Hyundai Motor India को Q2 से कार निर्यात बढ़ने की उम्मीद है, 8-10% वृद्धि का जताया भरोसा
नयी दिल्ली, नौ अगस्त हुंदै मोटर इंडिया लि. (एचएमआईएल) को चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही से निर्यात कारोबार में मजबूत सुधार की उम्मीद है। कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) तरुण गर्ग ने कहा है कि प्रमुख बाजारों में मजबूत मांग और बेहतर बकाया ऑर्डर की वजह से निर्यात में तेजी आने की उम्मीद है। कंपनी के निर्यात में वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 19.6 प्रतिशत की गिरावट आई है और यह 38,708 इकाई रहा है।
पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 48,140 वाहनों का निर्यात किया था। गर्ग ने विश्लेषकों के साथ बातचीत में कहा कि पिछले वित्त वर्ष के अंत में शुरू हुए अमेरिका-ईरान संघर्ष का असर पहली तिमाही में भी पश्चिम एशिया के निर्यात पर पड़ा। इसके अलावा, जून में उत्पादन में आई अस्थायी बाधा की वजह से भी निर्यात की मात्रा प्रभावित हुई।
हालांकि, उन्होंने कहा कि कंपनी के निर्यात कारोबार की बुनियादी स्थिति मजबूत बनी हुई है। प्रमुख बाजारों में ऑर्डर का अच्छा ‘बैकलॉग’ है और ग्राहकों की मांग भी मजबूत बनी हुई है। उन्होंने कहा कि कंपनी पूरे वित्त वर्ष के लिए आठ से 10 प्रतिशत की समग्र वृद्धि के अनुमान को हासिल करने को लेकर आश्वस्त है।
उन्होंने बताया कि नई वेन्यू को विदेशी बाजारों में भी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। यह मॉडल फिलहाल 29 बाजारों में उपलब्ध है और कंपनी निकट भविष्य में इसे कुल 35 बाजारों तक पहुंचाने की योजना बना रही है। कंपनी ने वरना पीई और एक्सटर पीई की भी विदेशी बाजारों में आपूर्ति शुरू कर दी है।
एक्सटर के बाएं हाथ की ओर से चलाने वाले (एलएचडी) संस्करण को पहली बार पेश किया गया है। इसके निर्यात की शुरुआत चालू तिमाही में हुई है और तीसरी तिमाही तक इसे 13 बाजारों में पहुंचाने की योजना है। हालांकि, गर्ग ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते माल ढुलाई से जुड़ी चुनौतियां अभी बनी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि कंपनी अपने लॉजिस्टिक भागीदारों के साथ मिलकर इन चुनौतियों से निपटने के तरीके तलाश रही है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया से ऑर्डर की स्थिति में सुधार हो रहा है और जून में हुई उत्पादन संबंधी समस्या अब पीछे छूट चुकी है। कंपनी ने भी उत्पादन बढ़ाना शुरू कर दिया है।
मेक्सिको के बाजार के बारे में गर्ग ने कहा कि शुल्क से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद वहां कारोबार कायम है और कंपनी को अच्छे ऑर्डर मिल रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या कंपनी पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के 48,000 इकाई के निर्यात स्तर को फिर हासिल कर सकती है, गर्ग ने कहा कि कंपनी की आकांक्षाएं इससे भी अधिक हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाली तिमाहियों में कंपनी 48,000 इकाई से अधिक वाहनों का तिमाही निर्यात करेगी।
HUDCO का loan portfolio चालू वित्त वर्ष में 2 लाख करोड़ रुपये पार करेगा
नयी दिल्ली, नौ अगस्त सार्वजनिक क्षेत्र के अवसंरचना वित्तपोषण संस्थान हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (हुडको) को मजबूत मांग के चलते चालू वित्त वर्ष में अपने ऋण पोर्टफोलियो के दो लाख करोड़ के आंकड़े को पार करने की उम्मीद है। कंपनी की परिसंपत्तियों के विस्तार को वित्तपोषित करने के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में घरेलू और विदेशी बाजारों से कुल ₹75,000 करोड़ जुटाने की योजना है। हुडको के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) संजय कुलश्रेष्ठ ने पीटीआई-के साथ बातचीत में कहा कि इसमें से करीब ₹20,000 करोड़ रुपये की राशि पहली तिमाही में जुटाई जा चुकी है, जबकि शेष ₹55,000 करोड़ रुपये अगली तीन तिमाहियों में जुटाए जाएंगे।
घरेलू बाजार से धन जुटाने के तहत कंपनी ‘कैपिटल गेन’ बॉन्ड के जरिये ₹1,000 करोड़ तक जुटाने की योजना बना रही है। इसके अलावा धन जुटाने के लिए गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) और अन्य माध्यमों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार ने पिछले वर्ष हुडको को 54ईसी कैपिटल गेन बॉन्ड जारी करने की अनुमति दी थी।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में इन बॉन्ड के जरिये करीब ₹120 करोड़ जुटाए थे। ये बॉन्ड आयकर अधिनियम, 1961 के तहत दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर में बचत का विकल्प प्रदान करते हैं। कंपनी के ऋण वितरण की बात करें, तो हुडको ने पूरे वित्त वर्ष में ₹65,000 करोड़ के कर्ज वितरण का लक्ष्य रखा है।
अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी ने अब तक का सबसे अधिक ₹16,377 करोड़ का तिमाही ऋण वितरण किया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के ₹12,812 करोड़ से 28 प्रतिशत अधिक है। कुलश्रेष्ठ ने कहा कि वित्त वर्ष के दौरान कंपनी का ऋण पोर्टफोलियो दो लाख करोड़ से अधिक हो जाना चाहिए। वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में यह ₹1.62 लाख करोड़ था।
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