पाकिस्तान की उड़ी धज्जियां! अहमद शहजाद ने अपने ही मुल्क की लगाई क्लास, IPL पर दिया ऐसा बयान हो गया वायरल
IPL VS PSL : इन दिनों भारत में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) और पाकिस्तान में पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) खेली जा रही है. इन दोनों टी20 लीग का लगातार कंपेरिजन हो रहा है. खिलाड़ी और क्रिकेट जगत के जानकार भी अक्सर इस चीज पर अपनी राय देते हैं. पाकिस्तान में लगातार भारत और आईपीएल की बातें की जा रही है, जबकि भारत में पाकिस्तान या फिर पीएसएल की बातें नहीं हो रही हैं. इन बातों को और ज्यादा हवा पाकिस्तान मीडिया के द्वारा दिया जा रहा है.
पाकिस्तान की मीडिया और वहां के लोग बार बार खिलाड़ियों से और कोचों से ये सवाल पूछ रहे हैं कि पाकिस्तान सुपर लीग बेहतर है. या फिर इंडियन प्रीमियर लीग अच्छी है. इसके साथ ही वो उन खिलाड़ियों के अक्सर टारगेट कर रहे हैं, जो पाकिस्तान सुपर लीग और इंडियन प्रीमयिर लीग दोनों में खेल चुके हैं.
पाकिस्तान मीडिया पीएसएल के मैचों की प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईपीएल के सवाल लगातार पूछ रहा है. वो खिलाड़ियों से पीएसएल छोड़कर आईपीएल में खेलने और फिर से पीएसएल में खेलने को लेकर भी बेतुके सवाल कर रहा है. इसके साथ ही आईपीएल खेल चुके खिलाड़ियों से पीएसएल या आईपीएल कौन सी लीग अच्छी है. इस तरह के सवाल कर रहा है.
अहमद शहजाद ने लगाई क्लास
अब इन सभी सवालों पर पाकिस्तानी क्रिकेटर अहमद शहजाद ने बड़ा बयान दिया है. उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में शहजाद पाकिस्तान के उन्ही मीडियाकर्मियों की क्लास लगाते हुए नजर आ रहे हैं. ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि पाकिस्तान के अहमद शहजाद खुद अपने मुल्क के लोगों को ट्रोल कर रहे हैं और उन्हें उनकी कमियों से वाखिफ करा रहे हैं.
शहजाद ने अपनी वीडियो में श्रीलंका के विकेटकीपर बल्लेबाज कुसल मेंडिस के साथ हुई घटना का जिक्र किया है. उनसे एक पाकिस्तानी रिपोटर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि, आप पिछले साल पीएसएल छोड़कर आईपीएल खेलने चले गए थे, अब आप वापस पीएसएल खेल रहे हैं, क्योंकि आपको आईपीएल में नहीं लिया गया तो कैसा लग रहा है. इस पर मेंडिस ने कोई जबाव नहीं दिया था.
Just Listen to Ahmed Shehzad, he brutally trolled and cooked Pakistani Journalists, who always ask - IPL questions in PSL Press Conferences ????
— Ajay Jadeja (@AjayJadeja171) April 15, 2026
A must watch video ????pic.twitter.com/TGxIDlzHsM
वहीं साउथ अफ्रीका के बाएं हाथ के बल्लेबाज राइली रूसो से जब पूछा गया था कि पीएसएल या आईपीएल कौन बेहतर है. तो उन्होंने आईपीएल को एक मूवी की तरह बता दिया है. उन्होंने पाकिस्तान सुपर लीग को कॉम्पटेटिव क्रिकेट बताया था. उनके इस बयान की भारत में काफी आलोचना हुई थी.
क्रिकेटर्स को फंसाते हैं पाकिस्तानी
पाकिस्तान के तमाम क्रिकेटर और मीडियाकर्मी भारत और आईपीएल के नाम पर अपनी रोटी सेंक रहे हैं. वो भारत के नाम पर टीआरपी बटोर रहे हैं. इसके साथ ही आईपीएल का सवाल पूछ-पूछ कर खिलाड़ियों को दोहरी स्थिति में डालते हैं. क्योंकि वो जिस लीग में खेल रहे हैं, उनकी बुराई कैसे कर सकते है. वहीं जिस लीग में वो पहले खेल चुके हैं और आगे भी खेल सकते हैं. उसके बारे में वो बुरा बोलना नहीं चाहते हैं. इस सबके बीच खिलाड़ी फंस जाते हैं और पाकिस्तान के लोग इसका फायदा उठाते हैं और उन पर आईपीएल या पीएसएल में से एक को चुनने का दवाब बनाते हैं.
