Sensex की 4 कंपनियों का Market Cap ₹1.43 लाख करोड़ बढ़ा, SBI को हुआ सबसे ज्यादा फायदा
नयी दिल्ली, नौ अगस्त सेंसेक्स की शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से चार के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह सामूहिक रूप से 1.43 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को सबसे अधिक लाभ हुआ। बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 404.53 अंक यानी 0.51 प्रतिशत बढ़ा, जबकि एनएसई का निफ्टी 187.05 अंक यानी 0.76 प्रतिशत के लाभ में रहा।
शीर्ष 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और लार्सन एंड टुब्रो के बाजार पूंजीकरण में बढ़ोतरी हुई। वहीं भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) और हिंदुस्तान यूनिलीवर के बाजार पूंजीकरण में सामूहिक रूप से 1.23 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई। समीक्षाधीन सप्ताह में भारतीय स्टेट बैंक का बाजार पूंजीकरण 63,922.03 करोड़ रुपये बढ़कर 10,11,721.84 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार मूल्यांकन 32,816.4 करोड़ रुपये बढ़कर 18,01,925.19 करोड़ रुपये रहा। वहीं टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की बाजार हैसियत 31,875.35 करोड़ रुपये बढ़कर 8,87,770.13 करोड़ रुपये रही। लार्सन एंड टुब्रो का बाजार पूंजीकरण 14,637.76 करोड़ रुपये बढ़कर 5,56,482.45 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
इस रुख के उलट एलआईसी के बाजार पूंजीकरण में 40,543.23 करोड़ रुपये की गिरावट आई और यह घटकर 4,96,891.82 करोड़ रुपये पर आ गया। बजाज फाइनेंस की बाजार हैसियत 37,168.96 करोड़ रुपये घटकर 6,73,648.55 करोड़ रुपये रह गई। एचडीएफसी बैंक का मूल्यांकन 24,183.16 करोड़ रुपये घटकर 11,27,967.47 करोड़ रुपये रह गया।
इसी तरह आईसीआईसीआई बैंक का बाजार मूल्यांकन 9,507.67 करोड़ रुपये घटकर 10,20,370.63 करोड़ रुपये रहा। भारती एयरटेल की बाजार हैसियत 7,581.65 करोड़ रुपये घटकर 12,22,423.98 करोड़ रुपये पर आ गई। हिंदुस्तान यूनिलीवर के बाजार पूंजीकरण में 4,793.16 करोड़ रुपये की गिरावट आई और यह 4,88,808.97 करोड़ रुपये पर आ गया।
बाजार पूंजीकरण के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज शीर्ष पर कायम रही। इसके बाद क्रमश: भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।
Hyundai Motor India को Q2 से कार निर्यात बढ़ने की उम्मीद है, 8-10% वृद्धि का जताया भरोसा
नयी दिल्ली, नौ अगस्त हुंदै मोटर इंडिया लि. (एचएमआईएल) को चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही से निर्यात कारोबार में मजबूत सुधार की उम्मीद है। कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) तरुण गर्ग ने कहा है कि प्रमुख बाजारों में मजबूत मांग और बेहतर बकाया ऑर्डर की वजह से निर्यात में तेजी आने की उम्मीद है। कंपनी के निर्यात में वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 19.6 प्रतिशत की गिरावट आई है और यह 38,708 इकाई रहा है।
पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 48,140 वाहनों का निर्यात किया था। गर्ग ने विश्लेषकों के साथ बातचीत में कहा कि पिछले वित्त वर्ष के अंत में शुरू हुए अमेरिका-ईरान संघर्ष का असर पहली तिमाही में भी पश्चिम एशिया के निर्यात पर पड़ा। इसके अलावा, जून में उत्पादन में आई अस्थायी बाधा की वजह से भी निर्यात की मात्रा प्रभावित हुई।
हालांकि, उन्होंने कहा कि कंपनी के निर्यात कारोबार की बुनियादी स्थिति मजबूत बनी हुई है। प्रमुख बाजारों में ऑर्डर का अच्छा ‘बैकलॉग’ है और ग्राहकों की मांग भी मजबूत बनी हुई है। उन्होंने कहा कि कंपनी पूरे वित्त वर्ष के लिए आठ से 10 प्रतिशत की समग्र वृद्धि के अनुमान को हासिल करने को लेकर आश्वस्त है।
उन्होंने बताया कि नई वेन्यू को विदेशी बाजारों में भी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। यह मॉडल फिलहाल 29 बाजारों में उपलब्ध है और कंपनी निकट भविष्य में इसे कुल 35 बाजारों तक पहुंचाने की योजना बना रही है। कंपनी ने वरना पीई और एक्सटर पीई की भी विदेशी बाजारों में आपूर्ति शुरू कर दी है।
एक्सटर के बाएं हाथ की ओर से चलाने वाले (एलएचडी) संस्करण को पहली बार पेश किया गया है। इसके निर्यात की शुरुआत चालू तिमाही में हुई है और तीसरी तिमाही तक इसे 13 बाजारों में पहुंचाने की योजना है। हालांकि, गर्ग ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते माल ढुलाई से जुड़ी चुनौतियां अभी बनी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि कंपनी अपने लॉजिस्टिक भागीदारों के साथ मिलकर इन चुनौतियों से निपटने के तरीके तलाश रही है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया से ऑर्डर की स्थिति में सुधार हो रहा है और जून में हुई उत्पादन संबंधी समस्या अब पीछे छूट चुकी है। कंपनी ने भी उत्पादन बढ़ाना शुरू कर दिया है।
मेक्सिको के बाजार के बारे में गर्ग ने कहा कि शुल्क से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद वहां कारोबार कायम है और कंपनी को अच्छे ऑर्डर मिल रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या कंपनी पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के 48,000 इकाई के निर्यात स्तर को फिर हासिल कर सकती है, गर्ग ने कहा कि कंपनी की आकांक्षाएं इससे भी अधिक हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाली तिमाहियों में कंपनी 48,000 इकाई से अधिक वाहनों का तिमाही निर्यात करेगी।
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