नोएडा श्रमिक आंदोलन का कंपनी के परिचालन पर कोई असर नहीं : मदरसन ग्रुप
नई दिल्ली, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। ऑटो पार्ट्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी समवर्धन मदरसन इंटरनेशनल लिमिटेड समूह ने कहा कि वेतन संबंधी मुद्दों को लेकर नोएडा में श्रमिकों के हिंसक विरोध प्रदर्शन के बावजूद, उनके संचालन पर काफी हद तक कोई असर नहीं पड़ा है।
एक संयुक्त बयान में, मदरसन सुमी वायरिंग इंडिया लिमिटेड और समवर्धन मदरसन ऑटोमोटिव सिस्टम्स ग्रुप ने कहा कि व्यापारिक गतिविधियों पर कोई खास असर नहीं पड़ा है, हालांकि नोएडा के कुछ हिस्सों में अशांति के कारण आगजनी और तोड़फोड़ की कुछ घटनाएं हुई हैं।
कंपनियों ने विरोध प्रदर्शनों का कारण वेतन संशोधन से संबंधित गलत सूचनाओं को बताया और अपने कर्मचारियों को इस आंदोलन से अलग करने की कोशिश की।
कंपनी ने अपने नियामक दस्तावेज में कहा, यह एक व्यापक श्रम मुद्दा है जो नोएडा और कुछ अन्य शहरों के कई उद्योगों को प्रभावित कर रहा है, और वेतन संशोधन के बारे में फैलाई जा रही गलत सूचनाओं के कारण उत्पन्न हुआ है।
कंपनी ने आगे कहा,हमारी गतिविधियां सभी लागू कानूनों के अनुरूप हैं और कंपनी पर इसका कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ा है।
नोएडा के दो प्रमुख औद्योगिक केंद्रों, सेक्टर 62 और सेक्टर 84 में समूह की इकाइयों के पास विरोध प्रदर्शन की खबरें आई हैं।
कंपनियों ने दावा किया कि कामकाज सामान्य रूप से चल रहा है, लेकिन सूत्रों ने संकेत दिया कि एहतियात के तौर पर कुछ इकाइयां एक-दो दिन के लिए बंद रह सकती हैं।
हालांकि, कंपनियों ने यह पुष्टि नहीं की कि उनके कर्मचारी सीधे तौर पर विरोध प्रदर्शन में शामिल थे या नहीं।
बयान में कहा गया, “हमारा कामकाज सभी लागू कानूनों के अनुरूप है और कंपनी पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा है। हमारे कर्मचारियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारी उद्योग के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके।”
अशांति के बीच, उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी श्रेणियों के श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी में अंतरिम वृद्धि की घोषणा की।
1 अप्रैल, 2026 से लागू होने वाली संशोधित मजदूरी से अकुशल, अर्ध-कुशल और कुशल श्रमिकों को लाभ होगा।
सरकार के अनुसार, नोएडा और गाजियाबाद के श्रमिकों को सबसे अधिक 21 प्रतिशत की वृद्धि मिलेगी, जबकि अन्य नगर निगम क्षेत्रों के श्रमिकों को लगभग 15 प्रतिशत की वृद्धि मिलेगी।
राज्य सरकार ने सोशल मीडिया पर चल रही उन अफवाहों को भी खारिज कर दिया है जिनमें 20,000 रुपए के एकसमान न्यूनतम वेतन की बात कही गई थी। सरकार ने इन अफवाहों को भ्रामक बताते हुए स्पष्ट किया कि राज्यव्यापी स्तर पर ऐसा कोई वेतन निर्धारित नहीं किया गया है।
सरकार ने आगे कहा कि संशोधित अंतरिम वेतन में मूल वेतन और महंगाई भत्ता दोनों शामिल होंगे, जो विभिन्न जिला श्रेणियों में भिन्न-भिन्न होंगे।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
मौजूदा हालात को ध्यान में रख इटली ने इजरायल के साथ रक्षा समझौते का ऑटो रिन्यू रोका : मेलोनी
रोम, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार ने मध्य पूर्व के मौजूदा हालात को देखते हुए इजरायल के साथ रक्षा समझौते के ऑटो रिन्यू को सस्पेंड कर दिया है।
कई इतालवी समाचार एजेंसियों ने मेलोनी के हवाले से कहा, मौजूदा हालात को देखते हुए, सरकार ने इजरायल के साथ रक्षा समझौते के रिन्यूअल पर रोक लगाने का फैसला किया है।
इस रक्षा समझौते में सैन्य उपकरणों और तकनीकी अनुसंधान का आदान-प्रदान शामिल है।
मेलोनी ने ये बयान वेरोना में एक वाइन उद्योग मेले के दौरान दिया। इस समझौते के तहत दोनों देशों के बीच सैन्य उपकरण और तकनीक पर सहयोग होता था।
ऑटो रिन्यू का मतलब किसी समझौते या सर्विस का अपने आप दोबारा चालू या आगे बढ़ जाना होता है।
न्यूज एजेंसी एएनएसए ने बताया कि पिछले हफ्ते ही इजरायल ने इटली के राजदूत को तलब किया था। इजरायली सेना द्वारा लेबनान में इतालवी यूएन शांति सैनिकों के काफिले पर चेतावनी के तौर पर गोलियों को लेकर विरोध जताया था। इस हमले में एक वाहन क्षतिग्रस्त हो गया था, लेकिन किसी को चोट नहीं आई थी।
वहीं, विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने भी बेरूत यात्रा के दौरान लेबनान में नागरिकों पर इजरायली हमलों को अस्वीकार्य करार दिया था।
प्रधानमंत्री मेलोनी की सरकार के एक वरिष्ठ सदस्य और विदेश मंत्री ताजानी सोमवार को लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन और विदेश मंत्री यूसुफ रग्गी से मिलने बेरूत गए थे।
ताजानी ने एक्स पर लिखा कि वहां नागरिकों के खिलाफ इजरायली हमले अस्वीकार्य हैं और इसलिए वो एकजुटता व्यक्त करने के लिए गए थे।
उन्होंने लेबनान और इजरायल के बीच संवाद को जरूरी बताते हुए स्थायी संघर्ष-विराम का आह्वान किया। उन्होंने कहा: गाजा जैसी हिंसा को हर कीमत पर टाला जाना चाहिए।
--आईएएनएस
केआर/
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