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ट्रंप ने इजरायल और लेबनान के बीच 34 साल बाद हो रही वार्ता का किया स्वागत
वॉशिंगटन, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका ने एक बार फिर से साफ किया है कि इजरायल और लेबनान के बीच संभावित सीजफायर ईरान के साथ उसकी बातचीत का हिस्सा नहीं है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारतीय समयानुसार गुरुवार को यानी इजरायल और लेबनान के बीच बातचीत होगी।
भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा, इजराइल और लेबनान के बीच थोड़ी राहत दिलाने की कोशिश कर रहा हूं। दोनों नेताओं ने लगभग 34 साल से बात नहीं की है। अब बात होगी। बढ़िया।” हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वार्ता में कौन-कौन शामिल होंगे।
ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्ते का सीजफायर होने के बाद ईरानी पक्ष की तरफ से ये दावा किया कि इजरायल ने लेबनान पर हमला करके सीजफायर का उल्लंघन किया है। हालांकि, अमेरिका ने कहा कि इस सीजफायर में लेबनान को शामिल नहीं किया गया था।
इजरायल और लेबनान के बीच लगभग 34 सालों में पहली बार उच्चस्तरीय बातचीत हो रही है। दोनों देशों के बीच अमेरिका मध्यस्थ का काम कर रहा है। वॉशिंगटन इजरायल की उत्तरी सीमा पर तनाव कम करने के लिए डिप्लोमैटिक कोशिशें तेज कर रहा है।
अमेरिकी सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अमेरिका ने लेबनान में युद्धविराम के लिए नहीं कहा था और यह ईरान के साथ शांति बातचीत का हिस्सा नहीं था। हालांकि, अधिकारी ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इजरायल और लेबनान के बीच शांति समझौते के हिस्से के तौर पर लेबनान में दुश्मनी खत्म होने का स्वागत करेंगे।
रुबियो की मौजूदगी में लेबनान और इजरायल के बीच दुर्लभ सीधी बातचीत सालों में पहली बार हुई थी। अमेरिकी अधिकारियों ने इस बातचीत को तनाव कम करने और शायद एक बड़े समझौते का रास्ता खोलने की दिशा में एक कदम बताया।
एक और सीनियर अधिकारी ने कहा, “अमेरिका एक टिकाऊ शांति चाहता है, लेकिन उसने तुरंत सीजफायर की मांग नहीं की है। अमेरिका का ध्यान दोनों सरकारों के बीच भरोसा बनाने पर है ताकि हम शांति समझौते के लिए जगह बना सकें और भविष्य में होने वाली कोई भी समझ टिकाऊ हो सके। दोनों पक्षों को पॉलिटिकल माहौल बनाने की जरूरत है।”
अमेरिकी अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि वॉशिंगटन तनाव कम करने का समर्थन तो करता है, लेकिन वह बातचीत के अलग-अलग रास्तों को नहीं जोड़ रहा है। अधिकारी ने कहा, “अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का इजरायल और लेबनान के बीच चल रही शांति वार्ता से कोई लेना-देना नहीं है।”
इजरायल लेबनान में एक अल्पकालिक युद्धविराम पर विचार कर रहा है, जो लगभग एक सप्ताह तक चल सकता है, हालांकि यह अभी अंतिम निर्णय नहीं है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि हिजबुल्लाह इस प्रस्ताव को स्वीकार करेगा या नहीं। अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन विभिन्न वार्ता प्रक्रियाओं को आपस में जोड़ नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के तहत अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता को इजरायल-लेबनान शांति वार्ता से अलग रखा गया है।
लेबनान में तनाव के हालात तब से हैं, जब इजरायल ने इस साल की शुरुआत में हिजबुल्लाह के रॉकेट हमलों के बाद सैन्य अभियान शुरू किया था। इस संघर्ष ने बड़ी संख्या में नागरिकों को विस्थापित किया है और क्षेत्रीय तनाव बढ़ा दिया है।
वॉशिंगटन की मौजूदा रणनीति तत्काल समाधान के बजाय धीरे-धीरे प्रगति पर केंद्रित है, ताकि जल्दबाजी में लिए गए फैसलों से बचा जा सके और स्थायी शांति का रास्ता तैयार हो सके।
--आईएएनएस
केके/वीसी
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