Satyanashi Vegetable Recipe: नागौर में पाई जाने वाली जंगली सब्जी सत्यानाशी स्वाद और सेहत दोनों के लिए फायदेमंद मानी जाती है. गांवों में इसके कोमल पत्ते, फूल और डंठल से पारंपरिक तरीके से सब्जी बनाई जाती है, जिसका स्वाद सरसों के साग जैसा होता है. यह कम खर्च में तैयार होने वाली देसी डिश है, जो शरीर को पोषण देती है. सही तरीके से साफ कर और पकाकर इसकी कड़वाहट कम की जाती है. यह सब्जी आज भी ग्रामीण इलाकों में पसंद की जाती है.
Sweet Mango Pickle: धूप में तैयार मीठा आम का अचार पारंपरिक भारतीय स्वाद का अनोखा उदाहरण है. यह प्राकृतिक तरीके से पकता है, जिसमें आम की ताजगी और खट्टा-मीठा संतुलन बना रहता है.
Ajinkya rahene fined: आईपीएल 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान अजिंक्य रहाणे के लिए चेन्नई की रात भारी साबित हुई। टीम को चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा तो दूसरी ओर रहाणे पर स्लो ओवर रेट के चलते 12 लाख का जुर्माना भी लगा।
यह मुकाबला एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला गया था, जहां कोलकाता की टीम तय वक्त में अपने ओवर पूरे नहीं कर पाई। आईपीएल आचार संहिता के तहत यह केकेआर का इस सीजन का पहला ऐसा उल्लंघन था, इसलिए सजा सिर्फ कप्तान रहाणे तक सीमित रही। टीम के अन्य खिलाड़ियों पर कोई जुर्माना नहीं लगाया गया। हालांकि, जुर्माने से ज्यादा चर्चा टीम के प्रदर्शन को लेकर हो रही।
रहाणे पर लगा जुर्माना कोलकाता नाइट राइडर्स को इस मैच में 32 रन से हार झेलनी पड़ी, जो इस सीजन में उनकी चौथी हार है। लगातार खराब प्रदर्शन के कारण टीम पॉइंट्स टेबल में नीचे खिसकती जा रही और कप्तान रहाणे की रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं।
केकेआर की सीजन की चौथी हार मैच की बात करें तो चेन्नई ने शुरुआत से ही दबाव बना लिया था। पावरप्ले में ही मजबूत शुरुआत कर ली,जिसके बाद केकेआर मैच में कभी वापसी नहीं कर पाया। गेंदबाजी में बदलाव, फील्ड प्लेसमेंट और मैच के दौरान फैसलों को लेकर रहाणे की कप्तानी पर क्रिकेट एक्सपर्ट्स और फैंस दोनों ही सवाल उठा रहे।
इस सीजन में आईपीएल ने धीमी ओवर रेट के नियमों में बदलाव किया है। अब बार-बार गलती करने पर कप्तान पर मैच बैन नहीं लगाया जाएगा,बल्कि जुर्माने और अन्य सजा के जरिए कार्रवाई होगी। ऐसे में रहाणे फिलहाल बड़ी सजा से बच गए हैं, लेकिन अगर आगे भी ऐसी गलती दोहराई जाती है तो इससे उनकी छवि और टीम दोनों को नुकसान हो सकता है।
अब केकेआर के सामने सबसे बड़ी चुनौती वापसी की है। टीम को जीत की पटरी पर लौटना होगा, वहीं रहाणे को भी अपनी कप्तानी से आलोचकों को जवाब देना होगा। टूर्नामेंट आगे बढ़ने के साथ दबाव बढ़ता जा रहा है और अगर जल्द सुधार नहीं हुआ, तो केकेआर के लिए प्लेऑफ की राह मुश्किल हो सकती है।