समंदर में छिड़ेगा 'टोल वॉर'? ट्रंप की नाकेबंदी से बदला वर्ल्ड ट्रेड का नक्शा, मंदी का बड़ा खतरा
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को ब्लॉक करके समुद्री रास्तों को एक घातक हथियार के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है. अब तक ईरान इसी रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर भारी-भरकम टोल लगाकर मोटी कमाई कर रहा था और इसी पैसे के दम पर वह जंगी मैदान में टिका हुआ था. लेकिन अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की इस ताकत को खत्म करने की ठान ली है. अमेरिका ने अपनी शक्तिशाली नेवी की बदौलत होर्मुज की नाकेबंदी कर दी है, जिससे ईरान का एकाधिकार खत्म हो रहा है.
ट्रंप की बारूदी चाल और टोल का खेल
दरअसल, ट्रंप भी अब उसी पुरानी रणनीति पर चल रहे हैं जो एक सदी पहले अमेरिकी नौसेना अधिकारी अल्फ्रेड थायर ने दी थी. उनका मानना था कि समुद्री शक्ति और व्यापारिक रास्तों पर कब्जा ही दुनिया की महान शक्तियों का भविष्य तय करेगा. ट्रंप ने होर्मुज की नाकेबंदी कर अपने तेवर साफ कर दिए हैं. अमेरिका न सिर्फ ईरान की कमाई रोकना चाहता है, बल्कि खुद भी इस रणनीतिक रास्ते से फायदा उठाने की फिराक में है. लेकिन इस बारूदी चाल ने दुनिया के अन्य समुद्री रास्तों पर भी खतरे की घंटी बजा दी है.
दुनिया के अन्य रास्तों पर मंडराया खतरा
होर्मुज में जो कुछ हो रहा है, उससे कई देशों की टेंशन बढ़ गई है. दुनिया का करीब 80 पर्सेंट व्यापार समुद्र के जरिए होता है. अगर होर्मुज की देखा-देखी अन्य बड़े समुद्री रास्तों पर भी देशों ने टोल वसूलना शुरू कर दिया, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी. स्वेज नहर और पनामा स्ट्रेट में पहले से ही टोल लिया जाता है, लेकिन अब आशंका है कि वहां भी कीमतें बढ़ाई जा सकती हैं. सबसे बड़ा खतरा 'स्ट्रेट ऑफ मलक्का' पर है, जो इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर के बीच स्थित है.
एशिया और चीन के लिए बड़ी चुनौती
स्ट्रेट ऑफ मलक्का लगभग 900 किलोमीटर लंबा है और कुछ जगहों पर इसकी चौड़ाई 3 किलोमीटर से भी कम है. दुनिया का 40 पर्सेंट ग्लोबल ट्रेड और चीन का 80 पर्सेंट तेल यहीं से गुजरता है. अगर इन देशों ने भी टोल लगाना शुरू किया, तो एशिया का पूरा व्यापार प्रभावित होगा. यही वजह है कि चीन इस इलाके में अमेरिका की दखलंदाजी से बौखलाया हुआ है और लगातार चेतावनी दे रहा है. चीन के रक्षा मंत्री ने भी साफ किया है कि वे इस क्षेत्र में किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेंगे.
अन्य चोक पॉइंट्स पर भी होगी वसूली?
दुनिया में कई ऐसे पॉइंट हैं जहां टोल लगने से व्यापार महंगा हो जाएगा. यमन और जिबूती के बीच 'बाब अल-मंडेब' पर पहले से ही युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं. इसके अलावा स्पेन और मोरक्को के बीच 'स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर' पर टोल लगा तो यूरोप-अफ्रीका का ट्रेड महंगा होगा. तुर्की ब्लैक सी के रास्ते पर टोल लगाकर मोटी कमाई कर सकता है, जबकि डेनमार्क 'डेनिश स्ट्रेट' से बाल्टिक सागर जाने वाले जहाजों को रोक सकता है. सबसे व्यस्त शिपिंग लेन 'इंग्लिश चैनल' पर यूके और फ्रांस की मनमानी बढ़ सकती है.
