Sirsa के देसूजोधा गांव में Hepatitis A का प्रकोप, 100 से अधिक लोग हुए बीमार
सिरसा, आठ अगस्त हरियाणा के सिरसा जिले के देसूजोधा गांव में कथित तौर पर दूषित पेयजल की आपूर्ति के कारण हेपेटाइटिस-ए की चपेट में आने से 100 से अधिक लोग बीमार पड़ गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, दो लड़कियां की हालत गंभीर है जिन्हें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बठिंडा और दयानंद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल लुधियाना में भर्ती कराया गया है। उनकी पहचान मलकीत सिंह की 21 वर्षीय बेटी प्रभजोत और कुलदीप सिंह की 18 वर्षीय बेटी प्रीत कौर के रूप में हुई है।
जसमीत कौर, हरप्रीत कौर, गोपी, मनप्रीत कौर, राजकरण और गुरनूर समेत कई अन्य लोग सिरसा, डबवाली, बठिंडा, लुधियाना और रामा मंडी के अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। गांव के सरपंच चरनजीत सिंह और अन्य ग्रामीणों के अनुसार, नयी बिछाई गई पाइपलाइन में रिसाव होने के कारण गांव में दूषित पानी की आपूर्ति हुई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पानी की पुरानी पाइपलाइन को बदलने का काम चल रहा है और इसी दौरान पाइपलाइन में रिसाव के कारण घरों में पहुंचने वाला पेयजल दूषित हो गया।
उन्होंने बताया कि पिछले एक सप्ताह के दौरान बीमार पड़ने वाले लोगों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ती गई। बाद में चिकित्सकीय जांच में पता चला कि कई मरीज हेपेटाइटिस-ए से पीड़ित हैं। ग्रामीणों ने स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया।
स्वास्थ्य विभाग ने पिछले पांच दिन में गांव के 540 लोगों के नमूने लिए हैं। इनमें से 216 लोगों में बीमारी के संदिग्ध लक्षण पाए गए हैं, जबकि 45 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में भर्ती 45 मरीजों में दो बच्चे पांच वर्ष तक की उम्र के हैं, 26 मरीज 18 वर्ष तक की आयु के हैं और 17 मरीजों की उम्र 60 वर्ष तक है।
इनमें 30 पुरुष और 15 महिलाएं शामिल हैं। स्थिति का जायजा लेने के लिए जिला प्रशासन की एक टीम ने शनिवार को देसूजोधा गांव का दौरा किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाएगा और प्रभावित मरीजों के इलाज का खर्च प्रशासन वहन करेगा।
Prayagraj में Rahul Gandhi के संवाद कार्यक्रम के बाद छात्रों ने दी मिली-जुली प्रतिक्रिया
प्रयागराज, आठ अगस्त लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में हजारों की संख्या में छात्र शामिल हुए और कार्यक्रम संपन्न होने पर उनकी मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी कर नेट परीक्षा की तैयारी कर रहे हिमांशु त्रिपाठी ने कहा, “राहुल ने विद्यार्थियों के मुद्दे बहुत जबरदस्त ढंग से उठाए लेकिन इस बात की कोई गारंटी नहीं कि वह सत्ता में आने के बाद इनका समाधान करेंगे।” वहीं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही रश्मि यादव ने कहा कि वह राहुल गांधी के विचार इसलिए सुनने आई थीं कि उनका विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर क्या दृष्टिकोण है। उन्होंने कहा, “सभी राजनेता मंच से बात तो बड़ी बड़ी करते हैं लेकिन सरकार में आने के बाद उनकी प्राथमिकताएं बदल जाती हैं।” कार्यक्रम में छोटा बघाड़ा से आए राकेश मौर्य ने कहा, “राहुल ने अपनी बातों से सभी का दिल जीत लिया।
वास्तव में गरीब घर के बच्चे कितनी दिक्कतों से पढ़ाई पूरी करते हैं, लेकिन नौकरी मिलने का इंतजार ही करते रहते हैं।” काशी हिंदू विश्वविद्यालय से प्रयागराज आए शशि प्रकाश ने कहा, “राहुल गांधी ने आज के युवाओं की नब्ज पकड़ ली है। वह यह अच्छी तरह से समझते हैं कि आज का युवा किन समस्याओं से जूझ रहा है। जंतर मंतर की घटना के बाद राहुल के प्रति लोगों की उम्मीदें बढ़ी हैं।” राहुल गांधी ने कार्यक्रम के दौरान जहां मंच पर कई छात्र छात्राओं से उनकी समस्याएं पूछीं, वहीं मंच से दूर बैठे कई विद्यार्थियों से भी संवाद किया।
केपी ग्राउंड में कई जगह कीचड़ और पानी भरे होने के बावजूद भारी संख्या में छात्र-छात्राओं ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
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