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वेणुगोपाल बोले- भाजपा को खुश करने वाले बयान न दें:थरूर के राहुल गांधी पर बयान के बाद पार्टी नेताओं को सावधानी की सलाह
केरल के अलप्पुझा से कांग्रेस सांसद और एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने रविवार को पार्टी नेताओं को भाजपा को खुश करने वाले बयान देने से बचने को कहा। वे वरिष्ठ नेता शशि थरूर के राहुल गांधी के छात्र संपर्क कार्यक्रम पर दिए गए बयान से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे थे। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, थरूर ने कहा था कि राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम जनरेशन जेड के बीच उतना असर नहीं डाल सका, जितना ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के विरोध प्रदर्शनों ने डाला था। वेणुगोपाल ने कहा कि उन्होंने थरूर का बयान केवल कुछ मीडिया चैनलों पर पढ़ा है और वे ठीक-ठीक नहीं सुन पाए कि थरूर ने क्या कहा था। उन्होंने कहा कि थरूर की टिप्पणी के बारे में सीधे उन्हीं से पूछा जाना चाहिए। वेणुगोपाल बोले- सार्वजनिक बयान देते समय सावधानी जरूरी वेणुगोपाल ने कहा, “कांग्रेस के सदस्य हमेशा पार्टी के ढांचे या अनुशासन का पूरी तरह पालन नहीं करते, फिर भी हमें ऐसे बयान देने से बचना चाहिए, जिनसे केवल भाजपा खुश हो।” उन्होंने कहा, “अगर कोई राहुल गांधी में गलती निकालता है या उनके बारे में दो नकारात्मक बातें कहता है, तो भाजपा बहुत खुश होगी। उनके लिए यह सबसे खुशी की बात होगी।” वेणुगोपाल ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि थरूर ने जानबूझकर ऐसी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा, “हम सभी को ध्यान रखना चाहिए, चाहे जानबूझकर या अनजाने में। मुझे नहीं लगता कि उन्होंने यह बात जानबूझकर कही है और न ही वे ऐसा जानबूझकर कहेंगे।” इलाहाबाद कार्यक्रम में जनरेशन जेड की भागीदारी का दावा वेणुगोपाल ने कहा कि इलाहाबाद में राहुल गांधी के कार्यक्रम में भारत की जनरेशन जेड ने हिस्सा लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने कार्यक्रम में रुकावट डालने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया, “योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इलाहाबाद के उस कार्यक्रम को रोकने की पूरी कोशिश की। उन्होंने आयोजन स्थल तक जाने वाले रास्ते पर मानव मल तक फैला दिया।” वेणुगोपाल ने कहा कि कॉलेज प्रबंधन पर कथित दबाव डालकर पहले कार्यक्रम के लिए जगह देने से इनकार किया गया। बाद में अनुमति दी गई, लेकिन रास्ते में गंदगी फैला दी गई। उन्होंने कहा, “लेकिन कल इलाहाबाद में जो दृश्य दिखा, वह क्या था? वहां कांग्रेस के सामान्य कार्यकर्ता, यूथ कांग्रेस या एनएसयूआई के सदस्य नहीं थे। वहां भारत की असली जनरेशन जेड थी।” उन्होंने कहा कि कोट्टा और देहरादून में भी इसी तरह की भागीदारी देखने को मिली। छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाने की बात कही वेणुगोपाल ने कहा कि राहुल गांधी ने उन छात्रों का मुद्दा उठाया, जिन्हें प्रदर्शनों के दौरान कथित तौर पर पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा, “आपने देखा होगा कि पेलेट गन से घायल छात्र को सबसे पहले जनता के सामने किसने पेश किया था? राहुल गांधी ने।” वेणुगोपाल ने कहा कि हाल में जब महिला छात्रों को पुरुष पुलिस अधिकारियों ने पीटा, तब उन छात्राओं को भी राहुल गांधी ने ही जनता के सामने पेश किया था। उन्होंने छात्रों के समर्थन में राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं के प्रधानमंत्री आवास की ओर निकाले गए विरोध मार्च का भी जिक्र किया। वेणुगोपाल ने कहा, “प्रदर्शन में शामिल छात्रों के साथ एकजुटता जताने के लिए नेता प्रतिपक्ष और हम सभी प्रधानमंत्री आवास तक मार्च करके गए। भारत में ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया। यह देश में सबसे बड़े विरोध मार्च में से एक था, जिसे लोगों ने करीब से देखा। यह जनरेशन जेड के लिए था।” थरूर बोले- मेरे बयान को पार्टी पर हमले के तौर पर समझा गया थरूर ने शुक्रवार को महाराष्ट्र में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में वही मुद्दे उठाए गए थे, जो ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने उठाए थे। जब उनसे पूछा गया कि ‘छात्रों की गूंज’ रैलियां जंतर-मंतर पर हुए कार्यक्रम जितना असर क्यों नहीं डाल पाईं, तो थरूर ने कहा था, “सही है। इसलिए हमें खुद से पूछना चाहिए कि हमसे क्या नहीं हो पाया।” उन्होंने कहा था, “क्या हम छात्रों की बात सुनने में नाकाम रहे? क्या हम उस पुराने मुहावरे पर खरे नहीं उतरे कि हमें जनता की नब्ज पर उंगली रखनी चाहिए? क्या हमारी उंगली जनरेशन जेड की नब्ज से हट गई थी? हमें इस पर गंभीरता से विचार करना होगा।” शनिवार को थरूर ने कहा कि मीडिया उनके बयान को “अपनी ही पार्टी या उसके नेतृत्व पर हमला” बता रहा है। उन्होंने कहा कि उनका जोर इस बात पर था कि राजनीतिक दलों को अपने दरवाजे खोलने चाहिए और अगली पीढ़ी के लिए राजनीति को दिशा देने की ताकत हासिल करने के रास्ते बनाने चाहिए।
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