आशा भोंसले का वो 'गोल्डन' संघर्ष: जब लता दीदी के रिजेक्टेड गानों ने बदली तकदीर! ठुकराए हुए सुरों से बदला म्यूजिक का ग्रामर
इंडियन म्यूजिक की अमर पहचान आशा भोंसले का जाना न केवल एक युग का अंत है, बल्कि कला के उस शिखर का शून्य हो जाना है जिसे भर पाना नामुमकिन है. आशा भोसले का नाम भारतीय प्लेबैक सिंगिंग के इतिहास में एक ऐसी योद्धा के तौर पर दर्ज है, जिन्होंने न सिर्फ अपनी मशहूर बहन लता मंगेशकर की परछाई से लड़कर अपनी पहचान बनाई, बल्कि इंडस्ट्री की उस सोच को भी तोड़ा जो उन्हें सेकंड ग्रेड सिंगर मानती थी. कहा जाता है कि शुरुआत में आशा जी को सिर्फ वही गाने ऑफर होते थे जिन्हें लता दीदी या गीता दत्त रिजेक्ट कर देती थीं. हालांकि, अपनी बेमिसाल मेहनत और अपनी आवाज की जादुई फ्लेक्सिबिलिटी से उन्होंने उन रिजेक्ट किए गए गानों को अपनी सबसे बड़ी पहचान बना लिया. कंपोजर ओपी नैयर के साथ उनके कोलेबोरेशन ने म्यूजिक का ग्रामर बदल दिया और यह साबित कर दिया कि एक आर्टिस्ट की असली कामयाबी उसके पक्के इरादे और जुनून में होती है.
कंपनी बोली 400 KM, पर सड़क पर इतना ही चल सकी इलेक्ट्रिक कार! नई EV खरीदने से पहले जानिए 'रियल-वर्ल्ड रेंज' की सच्चाई
क्या आपकी इलेक्ट्रिक कार सच में उतनी चलती है जितना कंपनी दावा करती है? हकीकत जानकर आप चौंक सकते हैं. EV की रियल-वर्ल्ड रेंज अक्सर 25-35% तक कम होती है. आखिर ऐसा क्यों होता है और सही रेंज का अंदाजा कैसे लगाएं? इस रिपोर्ट में जानिए आसान कैलकुलेशन, असली कारण और ऐसे स्मार्ट टिप्स जो आपकी EV की रेंज बढ़ा सकते हैं.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18

















.jpg)




