चीन ने डॉल्फिन तूफान के दस्तक से पहले 1400 उड़ानें रद्द, लोगों को सुरक्षित जगह भेजने का आदेश
चीन के घनी आबादी वाले पूर्वी तट पर रविवार को टाइफून डॉल्फिन के पहुंचने की आशंका के मद्देनजर करीब 1400 उड़ानें रद्द कर दी गईं. लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है और अधिकारियों ने सर्वोच्च स्तर का अलर्ट जारी किया है.
सरकारी ब्रॉडकास्टर चाइना सेंट्रल टेलीविजन (सीसीटीवी) के अनुसार, रविवार को शंघाई आने-जाने वाली लगभग 1,400 उड़ानें रद्द की गईं. रिपोर्ट में कहा गया कि पास के झेजियांग प्रांत में स्थित हांगझोउ हवाई अड्डे से भी 270 आने-जाने वाली उड़ानें रद्द हुईं.
ओकिनावा में सात लोग घायल
तूफान डॉल्फिन की वजह से पिछले दिनों जापान के ओकिनावा में भारी बारिश हुई थी. रविवार देर रात या सोमवार सुबह झेजियांग या उसके पड़ोसी प्रांत फुजियान में दस्तक देने की संभावना है. सरकार के अनुसार, ओकिनावा में सात लोगों को मामूली चोटें आईं, जिसमें 100 साल से ज्यादा उम्र का एक आदमी भी शामिल है, जो तेज हवाओं की चपेट में आकर जमीन पर गिर गया और उसका सिर फट गया. क्षेत्रीय यूटिलिटी ओकिनावा इलेक्ट्रिक पावर के अनुसार, रविवार दोपहर तक ओकिनावा में 5,290 घरों में बिजली नहीं थी.
ताइवान में रविवार को तूफान की वजह से द्वीप के उत्तर में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की वजह से दर्जनों फेरी सर्विस रोक दी गईं और 180 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल कर दी गईं. चीन के नेशनल मौसम विज्ञान केंद्र (एनएमसी) ने रविवार सुबह रेड टाइफून अलर्ट जारी किया, जिसमें सेंट्रल और ईस्टर्न झेजियांग के कुछ इलाकों में बहुत ज्यादा मूसलाधार बारिश का अनुमान लगाया गया है. रेड टाइफून अलर्ट तूफान की सबसे गंभीर चेतावनी है.
200 से ज्यादा फेरी रूट पर सर्विस रोकी
एनएमसी ने कहा कि शंघाई और फुजियान, अनहुई और जिआंग्सू प्रांतों के कुछ हिस्सों में सोमवार दोपहर तक भारी बारिश होने की भी उम्मीद है. टाइफून डॉल्फिन के जमीन पर आने के बाद इसके कमजोर होने की उम्मीद है और यह पूर्वी चीन में उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा. न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने बताया कि फुजियान में तूफान के आने से पहले शनिवार शाम को लगभग 99,000 लोगों को खतरे वाले इलाकों से दूसरी जगह ले जाया गया था. सिन्हुआ ने कहा कि झेजियांग और फुजियान में 200 से ज्यादा फेरी रूट पर सर्विस रोक दी गई हैं.
सिन्हुआ ने बताया कि शुक्रवार सुबह तक 474 कंस्ट्रक्शन जहाजों को पोर्ट पर बुला लिया गया, जबकि ऑफशोर प्रोजेक्ट्स पर काम रोक दिया गया था. यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रविवार को प्रभावित इलाकों में कुछ ट्रेन सेवाएं भी रोक दी गईं.
चीन में टाइफून डॉल्फिन के आने से दो हफ्ते पहले दक्षिणी ग्वांगडोंग प्रांत में टाइफून नौल आया था, जिसे उस समय अधिकारियों ने इस साल चीन में आया सबसे ताकतवर तूफान बताया था. चीन पहुंचने से पहले फिलीपींस में टाइफून नौल से तीन लोगों की मौत हो गई थी और सैकड़ों घरों को नुकसान पहुंचा था.
--आईएएनएस
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मेटा को भारतीय कानूनों का करना होगा पालन, केवल उनकी वैश्विक नीतियां पर्याप्त नहीं : सरकारी सूत्र
नई दिल्ली, 9 अगस्त (आईएएनएस)। मेटा के प्लेटफॉर्म्स को भारतीय कानूनों और नियमों का पालन करते हुए काम करना होगा और कंपनी के साथ हाल की बातचीत का मकसद यह पक्का करना था कि उसकी नीतियां और कंटेंट मॉडरेशन के तरीके देश के कानूनी ढांचे के मुताबिक हों, न कि सिर्फ कंपनी के ग्लोबल स्टैंडर्ड्स के अनुसार। यह बयान सरकारी सूत्रों ने रविवार को दिया।
सरकारी सूत्रों ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि यह कहना तथ्यों के हिसाब से गलत होगा कि केंद्र ने मेटा को अपने रिकमेंडेशन एल्गोरिदम में पूरी तरह से बदलाव करने का निर्देश दिया है।
इसके बजाय, चल रही बातचीत का मकसद यह पक्का करना रहा है कि कंपनी की कंटेंट पॉलिसी, नियमों को लागू करने के तरीके और प्लेटफॉर्म गवर्नेंस भारतीय कानूनी जरूरतों के मुताबिक हों।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार की एक मुख्य चिंता यह है कि देश के बाहर काम करने वाली टीमों को भारत की सांस्कृतिक और भाषाई विविधता की कम समझ है।
अधिकारियों का कहना है कि कंटेंट मॉडरेशन से जुड़े फैसलों को ज्यादा असरदार और सटीक बनाने के लिए मेटा को बेहतर स्थानीय जानकारी की जरूरत है, जिसमें भारतीय भाषाओं और सांस्कृतिक बारीकियों की बेहतर समझ शामिल है।
सरकार ने बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम) पर भी कड़ा रुख अपनाया है और फिर से कहा है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ऐसे कंटेंट के लिए कोई जगह नहीं है।
सूत्रों ने बताया कि सीएसएएम का होना लागू नियमों का गंभीर उल्लंघन है और उम्मीद है कि मेटा ऐसे मटीरियल का पता लगाने और उसे हटाने के लिए ज्यादा मजबूत और सक्रिय सुरक्षा उपाय लागू करेगा।
अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की जरूरत होगी।
बातचीत में डीपफेक कंटेंट का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। सरकारी सूत्रों ने कहा कि अधिकृत या वेरिफाइड अकाउंट से पब्लिश किए गए कंटेंट को ऑटोमेटेड सिस्टम के जरिए गलती से डीपफेक नहीं माना जाना चाहिए।
ऐसे मामलों की संवेदनशीलता को देखते हुए, अधिकारियों ने ह्यूमन-इन-द-लूप रिव्यू प्रोसेस की वकालत की, ताकि यह पक्का किया जा सके कि कंटेंट को हटाने का फैसला लेने से पहले उसकी ठीक से जांच हो।
सरकार ने सिंथेटिक रूप से बनाए गए कंटेंट के बारे में भी चिंता जताई, जो डीपफेक के तौर पर पहचाने और हटाए जाने के बाद भी प्लेटफॉर्म पर दोबारा दिखाई देता है।
सूत्रों ने बताया कि मेटा से उन उपायों के बारे में बताने को कहा गया है जो वह ऐसे कंटेंट को हटाए जाने के बाद दोबारा आने और दोबारा शेयर होने से रोकने के लिए अपना रहा है।
--आईएएनएस
एबीएस
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