अमेरिका-ईरान बातचीत ‘नाकाम’ नहीं, बल्कि बेनतीजा : वाइल अव्वाद
नई दिल्ली, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका-ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर समझौते के दौरान पाकिस्तान की मध्यस्थता में इस्लामाबाद में हुई बातचीत असल में नाकाम नहीं हुई है, बल्कि उसे बेनतीजा कहना ज्यादा सही होगा। यह बात रविवार को विदेश मामलों के विशेषज्ञ और वरिष्ठ पत्रकार वाइल अव्वाद ने आईएएनएस के साथ हुए एक साक्षात्कार के दौरान कही।
उनकी प्रतिक्रिया अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई ताजा बातचीत में वॉशिंगटन और तेहरान के बीच कोई समझौता नहीं हो सका।
आईएएनएस से बातचीत में अव्वाद ने कहा कि 1949 के बाद यह सबसे ऊंचे स्तर की बातचीत है, जिसमें अमेरिका के उपराष्ट्रपति खुद ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ आम मुद्दों पर चर्चा के लिए बैठे।
उन्होंने कहा, “मैं इसे असफल नहीं कहूंगा, क्योंकि न तो ईरान और न ही अमेरिका ने इसे फेल बताया है। यह बस अधूरी है। दोनों पक्ष कुछ मुद्दों पर सहमत हुए हैं। ईरान ने दस बिंदु रखे, जबकि अमेरिका ने 15 बिंदु सामने रखे।”
अव्वाद के मुताबिक, अमेरिका बातचीत में खुद को विजेता के रूप में दिखाना चाहता था। दोनों पक्ष बातचीत की मेज पर थे, लेकिन अमेरिका विजेता की तरह बात करना चाहता था। ईरान ने साफ कहा कि ‘आप यहां विजेता नहीं हैं’। इसलिए कुछ मुद्दों पर सहमति बनाने की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि सीजफायर बातचीत में तीन बड़े मुद्दे अटके हुए हैं। पहला मुद्दा परमाणु कार्यक्रम का है। ईरान पहले ही अपने सिस्टम में बदलाव कर चुका है। दूसरा मुद्दा होर्मुज स्ट्रेट का है। ईरान का कहना है कि अब हालात पहले जैसे नहीं रहे, युद्ध के बाद चीजें बदल गई हैं। तीसरा मुद्दा पूरी तरह से दुश्मनी खत्म करने का है। ईरान चाहता है कि अस्थायी नहीं, बल्कि पूरी तरह से स्थायी सीजफायर हो।
बातचीत में पाकिस्तान की भूमिका पर अव्वाद ने कहा कि वह किसी समझौते को लागू करवाने की स्थिति में नहीं है। अगर अमेरिका सच में समझौता करना चाहता है, तो उसे कई मुद्दों पर समझौता करना होगा, क्योंकि ईरान पहले ही अपने परमाणु मुद्दे पर कुछ कदम पीछे हट चुका है।
जिनेवा में अमेरिका और ईरान के बीच हुई अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता के तीसरे दौर का जिक्र करते हुए अव्वाद ने कहा, उस समय, अमेरिका को यह जानकारी दी गई थी कि ईरान अपने समृद्ध यूरेनियम के स्तर को कम करने के लिए किसी भी तरह के समझौते को तैयार है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने वापस लौटकर गलत जानकारी दी, जबकि ओमान और ब्रिटेन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने पुष्टि की थी कि बातचीत में बड़ी प्रगति हुई थी। फिर भी अमेरिका ने युद्ध का रास्ता चुना। ईरानियों के लिए यह आसान नहीं है कि एक ही लोग तीन बार धोखा खाए।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
PM Kisan: अटक सकती है आपकी राशि, 23वीं किस्त जारी होने से पहले आज ही निपटा लें ये काम
PM Kisan KYC: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की सफलता के साथ सरकार अब तक 22 किस्तें जारी कर चुकी है. पिछली 22वीं किस्त 13 मार्च 2026 को करोड़ों किसानों के खातों में सफलतापूर्वक भेजी गई थी. यह राशि साल भर में दो-दो हजार रुपये की तीन समान किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है. ये योजना भारत सरकार की सबसे बड़ी कल्याणकारी योजनाओं में से एक है, जो सीधे तौर पर देश के अन्नदाताओं को आर्थिक संबल प्रदान करती है. इसके माध्यम से करोड़ों पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है. अब किसान भाइयों की नजरें अगली यानी 23वीं किस्त पर टिकी हुई हैं.
