ईरान युद्ध के बीच अमेरिका-चीन आमने-सामने, ड्रैगन ने क्यों कहा- देंगे करारा जवाब?
चीन ने मंगलवार को अमेरिका को साफ चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को हथियार सप्लाई करने के 'मनगढ़ंत' आरोपों के आधार पर चीनी सामान पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की अपनी धमकी को अमल में लाते हैं, तो बीजिंग भी जवाबी कार्रवाई करेगा।
मार्च में म्यूचुअल फंड में जबरदस्त उछाल: बाजार की गिरावट में भी निवेशकों ने डाला भरोसा, जानें कहां सबसे ज्यादा पैसा लगा
Mutual fund inflows: मार्च महीने में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश ने जोरदार वापसी की। बाजार में उतार-चढ़ाव,बढ़ती कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक तनाव के बावजूद निवेशकों ने पीछे हटने के बजाय खरीदारी का मौका देखा। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया के आंकड़ों के मुताबिक, मार्च में इक्विटी फंड्स में कुल निवेश बढ़कर 40450 करोड़ रुपये हो गया, जो फरवरी में 25978 करोड़ रुपये था।
लार्ज कैप फंड्स में बढ़ा भरोसा
लार्ज कैप फंड्स में भी निवेश बढ़ा है। मार्च में इसमें 2998 करोड़ रुपये का इनफ्लो आया, जो फरवरी के 2112 करोड़ रुपये से ज्यादा है। इस कैटेगरी में निपॉन इंडिया लार्ज कैप फंड सबसे आगे रहा, जिसमें 1043.59 करोड़ रुपये का निवेश आया। इसके बाद आईसीसीआईसीआई प्रूडेंशियल लार्ज कैप फंड (992 करोड़) और एचडीएफसी लार्ज कैप फंड (199.56 करोड़ रुपये) रहे।
फंड्स की कैश पोजिशन से यह भी साफ है कि फंड मैनेजर रणनीति बदल रहे हैं। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल ने कैश घटाकर बाजार में निवेश बढ़ाया जबकि एचडीएफसी ने सावधानी बरतते हुए कैश थोड़ा बढ़ाया। वहीं निप्पॉन इंडिया ने कैश बढ़ाकर भविष्य के मौके के लिए तैयारी दिखाई।
मिड कैप फंड में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी
मिड कैप फंड्स में निवेश बढ़कर 6064 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो फरवरी में 4002 करोड़ रुपये था। एचडीएफसी मिडकैप फंड में सबसे ज्यादा 1475.70 करोड़ रुपये का इनफ्लो आया। इसके बाद निप्पॉन इंडिया ग्रोथ मिडकैप फंड (778 करोड़ रुपये) और एडिलवीस मिडकैप फंड (711.43 करोड़ रुपये) रहे। हालांकि, इनफ्लो बढ़ने के बावजूद कई फंड्स ने कैश होल्डिंग बढ़ाई, जिससे संकेत मिलता है कि वे जल्दबाजी में निवेश नहीं कर रहे,बल्कि सही मौके का इंतजार कर रहे हैं।
स्मॉल कैप फंड में भी जोरदार वापसी
स्मॉल कैप फंड्स में भी निवेश बढ़कर 6264 करोड़ रुपये हो गया, जो फरवरी में 3881 करोड़ रुपये था। इसमें बंधन स्मॉल कैप फंड सबसे आगे रहा, जिसमें 1571.93 करोड़ रुपये का निवेश आया। इसके बाद निप्पॉन इंडिया स्मॉल कैप फंड (646.86 करोड़ रुपये) और एचडीएफसी स्मॉल कैप फंड(634.03 करोड़ रुपये) रहे।
दिलचस्प बात यह है कि स्मॉल कैप जैसे जोखिम वाले सेगमेंट में भी निवेश बढ़ा है,जिससे निवेशकों का भरोसा साफ झलकता है। हालांकि,कई फंड्स ने कैश बढ़ाकर सतर्क रुख अपनाया है।
क्या है बड़ा संकेत?
मार्च के आंकड़े बताते हैं कि बाजार की गिरावट में भी निवेशक घबराए नहीं,बल्कि इसे अवसर के रूप में देखा। हालांकि, फंड मैनेजर अभी भी सावधानी बरत रहे हैं और धीरे-धीरे निवेश कर रहे हैं। आने वाले समय में यही रणनीति बाजार की दिशा तय कर सकती है-जहां पैसा तो रहेगा लेकिन निवेश चुनिंदा और सोच-समझकर होगा।
(प्रियंका कुमारी)
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