हीटवेव से निपटने के लिए दक्षिण कोरिया सतर्क, कमजोर वर्गों के लिए बढ़ाए सुरक्षा इंतजाम
दक्षिण कोरिया में हीटवेव के बीच रविवार को बाहर काम करने वाले कमजोर लोगों और जानवरों के लिए बेहतर सुरक्षा की मांग की गई, हालांकि वर्तमान समय में देशभर में सबसे गंभीर अलर्ट हटा दिए गए हैं, लेकिन सरकार लोगों की मदद के लिए पहल कर रही है. संबंधित मंत्रालयों और क्षेत्रीय अधिकारियों की एक मीटिंग में, सेंट्रल डिजास्टर एंड सेफ्टी काउंटरमेजर्स हेडक्वार्टर ने बहुत ज्यादा गर्मी से निपटने के लिए इमरजेंसी प्रोटोकॉल की समीक्षा की.
किम क्वांग-योंग ने किया येसान काउंटी का दौरा
योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, हेडक्वार्टर ने सभी इंटरएजेंसी रिस्पॉन्स यूनिट्स से ज्यादा जोखिम वाली आबादी जैसे कि प्रवासी मजदूरों और बुजुर्ग किसानों की सुरक्षा पर ध्यान देने को कहा. इससे पहले हेडक्वार्टर के चीफ किम क्वांग-योंग ने सोल से लगभग 100 किलोमीटर दक्षिण में येसान काउंटी का दौरा किया, ताकि विदेशी मौसमी किसानों के काम करने के हालात का मुआयना किया जा सके और जानवरों पर गर्मी के असर की जांच की जा सके.
कई विदेशी मजदूरों की गर्मी से मौत
यह दौरा दक्षिण जिओला प्रांत के हेनाम और साउथ चुंगचियोंग प्रांत के होंगसियोंग में विदेशी मजदूरों की गर्मी से जुड़ी मौतों के बाद किया गया. विदेशी श्रमिकों को भाषा की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिससे वे सुरक्षा के मामले में मुश्किल में पड़ जाते हैं. ऐसे में किम क्वांग-योंग ने फार्म मालिकों से अपने श्रमिकों के लिए काफी पानी, छाया और आराम देने को कहा.
अधिकारियों ने बांटी कूलिंग सप्लाई
अधिकारियों ने 18 भाषाओं में ट्रांसलेट किए गए हीट स्ट्रोक से बचाव के मैनुअल और अलग-अलग कूलिंग सप्लाई बांटी. किम ने स्थानीय स्वाइन फार्म्स का भी दौरा किया ताकि उनके वेंटिलेशन और कूलिंग सिस्टम को चेक कर सकें. हेडक्वार्टर के मुताबिक सरकारी मंत्रालय ने अपने इमरजेंसी रेस्पॉन्स प्रोटोकॉल को और बढ़ा दिया है.
सरकार ने बनाई इमरजेंसी रेस्पॉन्स टीम
इसके अलावा कृषि मंत्रालय ने अपने डिजास्टर सिचुएशन रूम को इमरजेंसी रेस्पॉन्स हेडक्वार्टर में अपग्रेड किया और खेतों में ड्रोन और गाड़ियों की पेट्रोलिंग बढ़ा दी. स्वास्थ्य मंत्रालय ने खतरे में पड़े बुजुर्ग नागरिकों पर नजर रखने के लिए 24 घंटे की इमरजेंसी रेस्पॉन्स टीम बनाई. श्रम मंत्रालय शुक्रवार तक गर्मी से ज्यादा प्रभावित काम की जगहों जैसे कंस्ट्रक्शन साइट पर गहरी जांच करने और ज्यादा तापमान के दौरान काम को जरूरी तौर पर रोकने की योजना बना रही है.
भीषण गर्मी से कई लोगों की मौत
रविवार को पूरे देश में सबसे ज्यादा गर्मी की चेतावनी हटा दी गई, हालांकि कुछ इलाकों में पारा अभी भी 35 डिग्री सेल्सियस के करीब था. कोरिया डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन एजेंसी ने रविवार को गर्मी से जुड़ी बीमारियों के 203 और मामले बताए, जिससे कुल मामले 3,090 हो गए. रविवार को ऐसी बीमारियों से जुड़ी तीन और मौतें हुईं. कोरिया मौसम विज्ञान प्रशासन ने अनुमान लगाया है कि आने वाले समय में देश के ज्यादातर हिस्सों में दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा.
स्रोत- आईएएनएस
कर्नाटक के SC छात्रों के लिए केंद्र ने खोला खजाना, 3 साल में पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के लिए दिए 1178 करोड़
केंद्र सरकार की ओर से पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान कर्नाटक में अनुसूचित जाति (एससी) के छात्रों के लिए 'केंद्र प्रायोजित पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना' के तहत लाभार्थियों को कुल 1,178.20 करोड़ रुपए का केंद्रीय हिस्सा जारी किया गया.
राज्यमंत्री अठावले ने दी जानकारी
सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि कर्नाटक में एससी छात्रों के लिए पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम के तहत लाभार्थियों को जारी किया गया केंद्रीय हिस्सा 2023-24 में 421.08 करोड़ रुपए, 2024-25 में 422.90 करोड़ रुपए और 2025-26 में 334.22 करोड़ रुपए था. तीन वित्तीय वर्षों में कुल मिलाकर 1,178.20 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं.
2021-22 से मिल रहा लाभ
सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग, राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन के माध्यम से अनुसूचित जाति (एसी) के छात्रों के लिए पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम को केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में लागू करता है. यह योजना 2021-22 से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) मोड के माध्यम से लागू की जा रही है. इस योजना के तहत स्कॉलरशिप का केंद्रीय हिस्सा जारी करना इस बात पर निर्भर करता है कि राज्य सरकारें और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासन नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर भुगतान का अंतिम रूप से सत्यापित डेटा साझा करें. यह योजना पूरे भारत में मान्यता प्राप्त संस्थानों के सभी पात्र छात्रों के लिए खुली और मांग आधारित है.
नुसूचित जातियों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए जारी किया फंड
अनुसूचित जातियों के लिए विकास कार्य योजना (डीएपीएससी) के बारे में सरकार ने बताया है कि नीति आयोग ने 2017 में डीएपीएससी के तहत फंड तय करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे. इन दिशानिर्देशों के अनुसार, प्रत्येक संबंधित मंत्रालय या विभाग अपनी योजनाओं के माध्यम से अनुसूचित जातियों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए डीएपीएससी के तहत फंड आवंटित करता है.
इन योजनाओं को संबंधित मंत्रालयों या विभागों की ओर से लागू किया जाता है, जबकि कर्नाटक सहित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को फंड का आवंटन संबंधित मंत्रालयों या विभागों द्वारा उनकी योजनाओं के दिशानिर्देशों के अनुसार किया जाता है. आवंटित फंड केंद्रीय बजट के व्यय विवरण के स्टेटमेंट 10ए में दिखाए जाते हैं.
सरकार की ओर से जवाब में कर्नाटक में पात्र अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए मांग-आधारित तंत्र और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर-आधारित डिलीवरी सिस्टम के माध्यम से स्कॉलरशिप सहायता के कार्यान्वयन का जिक्र किया गया है.
स्रोत- आईएएनएस
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