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा बुरा असर
डिफेंस एक्सपर्ट पीके सहगल का मानना है कि अगर हर चोक पॉइंट पर ऐसा ही सीन रहा, तो व्यापार करना बहुत महंगा हो जाएगा. इससे दुनिया दो खेमों में बंट जाएगी और छोटे-छोटे देश भी बड़ी ताकतों को ब्लैकमेल करने लगेंगे. इसका सबसे ज्यादा बोझ आम आदमी की जेब पर पड़ेगा क्योंकि हर सामान की कीमत कई गुना बढ़ जाएगी. फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या होर्मुज का रास्ता जंग से खुलेगा या बातचीत से, हालांकि अभी शांति के आसार बेहद कम नजर आ रहे हैं. 22 अप्रैल तक का समय बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि तब तक के लिए एक नाजुक युद्धविराम लागू है.
ये भी पढ़ें- वैश्विक तनाव के बीच आईएमईसी हो सकता है भारत के लिए सुरक्षा और आर्थिक मजबूती का नया रास्ता: रिपोर्ट
शी चिनफिंग ने स्पेन के प्रधानमंत्री से मुलाकात की
बीजिंग, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने चीन की आधिकारिक यात्रा पर आए स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज से पेइचिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल्स में मुलाकात की।
शी चिनफिंग ने कहा कि जटिल और अस्थिर अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद, चीन-स्पेन सम्बंधों में निरंतर विकास हुआ है और एक रणनीतिक रूप से मजबूत सम्बंध स्थापित हुआ है। तथ्यों से यह सिद्ध होता है कि सहयोग को गहरा करना दोनों देशों के लोगों के हित में है, समय की मांग के अनुरूप है और स्वतंत्र मार्ग अपनाने के लिए दोनों पक्षों के आत्मविश्वास और शक्ति को बढ़ाता है। दोनों पक्षों को अपनी-अपनी विदेश नीतियों में चीन-स्पेन सम्बंधों के विकास को सर्वोपरि रखना चाहिए और राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा में एक-दूसरे का समर्थन करना चाहिए। चीन अपने दीर्घकालिक रणनीतिक लक्ष्यों को अपने चरणबद्ध उद्देश्यों के साथ एकीकृत करता है और पीढ़ी दर पीढ़ी धैर्यपूर्वक पंचवर्षीय योजनाओं का निर्माण और कार्यान्वयन करता है। दोनों पक्षों को अवसरों का लाभ उठाना चाहिए, संयुक्त रूप से नवोन्मेषी विकास को आगे बढ़ाना चाहिए, व्यापार, नई ऊर्जा और कुशल अर्थव्यवस्था में सहयोग को मजबूत करना चाहिए, सांस्कृतिक, शैक्षिक, वैज्ञानिक अनुसंधान और खेल आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करना चाहिए और दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देना चाहिए ताकि अधिक परिणाम प्राप्त हो सकें और दोनों देशों के लोगों को अधिक लाभ मिल सके।
सांचेज़ ने कहा कि स्पेन में चीनी निवेश और सहयोग ने स्पेन के आर्थिक विकास को प्रभावी ढंग से बढ़ावा दिया है। स्पेन एक-चीन सिद्धांत का दृढ़ता से पालन करता है, एक प्रमुख शक्ति के रूप में चीन की स्थिति को अत्यधिक महत्व देता है और चीन के साथ एक रणनीतिक रूप से सुदृढ़ साझेदारी विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। स्पेन व्यापार, निवेश, नई ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने और लोगों के बीच आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की आशा करता है। जटिल और चुनौतीपूर्ण अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों तथा लगातार होने वाले संघर्षों के बीच, केवल बहुपक्षवाद को कायम रखकर और बहुध्रुवीय विश्व को बढ़ावा देकर ही मानवता के लिए स्थायी शांति प्राप्त की जा सकती है।
स्पेन राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तावित चार वैश्विक पहलों का सक्रिय रूप से समर्थन करता है और अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीति, व्यापार संरक्षणवाद और जलवायु परिवर्तन से सम्बंधित चुनौतियों का संयुक्त रूप से समाधान करने तथा अंतरराष्ट्रीय कानून और बहुपक्षवाद को कायम रखने के लिए चीन के साथ घनिष्ठ संचार और सहयोग बनाए रखने के लिए तत्पर है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
एबीएम/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation






















