'जय श्री राम' का पोस्टर दिखाओ और क्लिनिक की फीस में 1000 रुपये की भारी छूट पाओ
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक डॉक्टर का वीडियो बहुत तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इंटरनेट पर नई बहस छेड़ दी है. इस वीडियो में एक डॉक्टर यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि जो भी मरीज उनके क्लिनिक में 'जय श्री राम' का क्यूआर पोस्टर या कोई भी पोस्टर दिखाएगा, उसे इलाज की फीस में सीधा डिसकाउंट दिया जाएगा. डॉक्टर की इस अनोखी पहल को लेकर लोग दो गुटों में बंट गए हैं, जहां कुछ लोग इसकी खूब तारीफ कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे अलग नजरिए से देख रहे हैं.
पहले 500 अब 1000 रुपये की मिलेगी छूट
वायरल वीडियो में नजर आ रहे डॉक्टर का नाम पीएके हजरा है और वह पश्चिम बंगाल के रहने वाले बताए जा रहे हैं. डॉक्टर हजरा ने वीडियो में साफ तौर पर कहा कि वह पहले इस तरह के पोस्टर दिखाने पर मरीजों को 500 रुपये की छूट दे रहे थे, लेकिन अब उन्होंने इस राशि को बढ़ा दिया है. अब उनके क्लिनिक पर आने वाले मरीजों को 1000 रुपये का डिसकाउंट दिया जाएगा. उनके इस फैसले से गरीब और जरूरतमंद मरीजों को काफी मदद मिलने की उम्मीद है.
देश के अन्य डॉक्टरों से भी की अपील
वीडियो के दौरान डॉक्टर पीएके हजरा ने केवल अपने क्लिनिक तक ही बात सीमित नहीं रखी. उन्होंने पूरे भारत के डॉक्टरों से एक खास अपील भी की है. उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि देशभर के अन्य डॉक्टर भी इसी तरह की कोई पहल शुरू करें. डॉक्टर का कहना है कि अगर सभी डॉक्टर मिलकर इस तरह के कदम उठाते हैं, तो देश के बहुत सारे लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी राहत मिल सकेगी.
???? KOLKATA DOCTOR : Each patient who chants “Jai Shri Ram” will get an instant ₹500 discount in my clinic
— News Algebra (@NewsAlgebraIND) April 14, 2026
"My consultation fee earlier was ₹2000 in my clinic"
"First, I reduced it to ₹1500 to help people"
"Now, I have decided to reduce it further"
"Now, anyone who chants… pic.twitter.com/GVT22hD3v2
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर डॉक्टर हजरा छाए हुए हैं. फेसबुक, एक्स (पहले ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर इस वीडियो को हजारों बार शेयर किया जा चुका है. जहां एक तरफ लोग इसे डॉक्टर की दरियादिली और धर्म के प्रति आस्था से जोड़कर देख रहे हैं और उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोगों ने इस तरीके पर अपनी असहमति भी जताई है. फिलहाल यह वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है और डॉक्टर का यह ऑफर सुर्खियां बटोर रहा है.
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नोएडा श्रमिक आंदोलन का कंपनी के परिचालन पर कोई असर नहीं : मदरसन ग्रुप
नई दिल्ली, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। ऑटो पार्ट्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी समवर्धन मदरसन इंटरनेशनल लिमिटेड समूह ने कहा कि वेतन संबंधी मुद्दों को लेकर नोएडा में श्रमिकों के हिंसक विरोध प्रदर्शन के बावजूद, उनके संचालन पर काफी हद तक कोई असर नहीं पड़ा है।
एक संयुक्त बयान में, मदरसन सुमी वायरिंग इंडिया लिमिटेड और समवर्धन मदरसन ऑटोमोटिव सिस्टम्स ग्रुप ने कहा कि व्यापारिक गतिविधियों पर कोई खास असर नहीं पड़ा है, हालांकि नोएडा के कुछ हिस्सों में अशांति के कारण आगजनी और तोड़फोड़ की कुछ घटनाएं हुई हैं।
कंपनियों ने विरोध प्रदर्शनों का कारण वेतन संशोधन से संबंधित गलत सूचनाओं को बताया और अपने कर्मचारियों को इस आंदोलन से अलग करने की कोशिश की।
कंपनी ने अपने नियामक दस्तावेज में कहा, यह एक व्यापक श्रम मुद्दा है जो नोएडा और कुछ अन्य शहरों के कई उद्योगों को प्रभावित कर रहा है, और वेतन संशोधन के बारे में फैलाई जा रही गलत सूचनाओं के कारण उत्पन्न हुआ है।
कंपनी ने आगे कहा,हमारी गतिविधियां सभी लागू कानूनों के अनुरूप हैं और कंपनी पर इसका कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ा है।
नोएडा के दो प्रमुख औद्योगिक केंद्रों, सेक्टर 62 और सेक्टर 84 में समूह की इकाइयों के पास विरोध प्रदर्शन की खबरें आई हैं।
कंपनियों ने दावा किया कि कामकाज सामान्य रूप से चल रहा है, लेकिन सूत्रों ने संकेत दिया कि एहतियात के तौर पर कुछ इकाइयां एक-दो दिन के लिए बंद रह सकती हैं।
हालांकि, कंपनियों ने यह पुष्टि नहीं की कि उनके कर्मचारी सीधे तौर पर विरोध प्रदर्शन में शामिल थे या नहीं।
बयान में कहा गया, “हमारा कामकाज सभी लागू कानूनों के अनुरूप है और कंपनी पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा है। हमारे कर्मचारियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारी उद्योग के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके।”
अशांति के बीच, उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी श्रेणियों के श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी में अंतरिम वृद्धि की घोषणा की।
1 अप्रैल, 2026 से लागू होने वाली संशोधित मजदूरी से अकुशल, अर्ध-कुशल और कुशल श्रमिकों को लाभ होगा।
सरकार के अनुसार, नोएडा और गाजियाबाद के श्रमिकों को सबसे अधिक 21 प्रतिशत की वृद्धि मिलेगी, जबकि अन्य नगर निगम क्षेत्रों के श्रमिकों को लगभग 15 प्रतिशत की वृद्धि मिलेगी।
राज्य सरकार ने सोशल मीडिया पर चल रही उन अफवाहों को भी खारिज कर दिया है जिनमें 20,000 रुपए के एकसमान न्यूनतम वेतन की बात कही गई थी। सरकार ने इन अफवाहों को भ्रामक बताते हुए स्पष्ट किया कि राज्यव्यापी स्तर पर ऐसा कोई वेतन निर्धारित नहीं किया गया है।
सरकार ने आगे कहा कि संशोधित अंतरिम वेतन में मूल वेतन और महंगाई भत्ता दोनों शामिल होंगे, जो विभिन्न जिला श्रेणियों में भिन्न-भिन्न होंगे।
--आईएएनएस
एबीएस/
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