Explainer: ईरान को शिपिंग का कंट्रोल देने वाली होर्मुज डील का क्या मतलब होगा?
Explainer: मध्य पूर्व में जारी तनाव का असर पूरी दुनिया में देखने को मिला है. इस तनाव में अब सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा होर्मुज जलडमरूमध्य को खुलवाना हो गया है. जिसके लिए ईरान और ओमान के बीच बातचीत चल रही है. ईरान और ओमान के बीच प्रस्तावित समझौते से ईरान को खाड़ी में आने वाले जहाजों पर नियंत्रण मिल सकता है. हालांकि वाशिंगटन ने कहा है कि वह इस बड़ी रियायत को स्वीकार नहीं करेगा, क्योंकि होर्मुज पर जहाजों के निकलने पर शुक्ल और एक्सेस से जुड़े मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं.
ट्रंप नहीं चाहते ईरान का हो होर्मुज पर कब्जा
अगर किसी डील से ईरान को इस होर्मूज जलडमरूमध्य से होने वाली शिपिंग पर काफी कंट्रोल मिलता है, तो ऑयल मार्केट इसे मिले-जुले संकेत के तौर पर देख सकते हैं. इससे तुरंत युद्ध का खतरा तो कम होगा, लेकिन टैंकरों के आने-जाने के लिए फीस और एक्सेस की शर्तों से जुड़ा एक नया और कम जाना-पहचाना खतरा भी पैदा हो सकता है. ऐसी खबरें हैं कि इलाके के सूत्र ट्रंप के जल्द डील होने के दावे का विरोध कर रहे हैं; इससे पता चलता है कि मार्केट को मामले के सुलझने की उम्मीद करने के बजाय, फिर से रास्ता खुलने की बात को सावधानी से लेना चाहिए.
होर्मुज पर नियंत्रण पर शुल्क वसूल सकता है ईरान
अगर ईरान को होर्मुज पर कब्जा मिला तो ईरान के कार्गो की कीमत पर 5 से 7 फीसदी शुल्क वसूलने की संभावना है, जो ओमान की लगभग 3 प्रतिशत से कहीं ज्यादा है. ऐसे में तनाव कम होने के बाद भी गल्फ शिपिंग की लागत बढ़ सकती है. अमेरिका के हमले रोकने के बाद पिछले कुछ दिनों में कच्चे तेल की कीमतें गिरी हैं लेकिन पिछले दो दिनों से इनमें थोड़ा सा उछाल भी आया है. वहीं अगर बातचीत रुकती है तो बाजार में फिर से उतार-चढ़ाव आ सकता है. होर्मुज समझौते की चर्चा के पीछे एक बहुत मुश्किल सवाल है ये है कि क्या वॉशिंगटन इस बात को मंजूर करेगा कि दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग (चोकपॉइंट) का कंट्रोल ईरान के पास हो?
होर्मुज पर ईरान का कब्जा अब तक की सबसे बड़ी राहत
मीडिया रिपोर्ट्रस के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के बीच पांच महीने से चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए एक प्रस्तावित समझौते के तहत तेहरान को होर्मुज जलडमरूमध्य से फारस की खाड़ी में प्रवेश करने वाले जहाजों पर नियंत्रण मिल सकता है. यह इस संघर्ष से ईरान को मिलने वाली अब तक की सबसे महत्वपूर्ण रियायतों में से एक होगी. इसे समझने के लिए वैश्विक ऊर्जा बाजारों में इस जलडमरूमध्य की भूमिका और किसी समझौते तक पहुंचने के लिए दोनों पक्षों द्वारा अपनाई जा रही कूटनीतिक सावधानी को समझना आवश्यक है.
क्यों सभी के लिए अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?
बता दें कि होर्मुज जलडमरूमध्य एक संकरा जलमार्ग है जो खाड़ी को खुले समुद्र से जोड़ता है, और युद्ध से पहले यह सभी जहाजों के लिए बिना किसी शुल्क के खुला रहता था. यह वैश्विक ऊर्जा व्यापार के केंद्र में स्थित है और खाड़ी के उत्पादकों से तेल और गैस के निर्यात के लिए मुख्य मार्ग के रूप में कार्य करता है. इसलिए, इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों का निरीक्षण करने, उनसे शुल्क लेने या अन्यथा उन्हें नियंत्रित करने का अधिकार हमेशा केवल एक लॉजिस्टिकल विवरण से कहीं अधिक महत्वपूर्ण रहा है. यह वास्तव में विश्व अर्थव्यवस्था की एक महत्वपूर्ण धमनी पर नियंत्रण है.