अटक सकती है आपकी राशि
केंद्र सरकार ने 23वीं किस्त जारी करने से पहले लाभार्थियों के लिए कुछ कड़े नियम बनाए हैं. योजना में पारदर्शिता लाने और केवल पात्र किसानों तक लाभ पहुंचाने के लिए ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया गया है. सरकारी दिशा निर्देशों के मुताबिक, जिन किसानों की केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं होगी, उनके खाते में अगली किस्त का पैसा नहीं भेजा जाएगा. अक्सर देखा गया है कि जानकारी के अभाव में कई किसान अपनी पात्रता अपडेट नहीं कर पाते, जिसके कारण उनका पैसा बीच में ही अटक जाता है. अगर आप भी 23वीं किस्त का लाभ उठाना चाहते हैं, तो समय रहते अपनी केवाईसी की स्थिति जांच लें.
ऑनलाइन केवाईसी करने का तरीका
अगर आप तकनीकी रूप से थोड़े भी जागरूक हैं और आपके आधार कार्ड से मोबाइल नंबर लिंक है, तो आप खुद ही अपनी केवाईसी अपडेट कर सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले आपको पीएम किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा. वहां होम पेज पर 'ई-केवाईसी' का विकल्प दिखाई देगा, जिस पर आपको क्लिक करना है. इसके बाद अपना आधार नंबर दर्ज करें और सर्च बटन दबाएं. अब आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी प्राप्त होगा. उस ओटीपी को पोर्टल पर डालकर सबमिट करते ही आपकी केवाईसी की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी. यह तरीका पूरी तरह निशुल्क और आसान है.
ये है ऑफलाइन विकल्प
जो किसान भाई इंटरनेट का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, उनके लिए भी सरकार ने सुलभ विकल्प दिए हैं. आप अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर यानी सीएससी पर जाकर बायोमेट्रिक तरीके से अपनी केवाईसी करवा सकते हैं. वहां आपको अपने अंगूठे का निशान लगाना होगा और आपकी पहचान प्रमाणित हो जाएगी. इस प्रक्रिया के लिए अपने साथ आधार कार्ड और बैंक पासबुक की फोटोकॉपी जरूर ले जाएं. इसके अलावा, सरकार ने 'पीएम किसान मोबाइल एप' भी लॉन्च किया है. इस एप की मदद से किसान भाई चेहरे की पहचान यानी फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए भी अपनी केवाईसी घर बैठे पूरी कर सकते हैं.
इन कारणों से भी रुक सकती है किस्त
सिर्फ केवाईसी ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य तकनीकी कारणों से भी किस्त का भुगतान प्रभावित हो सकता है. सरकार अब भूमि अभिलेखों का भौतिक सत्यापन भी कड़ाई से कर रही है. अगर आपके जमीन के दस्तावेजों का सत्यापन अधूरा है, तो आपकी किस्त रोकी जा सकती है. इसके साथ ही, यह सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है कि आपका बैंक खाता आधार से लिंक हो और उसमें डीबीटी यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर की सुविधा चालू हो. कई बार आधार कार्ड और बैंक खाते में नाम की स्पेलिंग अलग होने की वजह से भी पैसा ट्रांसफर नहीं हो पाता है, इसलिए इन सभी जानकारियों का मिलान करना आवश्यक है.
समय पर कार्रवाई जरूरी
23वीं किस्त जारी होने की तारीख नजदीक आने से पहले अपनी सभी कमियां दूर कर लेना समझदारी है. आखिरी समय में अक्सर सर्वर पर लोड बढ़ जाता है, जिससे वेबसाइट चलने में दिक्कत आती है. किसान भाइयों को सलाह दी जाती है कि वे समय-समय पर योजना के पोर्टल पर जाकर अपना 'बेनिफिशियरी स्टेटस' चेक करते रहें. वहां यह जरूर देखें कि ई-केवाईसी के आगे 'यस' लिखा है या नहीं. यदि आपको किसी भी प्रकार की समस्या आती है, तो सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 155261 पर कॉल करके मदद ली जा सकती है. सही जानकारी और समय पर की गई कार्रवाई ही आपकी अगली किस्त सुनिश्चित करेगी.
यह भी पढ़ें:
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation



















