलों में शुरू होती है। गर्म हवा ऊपर उठती है और ठंडी हवा नीचे आती है। इस टकराहट से बादल के निचले हिस्से में नेगेटिव चार्ज (ऋणात्मक आवेश) जमा होता है, जबकि ऊपरी हिस्से में पॉजिटिव चार्ज (धनात्मक आवेश) बनता है। जब ये विपरीत आवेश काफी ज्यादा हो जाते हैं, तो हवा की इंसुलेटिंग क्षमता टूट जाती है। नतीजा होता है एक तेज विद्युत डिस्चार्ज – यानी बिजली चमकना।

हम जो तेज और चमकीली रोशनी देखते हैं, उसे रिटर्न स्ट्रोक कहते हैं। यह बिजली चमकने की पूरी प्रक्रिया के अंतिम चरण में होता है। जब नीचे की ओर बढ़ने वाला चार्ज पाथ यानी स्टेप लीडर जमीन या विपरीत चार्ज से जुड़ जाता है, तो नेगेटिव चार्ज तेजी से वापस ऊपर की ओर बहने लगता है। इसी को रिटर्न स्ट्रोक कहते हैं। इसका तापमान 30 हजार डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जो सूर्य की सतह से भी ज्यादा गर्म है। इतनी गर्मी से आस-पास की हवा अचानक फैल जाती है, जिससे शॉक वेव पैदा होती है और हम गड़गड़ाहट (थंडर) की आवाज सुनते हैं। रोशनी की गति ध्वनि से बहुत तेज होती है, इसलिए पहले बिजली चमक दिखाई देती है और थोड़ी देर बाद गरज सुनाई देती है।

वायुमंडलीय बिजली में कई प्रकार की घटनाएं शामिल हैं जैसे बिजली चमकना, आयनीकरण और अन्य विद्युत प्रक्रियाएं। बिजली के प्रभाव भी व्यापक हैं। यह वायुमंडल में ओजोन और नाइट्रस ऑक्साइड बनाने में मदद करती है, लेकिन जंगलों में आग लगाने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और इंसानों के लिए खतरा पैदा करने के लिए भी जिम्मेदार है।

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के सैटेलाइट्स और सेंसर्स के अनुसार, पूरी दुनिया में प्रति सेकंड औसतन 35 से 55 बार बिजली चमकती है। उत्तरी गोलार्ध की गर्मियों में यह संख्या बढ़ सकती है। नासा जमीन, हवा और अंतरिक्ष आधारित उपकरणों से बिजली का अध्ययन करती है। इनमें नॉर्थ अलबामा लाइटनिंग मैपिंग ऐरे, लाइटनिंग इंस्ट्रूमेंट पैकेज और गोस-16 सैटेलाइट जैसे सिस्टम शामिल हैं। ये डेटा तूफानों की भविष्यवाणी, सुरक्षा और ‘क्षणिक दीप्तिमान घटनाओं’ जैसे ऊपरी वायुमंडल में दिखने वाले रंगीन जेट को समझने में मदद करते हैं।

जानकारी के अनुसार, बिजली से हर साल दुनिया भर में लगभग 24 हजार लोगों की मौत और 2 लाख से ज्यादा लोग घायल होते हैं। बिजली पर रिसर्च का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा बढ़ाना, तूफानों की तीव्रता समझना और हवाई जहाजों व स्पेस मिशनों को सुरक्षित बनाना है। साल 1969 में अपोलो 12 मिशन के दौरान बिजली गिरने से अंतरिक्ष यान के उपकरण क्षणिक रूप से बंद हो गए थे, लेकिन यात्रियों ने स्थिति संभाल ली था।

नासा के साथ ही अन्य स्पेस एजेंसीज लगातार इस पर काम कर रही हैं। पिछले दशकों में बिजली अध्ययन में काफी प्रगति हुई है। ऐसे में वैज्ञानिक बादलों के अंदर होने वाली बिजली (जो कुल गतिविधि का 75 है) को भी बेहतर तरीके से समझ पा रहे हैं। वहीं, नासा का डेटा दुनिया भर के वैज्ञानिकों के लिए उपलब्ध है, जिससे वायुमंडलीय विज्ञान में नई खोजें हो रही हैं।

--आईएएनएस

एमटी/पीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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Chennai Super Kings को लगा बड़ा झटका, आईपीएल 2026 से बाहर हुआ ये स्टार खिलाड़ी

ऋतुराज गायकवाड़ की अगुवाई वाली चेन्नई सुपर किंग्स को आईपीएल 2026 के बीच तगड़ा झटका लगा है। पहले ही एमएस धोनी की चोट ने सीएसके को परेशान किया हुआ है, वहीं अब टीम के तेज गेंदबाज खलील अहमद चोट के चलते पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। हालांकि, टीम की तरफ से कोई आधिकारिक एलान नहीं हुआ है। चेन्नई सुपर किंग्स का  अगला मैच 18 अप्रैल को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ है। 

पीटीआई के मुताबिक, चेन्नई सुपर किंग्स के पेसर खलील अहमद क्वाड्रिसेप्स इंजरी के कारण से आईपीएल से बाहर हो गए हैं। खलील अहमद जो अब तक चेन्नई सुपर किंग्स के खेले गए सभी पांच मैचों का हिस्सा थे, उन्होंने 14 अप्रैल को केकेआर के खिलाफ पिछले मैच के दौरान अपने दाहिने कूल्हे में दर्द की बात कही थी। 

टूर्नामेंट के शुरुआती स्टेज में वह सीएसके के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वालों में से एक थे। आईपीएल के एक सोर्स ने कहा कि, ये ग्रेड 2 टियर है और रिहैब में कम से कम 10-12 हफ्ते लगेंगे। बाएं हाथ के पेसर ने भारत के लिए 11 वनडे और 18 टी20 खेले हैं, जिसमें से आखिरी बार वह जुलाई 2024 में खेले थे। 

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व कप्तान एमएस धोनी का पहला मैच 23 अप्रैल को वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस के खिलाफ हो सकता है। चेन्नई के सूत्रों के अनुसार, 44 वर्षीय धोनी, जो प्री-सीजन कैंप में पिंडली में खिंचाव आने के बाद से बाहर थे अब पूरी तरह से फिट होने के करीब हैं।

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अभिषेक की तूफानी फिफ्टी, क्लासेन का करिश्माई कैच, सीएसके-हैदराबाद मैच के टॉप मोमेंट्स

csk vs srh top moments: आईपीएल 2026 के 27वें मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने चेन्नई सुपर किंग्स को हराकर सीजन की तीसरी जीत दर्ज की. अभिषेक शर्मा और हेनरिक क्लासेन के तूफानी अर्धशतकों से हैदराबाद ने 194 रन का स्कोर बनाया था, जिसे एसआरएच के गेंदबाज डिफेंड करने में कामयाब रहे. चेन्नई की टीम पूरे ओवर खेलकर 184/8 के स्कोर तक ही पहुंच सकी. आइए इस मुकाबले के टॉप मोमेंट्स पर नजर डालते हैं. Sat, 18 Apr 2026 23:53:48 +0530

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