ईरान को मिल सकता है होर्मुज पर नियंत्रण
ईरानी सूत्र और क्षेत्रीय अधिकारियों के मुताबिक, ईरान और ओमान के बीच चर्चा के तहत एक समझौते के मसौदे में ईरान को खाड़ी में जाने वाले जहाजों पर अधिकार मिल सकता है; ये दोनों देश क्रमशः जलडमरूमध्य के उत्तरी और दक्षिणी चैनलों को नियंत्रित करते हैं. ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने न्यूज एजेंसी IRNA को बताया कि ओमान के साथ बातचीत "बुनियादी समझ" तक पहुंच गई है और इस व्यवस्था को इस तरह से तैयार किया गया है कि वाणिज्यिक जहाज आने और जाने, दोनों समय ईरानी क्षेत्रीय जल से गुजरेंगे. उन्होंने कहा कि प्रगति "अंतिम रूप दिए जाने के कगार पर" है.
हालांकि ये सब अमेरिका के रुख के साथ मेल नहीं खाता है. क्योंकि वाशिंगटन बार-बार कहता रहा है कि वह कभी भी इस बात से सहमत नहीं होगा कि ईरान जलडमरूमध्य तक पहुंच को नियंत्रित करे. हालांकि अमेरिका की ओर से अभी तक कोई टिप्पणी नहीं आई है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने कुछ दिन पहले कहा था कि समझौता जल्द ही होने वाला है, लेकिन क्षेत्रीय और ईरानी सूत्रों ने चेतावनी दी है कि महत्वपूर्ण विवरण अभी भी अनसुलझे हैं और इस विचार का खंडन किया कि समझौता निकट है. एक क्षेत्रीय सूत्र ने बताया कि ईरानी नियंत्रण के किसी न किसी रूप पर रियायत पहले ही दी जा चुकी है, लेकिन उस नियंत्रण की सटीक परिभाषा पर अभी भी बातचीत चल रही है, जिसमें यह भी शामिल है कि क्या क्षेत्रीय देश जहाज निरीक्षण की निगरानी करेंगे और क्या कोई शुल्क स्वैच्छिक होगा.
ईरान के लिए पैसा एक अहम मुद्दा
ईरान के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि तेहरान इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के कार्गो की कीमत का 5 प्रतिशत से 7 प्रतिशत हिस्सा फीस के तौर पर चाहता है, जबकि ओमान लगभग 3 प्रतिशथ की कम दर पर बातचीत कर रहा है. वहीं, वॉशिंगटन चाहता है कि होर्जमु से गुजरने वाले जहाजों से कोई शुल्क न लिया जाए.
इसके दांव-पेच सिर्फ शिपिंग की अर्थव्यवस्था से कहीं ज़्यादा बड़े हैं. अगर ईरान को इस जलडमरूमध्य पर काफी अधिकार देने वाला कोई समझौता होता है, तो यह क्षेत्र में शक्ति संतुलन को तेहरान के पक्ष में काफी हद तक बदल देगा, खासकर इसलिए क्योंकि यह युद्ध फरवरी के आखिर में अमेरिका और इज़राइल ने शुरू किया था.
अब तक 3400 लोगों की जा चुकी है जान
संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान में 3,400 से ज्यादा मौतें हुई हैं, जबकि अमेरिका के 18 सैनिक मारे गए हैं. साथ ही, ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी सहयोगियों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले जारी रखे हैं और बिना इजाजत जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों को भी निशाना बनाया है. तेहरान ने खाड़ी देशों को अलग से चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी सेना ईरानी इलाके पर दोबारा हमला करती है, तो वे क्षेत्र के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर जवाबी हमला करेंगे; खाड़ी क्षेत्र के एक सूत्र ने बताया कि यह चेतावनी बिल्कुल साफ और दो-टूक थी.
चीन ने डॉल्फिन तूफान के दस्तक से पहले 1400 उड़ानें रद्द, लोगों को सुरक्षित जगह भेजने का आदेश
चीन के घनी आबादी वाले पूर्वी तट पर रविवार को टाइफून डॉल्फिन के पहुंचने की आशंका के मद्देनजर करीब 1400 उड़ानें रद्द कर दी गईं. लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है और अधिकारियों ने सर्वोच्च स्तर का अलर्ट जारी किया है.
सरकारी ब्रॉडकास्टर चाइना सेंट्रल टेलीविजन (सीसीटीवी) के अनुसार, रविवार को शंघाई आने-जाने वाली लगभग 1,400 उड़ानें रद्द की गईं. रिपोर्ट में कहा गया कि पास के झेजियांग प्रांत में स्थित हांगझोउ हवाई अड्डे से भी 270 आने-जाने वाली उड़ानें रद्द हुईं.
ओकिनावा में सात लोग घायल
तूफान डॉल्फिन की वजह से पिछले दिनों जापान के ओकिनावा में भारी बारिश हुई थी. रविवार देर रात या सोमवार सुबह झेजियांग या उसके पड़ोसी प्रांत फुजियान में दस्तक देने की संभावना है. सरकार के अनुसार, ओकिनावा में सात लोगों को मामूली चोटें आईं, जिसमें 100 साल से ज्यादा उम्र का एक आदमी भी शामिल है, जो तेज हवाओं की चपेट में आकर जमीन पर गिर गया और उसका सिर फट गया. क्षेत्रीय यूटिलिटी ओकिनावा इलेक्ट्रिक पावर के अनुसार, रविवार दोपहर तक ओकिनावा में 5,290 घरों में बिजली नहीं थी.
ताइवान में रविवार को तूफान की वजह से द्वीप के उत्तर में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की वजह से दर्जनों फेरी सर्विस रोक दी गईं और 180 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल कर दी गईं. चीन के नेशनल मौसम विज्ञान केंद्र (एनएमसी) ने रविवार सुबह रेड टाइफून अलर्ट जारी किया, जिसमें सेंट्रल और ईस्टर्न झेजियांग के कुछ इलाकों में बहुत ज्यादा मूसलाधार बारिश का अनुमान लगाया गया है. रेड टाइफून अलर्ट तूफान की सबसे गंभीर चेतावनी है.
200 से ज्यादा फेरी रूट पर सर्विस रोकी
एनएमसी ने कहा कि शंघाई और फुजियान, अनहुई और जिआंग्सू प्रांतों के कुछ हिस्सों में सोमवार दोपहर तक भारी बारिश होने की भी उम्मीद है. टाइफून डॉल्फिन के जमीन पर आने के बाद इसके कमजोर होने की उम्मीद है और यह पूर्वी चीन में उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा. न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने बताया कि फुजियान में तूफान के आने से पहले शनिवार शाम को लगभग 99,000 लोगों को खतरे वाले इलाकों से दूसरी जगह ले जाया गया था. सिन्हुआ ने कहा कि झेजियांग और फुजियान में 200 से ज्यादा फेरी रूट पर सर्विस रोक दी गई हैं.
सिन्हुआ ने बताया कि शुक्रवार सुबह तक 474 कंस्ट्रक्शन जहाजों को पोर्ट पर बुला लिया गया, जबकि ऑफशोर प्रोजेक्ट्स पर काम रोक दिया गया था. यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रविवार को प्रभावित इलाकों में कुछ ट्रेन सेवाएं भी रोक दी गईं.
चीन में टाइफून डॉल्फिन के आने से दो हफ्ते पहले दक्षिणी ग्वांगडोंग प्रांत में टाइफून नौल आया था, जिसे उस समय अधिकारियों ने इस साल चीन में आया सबसे ताकतवर तूफान बताया था. चीन पहुंचने से पहले फिलीपींस में टाइफून नौल से तीन लोगों की मौत हो गई थी और सैकड़ों घरों को नुकसान पहुंचा था.
--आईएएनएस
DISCLAIMER: समरी और सबहेड के अलावा, पूरी खबर IANS न्यूज फीड से ली गई है. न्यूजनेशन खबर में किए गए किसी भी डेटा और फैक्ट्स की पुष्टि नहीं करता है.
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